राज्य के चार हजार डॉक्टर पांच अगस्त को सामूहिक इस्तीफा देंगे। बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) के सदस्यों ने बैठक कर यह तय किया है। भासा ने राज्य सरकार पर नियमावली के प्रतिकूल कार्य करने का आरोप लगाया है। संघ के महासचिव डॉक्टर अजय कुमार सिंह ने कहा कि सरकार जब तक सेवा शर्तों में संशोधन नहीं करती है, संघ अपना निर्णय नहीं बदलेगा। जिन चिकित्सकों की सेवा दो साल से कम बची है उन्हें पदोन्नति की सूची से अलग कर दिया गया है। पदोन्नति के लिए सरकार ने असंवैधानिक तरीके से कमेटी बनाई है जिससे डॉक्टरों में असंतोष है।
बीपीएससी में फार्म भरने के लिए दो साल के अनुभव की बाध्यता पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार डॉक्टरों के साथ अन्याय कर रही है। डॉक्टर अजय कुमार सिंह ने बताया कि राज्य में 2600 नियमित चिकित्सक तथा 1400 ठेके पर बहाल चिकित्सकों को अपना त्याग पत्र तैयार करने की सूचना दे दी गई है। पांच अगस्त को सभी चिकित्सक सामूहिक रूप से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानि वीआरएस का फार्म जमा करेंगे। बैठक में सचिव डॉक्टर अरुण कुमार सिंह, उप सचिव डॉक्टर उदय प्रताप नारायण सिंह, डॉक्टर मोहम्मद सोहैल अंसारी आदि मौजूद थे।

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