लाहौर से एक अमेरिकी नागरिक अगवा. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 13 अगस्त 2011

लाहौर से एक अमेरिकी नागरिक अगवा.


पाकिस्‍तान में सुरक्षा के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। संदिग्‍ध तालिबानी आतंकवादियों ने आज तड़के लाहौर शहर से एक अमेरिकी नागरिक को अगवा कर लिया। वहीं ओलंपिक कमेटी ने फैसला किया है कि 2012 में लंदन में होने वाले ओलंपिक खेलों की मशाल पाकिस्‍तान नहीं जाएगी।

लाहौर में पुलिस प्रवक्‍ता ने बताया कि करीब दर्जनभर हथियारबंद लोग अमेरिकी नागरिक जे ई वार्नर के घर में तड़के घुस आए। उस समय वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी रोजे की तैयारियों में व्यस्त थे। हथियारबंद लोगों ने वहां मौजूद 4 सुरक्षाकर्मियों को अपने कब्‍जे में ले लिया। उन्‍होंने वार्नर के हाथ पैर बांधकर एक वाहन में रखा और अज्ञात जगह पर ले गए।

एक अन्‍य पुलिस अधिकारी ने नाम उजागर नहीं किए जाने की शर्त पर बताया कि इस अपहरण के पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्‍तान का हाथ हो सकता है। हालांकि अभी तक किसी संगठन ने इस अपहरण की जिम्‍मेदारी नहीं ली है। ऐसी भी आशंका है कि अपराधियों ने महज फिरौती के लिए इस घटना को अंजाम दिया हो। पाकिस्तान स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रवक्‍ता ने वार्नर के अपहरण की पुष्टि की है। 60 वर्षीय वार्नर पिछले पांच-छह वर्षों से पाकिस्तान में एक विकास परियोजना पर काम कर रहे थे। वह अपना अधिकतर समय राजधानी इस्लामाबाद में ही बिताते थे लेकिन कभी कभार लाहौर भी चले आते थे।

गौरतलब है कि पाकिस्तान में फिरौती को लेकर होने वाली अपहरण की घटनाएं आम हैं। इसके अलावा देश में अमेरिका विरोधी माहौल भी गरम है। विदेशी नागरिकों को अमूमन फिरौती के लिए होने वाले अपहरणों का शिकार नहीं बनना पड़ता लेकिन कट्टरपंथियों के निशाने पर वे हमेशा रहते हैं। पाकिस्तानी तालिबान ने जुलाई में बलूचिस्तान से स्विटजरलैंड के एक दंपति को अगवा कर लिया था।

अमेरिकी विदेश विभाग ने हाल में विदेशों में रह रहे अपने नागरिकों के लिए यात्रा अलर्ट जारी किया था। इस अलर्ट के तहत पाकिस्तान में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को खास तौर पर सावधान किया गया था। अलर्ट के मुताबिक पाकिस्‍तान में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों की फिरौती या व्‍यक्तिगत कारणों से अपहरण की आशंका है। अलर्ट में बीते जून में लाहौर में अमेरिकी नागरिक के अपहरण, 2010 में कराची में अमेरिकी बच्‍चे के अपहरण और 2009 में बलूचिस्‍तान स्थित संयुक्‍त राष्‍ट्र शरणार्थी उच्‍चायुक्‍त से जुड़े अमेरिकी नागरिक के अपहरण की घटनाओं का जिक्र किया गया था।

ओलंपिक कमेटी ने पाकिस्‍तान में ओलंपिक की मशाल नहीं ले जाने के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है। शांति, एकता और मैत्री के प्रतीक इस मशाल को दुनियाभर की 8000 हस्तियां अपने हाथ में लेकर दौड़ेंगी। ‘द एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून’ के मुताबिक पाकिस्‍तानी ओलंपिक कमेटी के सचिव ने भी इस रिपोर्ट की पुष्टि की है कि इस बार ओलंपिक की मशाल पाकिस्‍तान होकर नहीं गुजरेगी। लंदन में अगले साल होने वाले ओलंपिक खेलों की इस मशाल का डिजाइन लंदन के ही एडवर्ड बार्बर और जे ऑस्‍गर्बी ने तैयार किया है। 

कोई टिप्पणी नहीं: