राजीव गांधी के हत्यारों की दया याचिका खारिज. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 11 अगस्त 2011

राजीव गांधी के हत्यारों की दया याचिका खारिज.


राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने राजीव गांधी के तीन हत्यारों की दया याचिका खारिज कर दी है। इन तीनों की मौत की सजा की पुष्ठी सुप्रीम कोर्ट ने 2000 में की थी। सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंधित एलटीटीई के सदस्यों मुरुगन,संथन,पेरारिवलन और नलिनी को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई 1991 को श्रीपेरुमबुदुर में हत्या करने का दोषी पाए जाने पर 1999 में मौत की सजा सुनाई थी। 

राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रपति ने पिछले सप्ताह तीनों दोषियों की दया याचिका ख़ारिज कर दी थी। कोर्ट ने मुरुगन,संथन और पेरारिवलन की मौत की सजा इस मामले में एक अन्य दोषी नलिनी की मौत की सजा उम्र कैद में  बदलने के दौरन पुष्ठी की थी।
 तीनो पर आपराधिक षड्यंत्र और आत्मघाती हमले की साजिश को अंजाम देने के आरोप थे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सजा की पुष्ठी कर दिए जाने के बाद तीनों ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका पेश की थी। मामले में गृह मंत्रालय ने अपनी राय 21 जून,2005 को भेज दी थी,जिसे समीक्षा के लिए 23 फरवरी 2011 को वापस मंगाया  गया और इसे 8 मार्च को राष्ट्रपति के पास फिर से भेजा गया। इसी साल मई में राष्ट्रपति ने पंजाब के देविंदर पल सिंह भुल्लर और असम के महेंद्र नाथ दास की दया याचिकाएं गृह मंत्रालय से सिफारिशें मिलने के बाद खारिज कर दी थी।

भुल्लर को ट्रायल कोर्ट ने 25 अगस्त 2001 को, पंजाब एसएसपी सुमेध सिंह सैनी पर 1991 में और तत्कालीन युवक कांग्रेस अध्यक्ष एमएस बिट्टा पर 1993 में आतंकी हमले रचने की साजिश का दोषी पाते हुए मौत की सजा सुनाई थी। दास को हारा कांता दास की हत्या का दोषी पाया गया था।

कोई टिप्पणी नहीं: