
धीरे धीरे नीतीश कुमार के दोहरे और क्षदम चरित्र सामने आने लगे हैं. बिहार के मुख्यमंत्री मायावती के छोटे राज्य का समर्थन करने की बात कही वहीँ नीतीश के उपमुख्यमंत्री ने मिथिला राज्य के मांग को अनुचित करार दिया. बिहार में नीतीश और भाजपा का शासन सिर्फ फर्जी बयान और विरोधाभाषी हो कर एक दुसरे का गलबहालिया कर बिहारी आवाम को दिक्भ्रमित करती रही है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उतर प्रदेश के मुख्यमंत्री मायावती के प्रदेश को चार भागों में बांटने के प्रस्ताव को सही कदम बताते हुए बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से छोटे राज्यों की पक्षधर रही है। पटना से अपनी सेवा यात्रा के दूसरे चरण में मुजफ्फरपुर के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वह इस प्रस्ताव का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका बस यही कहना है कि उनकी पार्टी छोटे राज्यों की पक्षधर रही है।
छोटे राज्य होने से न केवल विकास को गति मिलती है बल्कि लोगों की मूलभूत समस्याएं आसानी से सुलझायी जा सकती हैं। पेट्रोल के मूल्य कम होने के विषय पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह स्वागतयोग्य कदम है। उल्लेखनीय है कि सेवा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री 16 से 19 नवंबर तक मुजफ्फरपुर जिले में रहेंगे।
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