आस्ट्रेलिया ने हनीफ से माफी मांगी. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 23 दिसंबर 2010

आस्ट्रेलिया ने हनीफ से माफी मांगी.

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भारतीय डॉक्टर मोहम्मद हनीफ से माफी मांगी है. हनीफ को आतंकवाद के आरोपों में गलत तरीके से हिरासत में रखे जाने पर ऑस्ट्रेलियाई सरकार को अफसोस है.

इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने हनीफ को अच्छा खासा मुआवजा देने की घोषणा की जिसकी रकम को सार्वजनिक नहीं किया गया है. हनीफ को 2007 में ब्रिटेन में नाकाम हमले से जुड़े गलत आरोपों में हिरासत में रखा गया. अब इस मामले में सरकार की तरफ से जारी औपचारिक माफी में कहा गया है, "ऑस्ट्रेलिया की संघीय पुलिस मानती है कि उससे गलती हुई. डॉक्टर हनीफ निर्दोष हैं. उन पर लगे आरोप सही नहीं थे. उम्मीद है कि हनीफ को दिए जाने वाले मुआवजे के बाद यह दुर्भाग्यपूर्ण अध्याय खत्म हो जाएगा और वह अपने जीवन और करियर को आगे बढ़ा पाएंगे."

इस माफी में इस बात को भी स्वीकार किया गया है कि गिरफ्तारी, आरोप लगाना, हिरासत में लेना और आखिरकार हनीफ का वीजा रद्द किए जाने की वजह से हनीफ और उनके परिवार को बहुत तकलीफें झेलनी पड़ी हैं. अटॉर्नी जनरल के दफ्तर से बुधवार को जारी इस माफी में भी मुआवजे को लेकर हुए समझौते की शर्तों को गोपनीय रखने की बात कही गई है.

हनीफ के वकील रॉड होजसन ने कहा है कि माफी से उनके मुवक्किल की बेगुनाही पर फिर से मुहर लग गई है. वह कहते हैं, "हम सरकार को बधाई देते हैं कि उसने पिछली सरकार की तरफ से हुई गलती को माना है. आम माफी मांगने और हनीफ को बेगुनाह घोषित करने पर सरकार बधाई की हकदार है. यह माफी हमारे मुवक्किल के लिए बहुत मायने रखती है."

होजसन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के लोग ही पूर्व इमिग्रेशन मंत्री केविन एंड्रयू के बारे में अपनी राय बनाएंगे. हनीफ का वीजा रद्द करने वाले एंड्रयू ने इस मामले में अपनी तरफ से माफी मांगने से इनकार किया है. होजसन का कहना है कि अपने रुख की वजह से एंड्रयू खुद को ही अलग थलग कर रहे हैं. समझौते के तहत हनीफ एंड्रयू के खिलाफ मानहानि के मुकदमे को वापस लेने पर राजी हुए हैं.

इसी हफ्ते एंड्रयू ने कहा, "मेरे खिलाफ मुकदमे को आगे नहीं बढ़ाया गया और वापस ले लिया गया. मुझे मिली कानूनी सलाह के मुताबिक यह बात पक्की थी कि मानहानि का दावा अतिउत्साह का नतीजा था जो कामयाब होने वाला नहीं था." होजसन ने बताया कि इस हफ्ते मुआवजे को लेकर बातचीत पूरी होने के बाद हनीफ का परिवार ब्रिसबन में ही है.

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