बिहार में गृह सचिव ने कहाकि पंचायत चुनावों में नाम वापस लेना स्वाभाविक प्रक्रिया है. गृह सचिव ने शुक्रवार को कहा नक्सलियों के भय से बिहार के गया और औंरगाबाद जिलों में आगामी पंचायत चुनाव से मुखिया सहित विभिन्न पदों के प्रत्याशियों के नाम वापस लेने को अधिक तरजीह न दें.गृह सचिव ने कहा कि यह उन क्षेत्रों में भी हो रहा है, जहां माओवादियों का प्रभाव नहीं है.
औंरगाबाद और गया जिलों में कुछ पंचायतों से प्रत्याशियों के नाम वापस लेने के सवाल पर गृह सचिव आमिर सुबहानी ने संवाददाताओं से कहा पंचायत चुनावों में नाम वापस लेना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है.दो पंचायत से मुखिया पद सहित 159 प्रत्याशियों ने नाम वापस लिये है.
उल्लेखनीय है कि औरंगाबाद सहित गया जिले में नक्सलियों के भय के कारण बडी संख्या में पंचायतों में विभिन्न पदों के प्रत्याशियों द्वारा नाम वापस लेने की खबर आयी थी.
सुबहानी ने कहा कि पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों को नाम वापस लेने के लिए दबाव बनाने में नक्सली सफल नहीं हुए है. यह उन क्षेत्रों में भी हो रहा है जहां नक्सली सक्रिय नहीं है. पंचायत चुनाव संपन्न कराने में नक्सलियों की चुनौती के संबंध में पूछे जाने पर गृह सचिव ने कहा हर चुनाव अपने आप में एक चुनौती होता है. पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने कहा कि अंतर जिला और अंतर राज्य सीमाओं से भी बिहार पुलिस लगातार संपर्क में है. नक्सल प्रभावित और संवेदनशील मतदान केन्द्रों में सुरक्षा बलों की बडी संख्या में तैनाती होगी. धन, शराब और हथियारों की आवाजाही रोकने के लिए पूरी तरह चौकसी और निगरानी रखी जाएगी.

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