मुकुल रॉय होंगे नए रेल मंत्री. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 19 मार्च 2012

मुकुल रॉय होंगे नए रेल मंत्री.


पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी आखिर अपने मकसद में कामयाब हो ही गईं। पहले तो उन्होंने रेल मंत्री पद से दिनेश त्रिवेदी की छुट्टी करने और अपने करीबी मुकुल रॉय को रेल मंत्री की नई जिम्मेदारी सौंपने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मजबूर किया।

अब वह यात्री किराया वापस लेने के लिए सरकार पर दबाव बना रही हैं। खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोकसभा में त्रिवेदी के इस्तीफे की घोषणा की और साथ ही उनकी विदाई पर खेद भी जताया। बाद में ममता ने मनमोहन से भेंट कर मुकुल रॉय को नया रेल मंत्री बनाने पर मजबूर किया।

मुकुल रॉय मंगलवार को सुबह 10 बजे बतौर केंद्रीय मंत्री शपथ लेंगे। उन्हें रेल मंत्रालय का जिम्मा सौंपा जाएगा। अभी तक वह जहाजरानी राज्य मंत्री हैं। वह रेल मंत्रालय में भी राज्यमंत्री रह चुके हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें त्रिवेदी के पद छोड़ने का खेद है। उन्होंने कहा कि उन्हें त्रिवेदी का इस्तीफा रविवार देर शाम मिल गया था। उसे मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेज दिया गया है। त्रिवेदी ने विजन-2020 को आगे ले जाने के वादे के साथ रेल बजट पेश किया था, जिसे उनकी पूर्ववर्ती ममता बनर्जी ने निर्धारित किया था। इसके पहले केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सदन को बताया था कि दिनेश त्रिवेदी का इस्तीफा प्रधानमंत्री के पास विचाराधीन है।

प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद ममता ने संवाददाताओं से कहा कि यह अच्छी मुलाकात रही। रेल यात्री किराए में वृद्धि वापस लेने और मुकुल रॉय को नया रेल मंत्री बनाने का मुद्दा प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है। ममता ने कहा कि किराया बढ़ने से आम आदमी पर दबाव बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हम आम आदमी को प्रभावित नहीं करेंगे। ममता ने कहा कि उनकी पार्टी ने सरकार से कोई फायदा नहीं उठाया। केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनकी पार्टी का केवल एक ही मंत्री था जबकि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के अन्य सहयोगियों के ज्यादा मंत्री हैं। ममता रविवार को दिल्ली पहुंची थीं। प्रधानमंत्री से मुलाकात के अलावा उन्होंने पार्टी संसदीय दल की बैठक में भी हिस्सा लिया।

रेल बजट में यात्री किराया बढ़ाए जाने के बाद से ही ममता त्रिवेदी से नाराज थीं। ममता ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर त्रिवेदी को पद से हटाने और मुकुल रॉय को उनके स्थान पर लाने की मांग भी की थी। लेकिन त्रिवेदी के तेवर लगातार बगावती बने रहे। रविवार को भी उन्होंने कहा था कि वह किसी की जागीर नहीं हैं।

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