बिहार में सांध्यकालीन अदालतों के खिलाफ वकील मंगलवार को हड़ताल पर चले गए.बिहार राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष बालेश्वर प्रसाद शर्मा ने कहा कि लगभग 80,000 वकील हड़ताल में शामिल हैं. हड़ताल में पटना उच्च न्यायालय, जिला न्यायालयों एवं अनुमंडलीय अदालतों के वकील शामिल हैं. ये सभी वकील अदालती कामकाज नहीं कर रहे हैं.
शर्मा ने कहा, "वकील बिहार में सांध्यकालीन अदालतों के शुरू किए जाने के विरोध में 15 फरवरी से 21 फरवरी तक न्यायलयी कार्यो से दूर रहेंगे." शर्मा ने कहा कि अधोसंरचना के अभाव में पटना उच्च न्यायालय द्वारा शुरू की गई इस व्यवस्था का चल पाना सम्भव नहीं होगा.
बिहार के 38 जिलों में से 30 जिलों में छह दिसम्बर, 2010 से सांध्यकालीन अदालतें काम कर रही हैं. शर्मा ने कहा कि जब तक उच्च न्यायालय सांध्यकालीन अदालतों के संचालन की अधिसूचना वापस नहीं ले लेता, तब तक वकीलों का विरोध जारी रहेगा. अन्य राज्यों में सांध्यकालीन अदालतों को चलाने का प्रस्ताव वापस ले लिया गया है. यहां तक कि उड़ीसा में भी दो दिन बार काउंसिल के विरोध के कारण सांध्यकालीन अदालतें बंद कर दी गईं थीं.

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