निर्यात में मामूली वृद्धि तथा आयात में अधिक वृद्धि के कारण देश का व्यापार घाटा जनवरी 2013 में बढ़कर लगभग 20 अरब डॉलर का हो गया। यह दूसरा सर्वाधिक मासिक व्यापार घाटा है और इससे देश के चालू खाता घाटा पर दबाव बढ़ गया है। लगातार आठ महीने तक गिरावट के बाद देश का निर्यात जनवरी 2013 में साल-दर-साल आधार पर 0.82 फीसदी वृद्धि के साथ 25.58 अरब डॉलर रहा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़े के मुताबिक जनवरी 2013 में देश का निर्यात 25.58 अरब डॉलर रहा, जो जनवरी 2012 के 25.37 अरब डॉलर निर्यात के मुकाबले 0.82 फीसदी अधिक है।
इस अवधि में आयात 45.58 अरब डॉलर का रहा, जो पिछले साल जनवरी के 42.95 अरब डॉलर आयात के मुकाबले 6.12 फीसदी अधिक है। और इसके कारण मासिक व्यापार घाटा लगभग 20 अरब डॉलर दर्ज किया गया। यह किसी भी एक महीने में दूसरा सर्वाधिक व्यापार घाटा है। पिछले साल अक्टूबर में 20.9 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हुआ था, जो भारत में किसी भी एक महीने के लिए सर्वाधिक है।
वाणिज्य सचिव एस.आर. राव ने कहा कि बढ़ता व्यापार घाटा चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पाद की बढ़ती मांग के कारण व्यापार घाटा बढ़ा। राव ने यहां संवाददाताओं से कहा, "पेट्रोलियम उत्पादों के आयात में अत्यधिक वृद्धि हुई, जो हमारे ख्याल से बिजली क्षेत्र में अतिरिक्त खपत के कारण आवश्यक था।" अप्रैल-जनवरी अवधि में कुल व्यापार घाटा 167.17 अरब डॉलर रहा। पिछले कारोबारी साल में अप्रैल-जनवरी अवधि में 154.9 अरब डॉलर का घाटा हुआ था।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने उम्मीद जताई है कि आने वाले महीनों में निर्यात बढ़ेगा और व्यापार घाटा कम होगा। शर्मा ने मुम्बई में नास्काम द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में कहा, "तेल आयात का बढ़ता आकार निश्चित रूप से चुनौती का विषय है, लेकिन एक विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जाना आवश्यक है।" तेल का आयात जनवरी 2013 में 6.91 फीसदी अधिक 15.89 अरब डॉलर रहा, जो जनवरी 2012 में 14.87 अरब डॉलर था।
अप्रैल-जनवरी अवधि में कुल तेल आयात 140.42 अरब डॉलर का रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि के 125.87 अरब डॉलर आयात से 11.56 फीसदी ज्यादा है। मौजूदा कारोबारी साल में अप्रैल से जनवरी की अवधि में देश का कुल निर्यात 239.68 अरब डॉलर रहा, जो पिछले कारोबारी साल की समान अवधि के 251.93 अरब डॉलर निर्यात के मुकाबले 4.86 फीसदी कम है।
मौजूदा कारोबारी साल में अप्रैल-जनवरी अवधि में सिर्फ दो महीने साल दर साल आधार पर निर्यात बढ़ा है। अप्रैल-जनवरी अवधि में कुल आयात 406.85 अरब डॉलर रहा, जो पिछले कारोबारी साल की समान अवधि के 406.82 अरब डॉलर आयात से 0.01 फीसदी अधिक है। सरकार ने पहले 2012-13 में निर्यात में 20 फीसदी वृद्धि का लक्ष्य रखा था। वर्ष 2011-12 में निर्यात 20.94 फीसदी वृद्धि के साथ 300 अरब डॉलर लक्ष्य से अधिक 303.71 अरब डॉलर दर्ज किया गया था।
इस अवधि में आयात 45.58 अरब डॉलर का रहा, जो पिछले साल जनवरी के 42.95 अरब डॉलर आयात के मुकाबले 6.12 फीसदी अधिक है। और इसके कारण मासिक व्यापार घाटा लगभग 20 अरब डॉलर दर्ज किया गया। यह किसी भी एक महीने में दूसरा सर्वाधिक व्यापार घाटा है। पिछले साल अक्टूबर में 20.9 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हुआ था, जो भारत में किसी भी एक महीने के लिए सर्वाधिक है।
वाणिज्य सचिव एस.आर. राव ने कहा कि बढ़ता व्यापार घाटा चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पाद की बढ़ती मांग के कारण व्यापार घाटा बढ़ा। राव ने यहां संवाददाताओं से कहा, "पेट्रोलियम उत्पादों के आयात में अत्यधिक वृद्धि हुई, जो हमारे ख्याल से बिजली क्षेत्र में अतिरिक्त खपत के कारण आवश्यक था।" अप्रैल-जनवरी अवधि में कुल व्यापार घाटा 167.17 अरब डॉलर रहा। पिछले कारोबारी साल में अप्रैल-जनवरी अवधि में 154.9 अरब डॉलर का घाटा हुआ था।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने उम्मीद जताई है कि आने वाले महीनों में निर्यात बढ़ेगा और व्यापार घाटा कम होगा। शर्मा ने मुम्बई में नास्काम द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में कहा, "तेल आयात का बढ़ता आकार निश्चित रूप से चुनौती का विषय है, लेकिन एक विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जाना आवश्यक है।" तेल का आयात जनवरी 2013 में 6.91 फीसदी अधिक 15.89 अरब डॉलर रहा, जो जनवरी 2012 में 14.87 अरब डॉलर था।
अप्रैल-जनवरी अवधि में कुल तेल आयात 140.42 अरब डॉलर का रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि के 125.87 अरब डॉलर आयात से 11.56 फीसदी ज्यादा है। मौजूदा कारोबारी साल में अप्रैल से जनवरी की अवधि में देश का कुल निर्यात 239.68 अरब डॉलर रहा, जो पिछले कारोबारी साल की समान अवधि के 251.93 अरब डॉलर निर्यात के मुकाबले 4.86 फीसदी कम है।
मौजूदा कारोबारी साल में अप्रैल-जनवरी अवधि में सिर्फ दो महीने साल दर साल आधार पर निर्यात बढ़ा है। अप्रैल-जनवरी अवधि में कुल आयात 406.85 अरब डॉलर रहा, जो पिछले कारोबारी साल की समान अवधि के 406.82 अरब डॉलर आयात से 0.01 फीसदी अधिक है। सरकार ने पहले 2012-13 में निर्यात में 20 फीसदी वृद्धि का लक्ष्य रखा था। वर्ष 2011-12 में निर्यात 20.94 फीसदी वृद्धि के साथ 300 अरब डॉलर लक्ष्य से अधिक 303.71 अरब डॉलर दर्ज किया गया था।
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