अन्‍ना हजारे को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 17 अक्टूबर 2011

अन्‍ना हजारे को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस.

भ्रष्‍टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ने वाले गांधीवादी कार्यकर्ता अन्‍ना हजारे को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। अदालत ने यह नोटिस हिंद स्‍वराज ट्रस्‍ट में वित्‍तीय गड़बड़ी के मामले में जारी किया गया है। अदालत ने इस मामले में केंद्र, महाराष्‍ट्र सरकार और सीबीआई को भी नोटिस दिया है। एमएल शर्मा नामक वकील ने जनहित याचिका दायर की थी जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने नोटिस जारी किया है। 

अन्‍ना हजारे के ट्रस्‍ट में वि‍त्‍तीय गड़बड़ी की सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह नोटिस जारी किया है। सुप्रीम ने यह याचिका मंजूर करते हुए पूछा है कि हिंद स्‍वराज के मामले में सीबीआई की जांच क्‍यों नहीं की जानी चाहिए। शीर्ष अदालत ने इस मामले में चार हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है।  

अन्‍ना हजारे को नोटिस जारी किए जाने पर उनकी या उनके सहयोगियों की तरफ से अभी तक कोई बयान नहीं आया है। अन्‍ना रविवार से मौन व्रत कर रहे हैं। उम्‍मीद है, वह व्रत तोड़ कर इस मामले में अपना पक्ष लोगों के सामने रख सकते हैं।  

अन्‍ना पर आरोप लगे थे कि उन्‍होंने ने अपना 61वां जन्‍मदिन मनाने के लिए ट्रस्‍ट से 2.2 लाख रुपये निकाले थे। हालांकि हजारे ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि वह जन्‍मदिन मनाने में यकीन नहीं रखते और ट्रस्‍ट की पूरी संपत्ति का ब्‍यौरा रखा जाता है। पुणे की एक अदालत ने अन्‍ना हजारे को ट्रस्‍ट की रकम के कथित हेरफेर के मामले से बीते जुलाई में ही बरी कर दिया। शिकायतकर्ता हेमंत पाटिल की ओर से मामला वापस लिए जाने के बाद हजारे को इन आरोपों से मुक्‍त कर दिया। याचिकाकर्ता ने हजारे की उम्र, उनके स्‍वास्‍थ्‍य और ‘समाज में उनके बढ़ते कद’ का हवाला देते हुए मुकदमा वापस ले लिया था जिसे 2005 में दायर किया था।

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