बारिश की दशा के कमोबेश अच्छी स्थिति में होने के कारण किसानों ने भी अच्छी पैदावार की उम्मीद बांध ली है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष 35 लाख 50 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से अब तक पांच लाख 26 हजार 99 हेक्टेयर भूमि में धान की रोपाई कर दी गई है। पिछले एक सप्ताह से हालांकि राज्य के अधिकांश इलाकों में बारिश नहीं होने के कारण किसान एक बार फिर मायूस होने लगे हैं। लगातार दो वर्षो से सूखे की मार झेल रहे किसान एक बार फिर आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। पिछले वर्ष राज्य के सभी 38 जिलों को जबकि वर्ष 2009 में 26 जिलों को सरकार ने सूखाग्रस्त घोषित कर दिया था।
बारिश की दशा के कमोबेश अच्छी स्थिति में होने के कारण किसानों ने भी अच्छी पैदावार की उम्मीद बांध ली है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष 35 लाख 50 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से अब तक पांच लाख 26 हजार 99 हेक्टेयर भूमि में धान की रोपाई कर दी गई है। पिछले एक सप्ताह से हालांकि राज्य के अधिकांश इलाकों में बारिश नहीं होने के कारण किसान एक बार फिर मायूस होने लगे हैं। लगातार दो वर्षो से सूखे की मार झेल रहे किसान एक बार फिर आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। पिछले वर्ष राज्य के सभी 38 जिलों को जबकि वर्ष 2009 में 26 जिलों को सरकार ने सूखाग्रस्त घोषित कर दिया था।
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