अपने पति किरोड़ीलाल मीणा के साथ सरकार के खिलाफ धरने पर बैठी खादी एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री गोलमा देवी साल भर पहले से ही इस्तीफा देने का दावा कर रही हैं, लेकिन आज तक न तो सरकारी गाड़ी लौटाई और न ही सरकारी बंगला खाली किया।’ यह कहना है लोकसभा में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे लक्ष्मण मीणा, भाजपा प्रत्याशी रहे रामकिशोर मीणा और पूर्व मंत्री वीरेंद्र मीणा का।
इतना ही नहीं, सचिवालय में भी नियमित मंत्री की हैसियत से आकर सरकारी काम करती रही हैं। गोलमा देवी ने शुक्रवार शाम मीडिया से बातचीत में कहा कि फिर से इस्तीफा देने के लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा है, जब भी समय मिलेगा, जाकर इस्तीफा दे देंगे। उल्लेखनीय है कि गोलमा ने 2 अप्रैल,09 को सोनिया गांधी को इस्तीफा भेजा और इसकी प्रति मुख्यमंत्री को भेजने का दावा किया गया था। यह इस्तीफा किरोड़ी के रथ को गांवों में घुसने से रोकने के किसी वक्तव्य के विरोध में दिया था।
गोलमा ने गुरुवार रात किरोड़ीलाल मीणा के साथ धरने पर बैठने के दौरान कहा कि सरकार के मंत्री और अफसर भ्रष्ट हैं, मुख्यमंत्री को ऐसे मंत्रियों और अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। गोलमा के इस वक्तव्य के बाद किरोड़ीलाल मीणा और गोलमा देवी के विरोधियों में तीखी प्रतिक्रिया हुई। इनका कहना है कि अगर सरकार में भ्रष्टाचार है और वे इस्तीफा दे चुकी हैं तो फिर गाड़ी और बंगला छोड़ क्यों नहीं देतीं।

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