सीबीआई की विशेष अदालत ने 2 जी घोटाले में तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि और सांसद कनिमोड़ी समेत 8 आरोपियों की जमानत की अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट में अब 11 नवंबर से इस मामले की नियमित सुनवाई शुरू होगी।
गौरतलब है कि सीबीआई ने नरम रुख अपनाते हुए कनिमोड़ी समेत शरद कुमार, आसिफ बलवा, करीम मोरानी और राजीव अग्रवाल की जमानत का विरोध नहीं किया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से पूछा था कि कुछ लोगों की जमानत याचिका का विरोध किया जा रहा है, जबकि कुछ लोगों के मामले में नरमी क्यों बरती जा रही है। दिल्ली की पटियाला हाउस की विशेष अदालत से जमानत अर्जी रद्द होने के बाद अब आरोपियों के पास हाई कोर्ट जाने का रास्ता है।
24 अक्टूबर को पटियाला हाउस अदालत ने कनिमोड़ी समेत आठों आरोपियों की जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। इन आरोपियों में कनिमोड़ी के अलावा कलैग्नर टीवी के मैनेजिंग डायरेक्टर और कनिमोड़ी के हिस्सेदार शरद कुमार, डीबी रियल्टी ग्रुप के शाहिद बलवा, कुसेगांव फ्रूट ऐंड वेजिटेबल के हिस्सेदार आसिफ बलवा और राजीव अग्रवाल, पूर्व संचार मंत्री ए. राजा के निजी सचिव रहे आर. के. चंदोलिया, पूर्व टेलिकॉम सचिव सिद्धार्थ बेहुरा और सिनेयुग के मालिक करीम मोरानी शामिल हैं। कनिमोड़ी की जमानत अर्जी धारा 437 के तहत दाखिल की गई थी। कनिमोड़ी के वकील ने स्पेशल प्रोविजन जो कि महिला, बुजुर्ग और शारीरिक रूप से कमजोर लोगों के लिए होती है के तहत याचिका दाखिल की थी।

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