शरणार्थियों को घर लौटने में समय लगेगा. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 13 अगस्त 2012

शरणार्थियों को घर लौटने में समय लगेगा.


यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को कहा है कि असम शरणार्थियों के घर लौटने में अभी थोड़ा समय लगेगा. संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज कहा कि निचले असम में हाल में हिंसा से प्रभावित शरणार्थियों को घर लौटने की खातिर स्थिति शांत होने के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा.

गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और असम के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई के साथ पहुंची सोनिया ने तितागुड़ी राहत शिविर के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘सभी शरणार्थी वापस घर लौटना चाहते हैं लेकिन स्थिति को शांत होने में थोड़ा वक्त लगेगा. सोनिया ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘‘भावनाओं के शांत होने पर मुख्यमंत्री और अन्य सुनिश्चित करेंगे कि वे घर लौट सकें .’’

सोनिया ने कहा कि उन्होंने शरणार्थियों से पूछा कि क्या शिविर में उन्हें कोई समस्या आ रही है या कोई शिकायत है लेकिन उन्होंने कहा कि कोई समस्या नहीं है. गुवाहाटी से यहां हेलीकाप्टर से पहुंचीं सोनिया ने कहा, ‘‘शरणार्थियों ने कहा कि उन्हें नियमित रूप से राशन मिल रहा है. केवल दो बच्चे बीमार हैं और चिकित्सक उनका इलाज करेंगे.’’उनके साथ असम प्रदेश कांग्रेस प्रमुख भुवनेर कलिता, बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद् के प्रमुख हगरामा मोहिलारी और राज्य के मंत्री भी थे.

शिंदे और सोनिया संकटग्रस्त कोकराझार और धुबरी जिलों के एकदिवसीय दौरे पर आई हैं. वे दोनों जिलों में एक..एक राहत शिविर का दौरा करेंगे और मुख्यमंत्री के साथ स्थिति की समीक्षा करेंगे. बोडो और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच झड़पें थम जाने के बाद हुई ताजा झड़पों में अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है. राज्य के 11 जिलों के करीब 500 गांवों में हिंसा फैल चुकी है. और प्रदेश में अब तक 1.50 लाख लोग घर छोड़कर भाग चुके हैं.19 जुलाई से शुरू हुई इस सामुदायिक हिंसा को रोकने के लिए केन्द्र सरकार ने अर्धसैनिक बल के 1500 और जवानों को वहां भेजा है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई को हिंसा पर नियंत्रण के लिए हरसंभव प्रयास करने का निर्देश दिया है.

1 टिप्पणी:

Haresh Kumar ने कहा…

देश को बांग्लादेशी घुसपैठियों से छुटकारा कब मिलेगी? आखिर, वोट बैंक के नाम पर कब तक देश की अस्मिता से खिलवाड़ होता रहेगा?