नहीं चलेगी अब दिल्ली में ब्लू लाइन. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 25 अक्टूबर 2010

नहीं चलेगी अब दिल्ली में ब्लू लाइन.

सरकार ने अगर अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया या फिर न्‍यायालय ने कोई हस्‍तक्षेप नहीं किया, तो अगले साल की शुरुआत के साथ ही ‘किलर लाइन’ के नाम से कुख्‍यात ब्‍लूलाइन की बसें राष्‍ट्रीय राजधानी की परिवहन व्‍यवस्‍था का इतिहास बन जाएंगी।

सोमवार को हुई एक महत्‍वूपर्ण बैठक में दिल्‍ली सरकार ने फैसला किया है कि राष्‍ट्रमंडल खेलों के दौरान सड़कों से हटाई गई 1600 ब्‍लूलाइन बसों को सड़क पर नहीं उतारा जाएगा। साथ ही, बाकी बची ब्‍लूलाइन बसों के परमिट का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। यानि दिसंबर में सारी ब्‍लूलाइन बसें सड़कों से गायब हो जाएंगी क्‍योंकि उनका परमिट इसी महीने खत्‍म होगा। गौरतलब है कि ब्‍लूलाइन बसों के मुद्दे पर दिल्‍ली के परिवहन मंत्री अरविंदर सिंह लवली और बस मालिकों के बीच सोमवार को ही बैठक हुई है।

दिल्‍ली सरकार ने कहा है कि राष्‍ट्रमंडल खेलों के दौरान खिलाडि़यों और अधिकारियों को ढोने के लिए प्रयोग में लाई गई 1000 बसों को दिल्‍ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बेड़े में शामिल कर लिया गया है। ब्‍लूलाइन बसों की भरपाई करने के लिए डीटीसी आने वाले दिनों में और बसों को अपने बेड़े में शामिल करेगी।

अगर ब्‍लूलाइन बसों को हटा कर दिल्‍ली सरकार उनकी जगह कोई नई व्‍यवस्‍था लाती है, डीटीसी के बेड़े में पर्याप्‍त संख्‍या में बसें शामिल करती है, तो निश्चित रूप से यह दिल्‍लीवासियों के लिए काफी सुकून भरा होगा। उन्‍हें ब्‍लूलाइन के आतंक से निजात मिल जाएगी, लेकिन अगर सरकार वैकल्पिक व्‍यवस्‍था कर पाने में नाकाम होती है, तो दिल्‍लीवासियों की मुसीबतें और ज्‍यादा बढ़ जाएंगी।

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