नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि यह नगर निकाय चुनाव है और इसकी किसी अन्य बात से तुलना नहीं की जा सकती।
दिल्ली के तीनों निगमों में बीजेपी के हाथों अपनी पार्टी की हार पर दीक्षित ने कहा, ' यह मेरा चुनाव नहीं था। यह एमसीडी चुनाव था।' उन्होंने कहा, 'जब हमारे (विधानसभा) चुनाव आएंगे तब हम देखेंगे। यदि कोई कमियां हैं तो हम उसे सुधारेंगे। हमने संख्याबल में सुधार किया है। आगे भी सुधारजनक कदम उठाए जाएंगे।'
शीला के मुताबिक हार की सबसे बड़ी वजह महंगाई रही। शीला ने कहा कि कांग्रेस महंगाई के मुद्दे को समझ नहीं पाई। शीला ने चुनाव में अन्ना फैक्टर के असर को सिरे से नकार दिया। शीला के मुताबिक MCD के तीन हिस्से होने से जनता को फायदा होगा और MCD को संभालना भी आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महंगाई के मुद्दे को ठीक से समझ नहीं पाई। उन्होंने कहा कि अब जो एमसीडी चुनकर आई है, वो दो हफ्ते में महंगाई को काबू में लाकर दिखाए। उनका बयान पूर्वी दिल्ली के सांसद और उनके बेटे संदीप दीक्षित के उस बयान के विपरीत है जिसमें टूजी जैसे घोटालो औऱ लोगों और सरकार के बीच दूरी को हार के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।
वैसे मंगलवार को एमसीडी चुनाव के रिजल्ट पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि हर चुनाव में विजेता और पराजित दोनों होते हैं और हर किसी को उसे गरिमामय ढंग से स्वीकार करना चाहिए।
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