एक अधिकारी ने यहां कहा कि नक्सल प्रभावित राज्य, झारखंड में रेल यात्रियों की सुरक्षा चिंता का विषय बन गया है। नक्सली रेल पटरियों और स्टेशनों को विस्फोट कर नुकसान पहुंचा चुके हैं और राज्य में कई बार रेलगाड़ियों पर कब्जा भी जमा चुके हैं। रेलवे सूत्रों के मुताबिक राज्य से 28 रेलगाड़ियां गुजरती हैं, जिनमें से केवल चार में सुरक्षा मुहैया कराई जाती है।
पुलिस महानिदेशक जी.एस. राठी ने कहा, "हर रेलगाड़ी को सुरक्षा दस्ता मुहैया कराना संभव नहीं है। कुछ को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) द्वारा सुरक्षा दस्ता मुहैया कराया जाता है।" रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि 75 आरपीएफ कर्मियों की जरूरत के मुकाबले 48 आरपीएफ कर्मी ही उपलब्ध हैं। रांची रेलवे स्टेशन पर केवल 32 जीआरपी कर्मी हैं।
रेल यात्रा कर रहे लोग केवल नक्सलियों के ही नहीं, बल्कि अपराधियों का भी निशाना बनते हैं। एक अधिकारी ने आईएनएस को बताया, "रेल पटरियों और रेलगाड़ियों की सुरक्षा चिंता का विषय है। कई मौके पर हमने राज्य सरकार के सामने सुरक्षा का मुद्दा उठाया है।"
अधिकारी ने कहा, "जब भी नक्सली बंद का आह्वान करते हैं रेलवे को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।" सोमवार शाम खूटी जिले में रेलगाड़ी से यात्रा कर रहे एक युवक की गोली मार कर हत्या कर दी गई। झारखंड उन राज्यों में से एक है, जहां से रेलवे को अत्यधिक आय होती है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें