पीड़िता ने लगाई पुलिस उपमहानिरीक्षक से न्याय की गुहार
गौनाहा प्रखण्ड के सहोदरा थानाक्षेत्र के परसौनी निवासी मुर्तुजा शेख की पुत्री भुट्ठी खातून उर्फ नाज प्रवीण ने अपने चचेरे भाई पर शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक संबंध बनाने और गर्भवती होने के बाद गर्भपात करवाने उसके बाद पिता से दो लाख रूपये बतौर दहेज लेने के उपरान्त शादी से इनकार करने का मामला सहोदरा थाना में दर्ज कराया है। इस बाबत सहोदरा थाना काण्ड संख्या 68/12 दफा 341,323,376,313,504 और आर्म्स एक्ट 34 के अनुसंधान अधिकारी धर्मराज उपाध्याय बनाए गये है, हालाकि इस संबंध में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मेरे द्वारा मुकदमा करने के बाद मेंरे पिता पर ऐ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया है, उस मुकदमें में मेरे पिता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापामारी कर रहंी है लेकिन मेरे द्वारा दर्ज काण्ड संख्या 68 /12 में कोई गिरफ्तारी नही की जा रही है । बाध्य होकर पीड़िता ने पुलिस उपमहानिरीक्षक बेतिया से आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है कि शेख मुस्तफा वन तस्कर है तथा उनका पुत्र शेख कासीम ने मझसे शादी का प्रलोभन देकर यौन शोषण कियां।
कालाबाजारो की चांदी गरीब अंधेरे में
प्रखण्ड क्षेत्र में इन दिनों किरासन तेल की कालाबाजारी जोरो पर है। एक ओर जहाँ गरीबों की झोपड़ी को जगमगाने ाला किरोसिन अॅयल , इन दिनों अमीरो व कालाबाजारियों के महलो की शोभा बढा रहीं है। तेल की कालाबाजारी के कारण गरीबों को कम मूल्य की बजाए मजबूरी में उॅंची कीमतो पर खरीदनी पड़ती है। जहाँ मिट्टी तेल के कालाबाजारी चाँदी काट रहें है वही गरीबो का शोषण हो रहा है । इसकी सूचना अधिकारियो को देने के बावजूद कालाबाजारियों पर कार्रवाई नही होने से लोगो में आक्रोश व्याप्त है। जविप्र के दूकानो में बिकने वाला मिट्ठी तेल खुलेबाजार में 40 रूपये प्रतिलीटर बेचा जा रहा है । जिसके कारण तंगहाली में जीने वाले गरीब अंधेरे में जीने को विवश है। उधर कालाबाजारी और उसे शह देने वाले अधिकारी अवैध अर्जन कर गुलछर्रे उड़ाने में व्यस्त है। ग्रामीण बताते है कि इससे जुड़ी शिकायतो पर अधिकारी कोई सार्थक पहल नहीे करते नज़र आते है।
अस्पताल प्रशासन के रवैये से मरीजो का रूख निजी अस्पतालो की ओर
राज्य सरकार व स्वास्थ्य विभाग द्वारा जहाँ करोड़ों रूपये खर्च कर आम लागो को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करा कर सरकारी अस्पताल से जोडने का प्रयास कर रही है वही नरकटियागंज प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में व्याप्त कुव्यवस्था को लेकर आम लोग सरकारी अस्पताल से दरकिनार हो निजी क्लिनीक का रूख करने लगे है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के कुव्यवस्था का आलम यह कि आउटडोर में लगे बेड पर मरीज लेटने से हिचकते हे। बेड की स्थिति दयनीय तो है ही बेडोें पर लगने वाली सतरंगी चादर भी कभी बिछी नजर नही आती है। सरकार की ओर से निःशुल्क एक्स रे सुविधा कई महत्वपूर्ण जाँच भी मरीजो को उपलब्ध है पर मरीजो को इसका लाभ नहीं मिल पाता है। विभिन्न जांच और एक्स रे के नाम पर मरीजो से 50 रूपये से लेकर 75 रूपये तक अवैध वसूले जाते हैं। इन डोर और आउटडोर की अधिकांश दवाइयां मरीजो को बाहर दूकान से खरीदने पड़ते है। प्रसव के लिए आई महिलाओ के परिजनों से अवैध वसूली कर्मियो द्वारा की जाती है। उल्लेखनीय है कि अस्पताल परिसर में करोड़ों की लागत से अनुमण्डलीय अस्पताल भवन का निर्माण तो सरकार द्वारा कराया गया है लेकिन अनुमण्डल अस्पताल को शुरू कराने की दिशा में आज तक सार्थक पहल नहीं हो पायी है। जिसके कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का संचालन अनुमण्डलीय अस्पताल भवन में किया जा रहा है। सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याण्कारी योजनओ के कारण सरकारी अस्पताल में मरीजो की संख्या में तो वृद्धि हुई है लेकिन उन्हे मूलभूत सुविधा उपलब्ध नही हो पा रहा है। सबकुछ में बदलाव की बात सरकार करती है लेकिन आभाव का दंश झेलने को आम लोग व मरीज विवश है व्यवस्था जस की तस है ऐसे में मरीजो को अनगिनत समस्याओं से जुझने की नियति बन गयी है।
नरकटियागंज बना तस्करों का सेफ जोन
नरकटियागंज अनुमण्डल क्षेत्र इन दिनों तस्करो का सेफजोन बन गया है। पुलिस प्रशासन और सीमावर्ती इलाकों मे तैनात एसएसबी के जवानो की मुस्तैदी के बावजूद सीमा क्षेत्र से तस्करी का धंधा बेखौफ जारी है। अनुमण्डल क्षेत्र के भंगहा, कंगली, इनरवा, मैनाटांड, सिकटा, बल्थर, भिखनाठोरी, सेनुअरिया, बनहवा परसा सहित सीमा के दर्जनों बॉर्डरों पर तस्करांे का नेटवर्क इतना मजबूत है कि उनके आगंे एसएसबी और स्थानीय पुलिस प्रशासन बौनी नजर आती है । जानकारो का मानना है कि सीमाइ्र इलाके में तैनात एसएसबी और पुलिस प्रशासन की शह पर ही तस्करी का धंधा परवान चढा हैं। अगर गौर करे तो जिला पदाधिकारी तक गत वर्षों तस्करी की खाद्यान्नो की तस्करी की सूचना पहुंचती है और उनके हस्तक्षेप से उन्हे बरामद किया जाता है। यदि वे हस्तक्षेप नहीं करते तो पुलिस प्रशासन व एसएसबी के जवानो की चौकसी धरी की धरी रह जाती और तस्करी का नेटवर्क खूब फलता फूलता रहता और उससे जुड़े सभी लोग मालामाल। उल्लेखनीय है कि विगत महिनो वरीय पदाधिकारीयों के निर्देश पर स्थानीय पुलिस प्रशासन ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में तस्करी के खाद्यान्न पकड़ने मे सफलता हासिल की थी । लेकिन फिर से सीमावर्ती इलाको में भारतीय खाद्यान्नो के तस्करी का धंधा बेखौफ जारी है इस बावत एसडीपीओ संजय कुमार ने बताया कि सीमावर्ती थाना कंगली, बल्थर, मैनाटांड, सिकटा, पुरूषांेत्तमपुर, सहोदरा,गौनाहा,मटियरिया समेंत अन्य थानाध्यक्षो केा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए विशेष दिशा निर्देश दिये है और समय समय पर सीमावर्ती थाना क्षेत्रों की थाना का मॉनिटरिंग स्वयं उनके द्वारा की जाती है । अगर किसी भी थाना क्षेत्र से तस्करी का मामला सामने आ जाती है तो संबंधित थाना क अधिकारियो व कर्मियो पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चार घायल
शिकारपुर थाना अन्तर्गत परसी गांव में आपसी विवाद को लेकर हुई झढ़प में दो महिला समेंत चार व्यक्ति के जख्मी हो गये। मिली जानकारी के बैरिस्टर महतो, तारा देवी, बंगाली महतांे, बयादरी देवी आपस में भिडे जिससे सभी घायल हो गये और उन्हे सरकारी अस्पताल मे भर्ती कराया गया है ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें