झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप कुमार बालमुचु ने कहा कि पार्टी आलाकमान राज्य के राजनीतिक हालात को देखते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस पूरी तरह आलाकमान के फैसले के साथ है.
बालमुचु ने गुरुवार को कहा कि हालांकि प्रदेश कांग्रेस और पार्टी के सभी विधायक राज्य में नयी राजनीतिक सरकार के गठन के पक्ष में थे. बालमुचु ने बातचीत में कहा कि प्रदेश कांग्रेस पूरी तरह से पार्टी आलाकमान के फैसले के साथ है क्योंकि उन्होंने राज्य के राजनीतिक हालात को पूरी तरह सोच समझकर ही यहां राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला किया होगा.
उन्होंने यद्यपि स्वीकार किया कि राज्य के सभी कांग्रेस विधायक यहां नयी सरकार के गठन के पक्ष में थे. उन्होंने कहा कि चूंकि फिलहाल यहां कोई भी राजनीतिक दल या समूह नयी सरकार बनाने का दावा करने की स्थिति में नहीं था लिहाजा राज्यपाल ने परिस्थितियों के अनुकूल ही यहां राष्ट्रपति शासन लगाने और विधानसभा को निलंबित करने की अनुशंसा केन्द्र सरकार को भेजी थी जिसे केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आज अपनी बैठक में स्वीकार कर लिया.
राज्य में आठ तारीख को मुंडा सरकार ने झामुमो के समर्थन वापसी से उपजी स्थिति को देखते हुए मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर राज्य विधानसभा को भंग करने की अनुशंसा कर दी थी और राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा दे दिया था. राज्य विधानसभा में भाजपा और झामुमो के 18-18 विधायक, कांग्रेस के तेरह, झारखंड विकास मोर्चा के 11, आल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के छह, राजद के पांच और जदयू के दो विधायक हैं. इनके अलावा अन्य आठ विधायक निर्दलीय अथवा बहुत छोटे दलों के हैं. राज्य विधानसभा में कुल 81 निर्वाचित और एक मनोनीत सदस्य हैं.
केन्द्र सरकार ने राज्य के राज्यपाल डा सैय्यद अहमद की शनिवार को की गयी अनुशंसा पर आज दिल्ली में हुई केन्द्रीय मंत्रिमडल की बैठक में झारखंड में विधानसभा को निलंबित रखते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला किया और इस पर राष्ट्रपति की मुहर लगाने के लिए उसे महामहिम के पास भेज दिया गया.
झारखंड मुक्ति मोर्चा राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के केन्द्रीय मंत्रिमंडल के गुरुवार के फैसले से निराश है. वहीं उसने अभी नयी सरकार के गठन की आस नहीं छोड़ी है और कहा है कि इसकी पहल अब कांग्रेस को करनी है. झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक दल के नेता और अर्जुन मुंडा सरकार के उपमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाये जाने के केन्द्र सरकार के निर्णय पर निराशा व्यक्त की और कहा कि चुनी हुई सरकार राष्ट्रपति शासन से बेहतर होती है. उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राज्य में नये राजनैतिक सरकार के गठन के लिए अपनी ओर से पहल कर दी है अब इसे मूर्त रूप देने की जिम्मेदारी कांग्रेस पर है.
सोरेन ने कहा कि झारखंड में नयी सरकार के गठन के प्रयास चल रहे थे जिसे देखते हुए ही उन्होंने अपनी पार्टी की ओर से राज्यपाल से मिलकर नयी सरकार के गठन के लिए और समय देने की मांग की थी लेकिन केन्द्र सरकार ने राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला किया जो निराशाजनक है
बीजेपी ने झारखंड में विधानसभा निलंबित रखने के केन्द्र सरकार के निर्णय को विधायकों की खरीद फरोख्त से जुड़ा हुआ बताया है. बीजेपी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने यह फैसला पर्दे के पीछे से सत्ता की चाभी अपने पास रखने के लिए किया है जिसका बीजेपी पूरे राज्य में जेल भरो आंदोलन चलाकर विरोध करेगी.
बीजेपी द्वारा राज्यपाल की विधानसभा को निलंबित रखने की अनुशंसा के खिलाफ रांची में राजभवन के सामने आयोजित विरोध प्रदर्शन में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी ने यह आरोप लगाये और घोषणा की कि भाजपा की सभी जिला इकाइयां कल राज्यपाल की इस अनुशंसा और केन्द्र सरकार के आज के फैसले के खिलाफ जेल भरो आंदोलन करेगी.
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