दोहे और उक्तियाँ !! - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 18 दिसंबर 2010

दोहे और उक्तियाँ !!


सम्पूर्ण सृष्टि में आतंरिक चेतना केवल परमपिता परमेश्वर

ही है| संतति सदैव माँ प्रकृति, जो ओम की अद्रश्य

सृजनात्मक शक्ति है, के गर्भ में निहित है| प्रकृति के

रहस्य से बाहर आने पर ही सर्व व्यापी ईश्वर आपके

सामने असीम प्रेम और ज्ञान का आश्चर्य प्रकट करता है|

(श्री परमहंस योगानंद)

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