दोहे और उक्तियाँ !! - Live Aaryaavart

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बुधवार, 29 अगस्त 2012

दोहे और उक्तियाँ !!

माया तो ठगनी भई, ठगत फिरै सब देस । 
जा ठग ने ठगनी ठगी, ता ठग को आदेश । 
-कबीर- 

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