पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित भारत के सबसे बुजुर्ग योग गुरु बीकेएस अयंगार ने योग गुरु के केवल नौ दिनों में ही अनशन खत्म करने पर उनकी क्षमता और मजबूती पर सवाल खड़े किए हैं और कहा है कि जो लोग कपालभाती जैसे योग आसन को ‘बेच’ रहे हैं वे पतंजलि योग को भ्रष्ट कर रहे हैं। अयंगार चीन में अपने भक्तों को योग सिखा रहे हैं। बीजिंग पोस्ट ऑफिस ने उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया है और बड़ी संख्या में चीनी नागरिक उनके योग साधना कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।
बाबा रामदेव की कई भारतीय योग गुरुओं ने भी इस बात की आलोचना की थी कि उन्होंने केवल नौ दिनों में ही अपना अनशन खत्म कर दिया, जबकि योग साधना करने वाले मानसिक और शारीरिक रूप से इतने मजबूत होते हैं कि वे कई दिनों तक बिना खाए-पिए रह सकते हैं।
अयंगार ने बाबा रामदेव का नाम नहीं लिया लेकिन साफतौर पर उनका निशाना उन्हीं की तरफ था। उन्होंने कहा कि कपालभाती को बेचने वाले योग गुरु पतंजलि योग को भ्रष्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल एक आसन कपालभाती को योग के नाम पर बेचना पूरी तरह गलत है।
अयंगार ने बाबा रामदेव का नाम नहीं लिया लेकिन साफतौर पर उनका निशाना उन्हीं की तरफ था। उन्होंने कहा कि कपालभाती को बेचने वाले योग गुरु पतंजलि योग को भ्रष्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल एक आसन कपालभाती को योग के नाम पर बेचना पूरी तरह गलत है।

3 टिप्पणियां:
योग के बिना ही गांधीजी ३० दिनों तक अनशन करते थे. ये योग गुरु कैसे हैं क्या कहें. साधारण लोग भी ८-१० दिनों का अनशन कर लेते हैं, गरीब बेचारे तो यूँ ही ८-१० दिन कि फाकाकशी कर लेते हैं.
विनोद भास्कर, मुंबई.
KYA JAMANA AA GAYA HAI....YE MEDIA JISKO CHAHE HERO BANA DE, JISKO CHAHE ZERO BANA DE, USI SHAHAR ME JAHA EK BANA 67 DINO TAK GANGA KE LIYE ANSHAN KARTE HUE JAAN DE DI, USI HOSPITAL ME JAHA BANA RAMDEO KEVAL 9 DIN ANSAN KARTE HO AC ROOM ME SWASTHYALABH KAR RAHE THE, LAGTA HAI BABA ADVANCE ME 9 DIN KA ADVANCE ME NAVRATRA ANSAN KAR RAHE THE...AISE YOG GURU KIS KAM KE JO PAISE SE YOG KO BECH RAHE HAI...DHIKKAR HAI AISE YOG GURU PER AUR MEDIA PER BI JO DHONGI LOGO KO HERO BANA DETE HAI
जो लोग कहते हैं की बाबा रामदेव ९ दिन के अनशन में थक गए वह पहले ९ महीने तक १८-२० घंटे काम करके १,००,००० km की यात्रा करके, १० करोड़ लोगों से प्रत्यक्ष मिल कर, सरकार के लाठियों की बरसात, आधी रात को अपहरण, आसूं धुएं और लात घूसों के सामने टिक कर दिखाएँ और फिर बात करें |
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