ग्राम बूढ़ा में लगेगा राश्ट्रीय सेवा योजना का शिविर
छतरपुर, शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, छतरपुर की एनएसएस इकाई का विशेश शिविर आगामी 9 से 15 मार्च तक ईशानगर विकासखण्ड के ग्राम बूढ़ा में आयोजित किया जायेगा। महाविद्यालय की राश्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. कुसुम कश्यप ने संबंधित अधिकारियों से शिविर में शामिल होकर मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने की अपेक्शा की है। साथ ही आमजनता एवं प्रबुद्धजनों से शिविर में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर शिविर को सफल बनाने की अपील की है।
मोतीलाल नेहरू विधि महाविद्यालय में विधिक साक्शरता एवं जागरूकता शिविर सम्पन्न
छतरपुर, जिला न्यायाधीश श्री विमल कुमार जैन के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, छतरपुर द्वारा स्थानीय पंडित मोतीलाल नेहरू विधि महाविद्यालय में नागरिकों के मूल कत्र्तव्यों एवं घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्शण विशय पर साक्शरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में न्यायाधीश नेहा श्रीवास्तव ने घरेलू हिंसा से संरक्शण अधिनियम की व्यावहारिक एवं विधिक बारीकियों को समझाया। साथ ही उन्होंने बताया कि अधिनियम के आदेशों का पालन न करने पर सजा का प्रावधान भी है। न्यायाधीश श्री जे एस श्रीवास्तव ने विधि के छात्रों की समस्याओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने मूल कत्र्तव्यों का पालन करे तो वर्तमान में व्याप्त समस्याओं में व्यापक कमी आयेगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री ए पी राहुल ने कहा कि मूल अधिकारों को हमें अपने मूल कत्र्तव्यों के साथ पढ़ना चाहिये, इससे अधिकार एवं कत्र्तव्यों में संतुलन बना रहता है। शिविर को विधि महाविद्यालय के संचालक श्री गिरी एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री अमित शर्मा ने भी संबोधित किया।
बेटी बचाओ अभिय्ाान बेटी है, तो कल है
- लखनादौन विकासखंड के ग्राम धनककडी में सूचना शिविर संपन्न
सिवनी, कलेक्टर श्री अजीत कुमार के निर्देशानुसार सरकार की विविध जनकल्य्ााणकारी य्ाोजनाओं की जानकारी देने के लिय्ो जिला जनसंपर्क विभाग द्वारा गत २७ फरवरी को जिले की लखनादौन जनपद के ग्राम धनककडी में सूचना शिविर आय्ाोजित किय्ाा गय्ाा। इस मौके पर धनककडी की ग्राम सरपंच श्रीमती वर्शा उइके, पंच श्रीमती मीनाबाई, ग्राम पंचाय्ात डुंगरिय्ाा झ्ाामरमाल के सरपंच श्री बोदीप्रसाद य्ावने, पी.सी.ओ. जनपद पंचाय्ात श्री संदीप तिवारी, उपय्ांत्र्ाी जलसंसाधन विभाग श्री एन.के. उपाध्य्ााय्ा, ग्रामीण य्ाांत्र्ािकी सेवा विभाग के उपय्ांत्र्ाी श्री एस.एस.हैदरी, महिला एवं बाल विभाग की पयर््ावेक्शक श्रीमती माय्ाा गजभिय्ो, पशु चिकित्सा विभाग के ए.व्ही.एफ.ओ. श्री आर.के.सिरसाम, क्शेत्र्ाीय्ा ग्रामीण कृशि विस्तार अधिकारी श्री के.एस.कुमरे, ग्राम सचिव श्री ए.एल. उइके सहित लखनादौन जनपद के अन्य्ा विभागों के विकासखंडस्तरीय्ा अधिकारी, कर्मचारी एवं स्थानीय्ा ग्रामीणजन उपस्थित थे। सूचना शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग की क्शेत्र्ाीय्ा पयर््ावेक्शक श्रीमती गजभिय्ो द्वारा ग्रामीणों को कुपोशण उन्मूलन के विशय्ा में विशेश जानकारी दी गई। उन्होंने ग्रामीणों को अपने ब€चों को कुपोशण मुक्त रखने के लिय्ो आवश्य्ाक उपाय्ाों की जानकारी देते हुए बताय्ाा कि माताओं को जन्म से छह माह की आय्ाु तक के ब€चें को केवल अपना दूध पिलाना चाहिय्ो। पानी, शहद आदि ऊपरी चीजों का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिय्ो। ब€चों को बीमार होने पर भी उसे स्तनपान कराना बंद न करें। ब€चों को छह माह की आय्ाु पूर्ण होने पर उसे मां के दूध के साथ-साथ अपरी आहार जैसे दाल,चावल, खीर, मसली रोटी आदि आवश्य्ाक खिलाना चाहिय्ो। छह माह से अधिक आय्ाु के ब€चें को दिन में ५ से ८ बार उपरी आहार अवश्य्ा खिलाना चाहिय्ो। माताओं को चाहिय्ो की वे प्रतिमाह आंगनवाडी केन्द्र में ब€चें का वजन कराकर ब€चें की बढत की जानकारी आवश्य्ाक प्राप्त करें। संतुलित आहार प्रदान कर पालन अपने ब€चों का कुपोशण से बचाव कर उन्हें स्वस्थ्य्ा बना सकते है। पी.सी.ओ. श्री तिवारी ने ग्रामीणों को महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी य्ाोजना के नय्ो प्रावधानों सहित नंदन फलोद्यान य्ाोजना के अद्यतन प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देकर कहा कि ग्रामीणजन सरकार की इन य्ाोजनाओं का आगे आकर भरपूर लाभ लें। कृशि अधिकारी श्री कुमरे ने शिविर में जानकारी देते हुए बताय्ाा कि सिंचाई हेतु सिं्प्रकलर, पाइप लाइन, रैनगन, डीजल विद्युत मोटर पम्प पर ५॰ प्रतिशत की छूट का प्रावधान है। साथ ही कृशकों को टेक्टर चलित य्ांत्र्ाों के अंतर्गत कल्टीवेटर एम.पी. प्लाउ, सीडरोलर, बैलचलित व हस्तचलित कृशि य्ांत्र्ाों पर २५ से ५॰ प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। किसान इसका लाभ भी ले सकते है। जनसंपर्क विभाग द्वारा ग्रामीणों को शासन की जनहितेशी य्ाोजनाओं की जानकारी से भरपूर आगे आय्ों लाभ कमाय्ो, सुशासन की नई पहल म.प्र.लोकसेवा गारंटी कानून की हैंडबुक व अन्य्ा प्रचार साहित्य्ा के अलावा मुख्य्ामंत्र्ाी तीर्थ दर्शन य्ाोजना की जानकारी वाले वाॅल कैलेण्डर भी बांटे गय्ो।
सफलता की कहानी
- कपिलधारा कूप से विरन की वीरान भूमि में आई हरिय्ााली
सिवनी, मेरे पास कृशि भूमि होने के बाद भी पानी नहीं होने से फसल की पैदावार बहुत कम हो रही थी। परन्तु महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी य्ाोजना के आने से कूप निर्माण के लिय्ो कपिल धारा य्ाोजना के अंतर्गत मेरे खेत में कूप निर्माण कायर््ा कराय्ाा गय्ाा। जिससे अब मेरी कृशि पैदावार बढी है, साथ ही मेरे कूप से आस-पास के किसानों को भी फाय्ादा हुआ है। आज मेरा परिवार पहले से बेहतर आय्ा कमा कर सुखी जीवन य्ाापन कर रहा है।€ य्ाह कहना है सिवनी जिले की धनौरा जनपद क्शेत्र्ा के ग्राम बरेली निवासी श्री विरन पिता झ्ांगलू गोंड का। श्री विरन ने वर्श २॰॰६-॰७ में रा.ग्रा.रो.गा. य्ाोजना इकाई म.प्र. के अंतर्गत ग्रा.पं. बरेली से मंजूरी मिलने पर कपिलधारा य्ाोजना से अपने खेत में कूप का निर्माण करवाय्ाा। कुल ९८ हजार रूपय्ो से हुए इस कूप निर्माण से ९७४ मानव दिवस सृजित किय्ो गय्ो। इस पक्के कूप निर्माण से पूर्व श्री विरन अपने खेत में सिंचाई के नितांत अभाव में अपनी १.७॰ हे. बंजर भूमि से साल भर में एक फसल ही ले पाते थे। इससे उनको जी-तोड मेहनत के एवज में बेहद कम आमदनी हो पाती थी। जिससे वे अपने परिवार का गुजारा कर पाने में भी असमर्थ थे। श्री विरन की भूमि पर कूप निर्माण के पश्चात उनकी जो भूमि कल तक बंजर थी, वह आज पूरी तरह सिंचित हो गई है। विरन मनरेगा स्कीम से अत्य्ांत खुश हैं, क्य्ाोंकि आज वे न केवल अपने खेत में सालाना दो फसलें ले रहें है, वरन् दूसरों के खेतों को भी सिंचाई जल मुहैय्ाा करवा रहे हैं। इस कूप निर्माण से स्वंय्ा विरन के अलावा अन्य्ा गरीब ग्रामीण मजदूरों को ९७४ दिवस का रोजगार उपलब्ध १६१ जाॅबकार्डधारी परिवारों को सीधा लाभ मिला।
महिला एवं बाल विकास में जिला कायर््ाक्रम अधिकारी व जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी के पृथक कायर््ाालय्ा बने
सिवनी २ मार्च १३/ रा€य्ा शासन द्वारा महिला एवं बाल विकास संचालनालय्ा का विभाजन कर क्रमशः एकीकृत बाल विकास सेवा संचालनालय्ा एवं महिला सशक्तिकरण संचालनालय्ा के नाम से दो पृथक-पृथक संचालनालय्ाों का गठन किय्ाा गय्ाा है। शासन के निर्देशानुसार अब जिलों में भी इन दोनों संचालनालय्ा के पृथक-पृथक कायर््ाालय्ा स्थापित हो गय्ो है। शासनादेशानुसार अब जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग में पदस्थ श्रीमती शशि श्य्ााम उईके एकीकृत बाल विकास सेवा विभाग की जिला कायर््ाक्रम अधिकारी होंगी। वहीं श्री सतीश कुमार श्रीवास्तव महिला सशक्तिकरण विभाग के जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी के नाम से जाने जाय्ोंगे। जिला कायर््ाक्रम अधिकारी जिला स्तर पर क्रमशः एकीकृत बाल विकास सेवाय्ों, सबला य्ाोजना, इंदिरा गांधी मातृत्व सहाय्ाता य्ाोजना, अटल बिहारी बाजपेय्ाी बाल आरोग्य्ा एवं पोशण मिशन तथा एकीकृत बाल विकास सेवाओं से संबंधित अन्य्ा समस्त कायर््ा संपादित करेंगे। इसी प्रकार जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी जिला स्तर पर क्रमशः लाडली लक्श्मी य्ाोजना, बेटी बचाओं अभिय्ाान, जाबाली य्ाोजना, उशा किरण य्ाोजना, आई.सी.पी.एस. य्ाोजना, अशासकीय्ा संस्थाओं को अनुदान आवंटन, रा€य्ा महिला आय्ाोग व मध्य्ाप्रदेश महिला वित्त विकास निगम, बाल संरक्शण आय्ाोग, समाज कल्य्ााण बोर्ड, महिला नीति एवं महिलाओं से संबंधित अन्य्ा समस्त कायर््ाो के संपादन के अलावा नारी निकेतन, वसति गृह, महिला उद्वार गृह, सिलाई केन्द्रों का संचालन, महिलाओं को प्रशिक्शण तथा महिला एवं बाल विकास संचालनालय्ा के वे सभी कायर््ा करेंगे जो अन्य्ा किसी संचालनालय्ा को आवंटित नहीं किय्ो गय्ो हैं।
ओला-वृश्टि से ३७ जिलों की ३.४८ लाख हेक्टेय्ार क्शेत्र्ा की फसलें प्रभावित
सिवनी, प्रदेश के राजस्व एवं पुनर्वास मंत्र्ाी श्री करण सिंह वर्मा ने ओला-पाले का मुआवजा वितरण कायर््ा तेजी से करने के निर्देश दिए हैं। फरवरी में हुई ओला-वृश्टि से प्रदेश के ३७ जिलों के ३ लाख ७२ हजार १८६ किसानों की ३.४८ लाख हे. क्शेत्र्ा में फसलें प्रभावित हुई हैं। ओला-पाला प्रभावितों को अबतक ७८ करोड की राहत राशि वितरित की जा चुकी हैं। य्ाह कायर््ा जारी है। ओले से प्रदेश के ३७ जिलों के ४॰९७ गाँव प्रभावित हुए हैं। ओला प्रभावित जिलों में जबलपुर संभाग के कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिन्दवाडा, सिवनी और डिण्डौरी शामिल है। ओला-वृश्टि और गाज गिरने से प्रभावित ८ परिवार को १२ लाख की राहत दी गई है। मालूम हो कि मुख्य्ामंत्र्ाी श्री शिवराजसिंह चौहान ने ओला प्रभावित किसानों की ऋण वसूली स्थगित रखने, उनके अल्पकालिक ऋणों को मध्य्ाकालीन ऋणों में बदलने, इस अवधि का ब्य्ााज शासन द्वारा भरने, बिजली के बिलों पर सरचार्ज माफ करने और कृशकों को फसल बीमा य्ाोजना का लाभ देने के निर्देश दिए हैं।
बैकलाॅग के पदों की भर्ती प्रक्रिय्ाा प्रारंभ चय्ान परीक्शा ११ मार्च को
सिवनी, आदिवासी विकास विभाग में अनुसूचित-जनजाति वर्ग के बैकलाॅग के अंतर्गत शीघ्रलेखक के रिक्त ४ पदों को भरे जाने की कायर््ावाही आरंभ की गई है। विभाग के अंतर्गत कायर््ारत ऐसे लिपिकीय्ा कर्मचारिय्ाों से आवेदन लिय्ो गय्ो हैं, जो विभागीय्ा भर्ती निय्ामों के अनुसार शीघ्रलेखक वर्ग-३ के पद पर निय्ाुक्ति की पात्र्ाता रखते हैं। शासन के निर्देशानुसार इन पदों के लिय्ो विभागीय्ा चय्ान परीक्शा ११ मार्च को प्रातः ११ बजे से सतपुडा भवन, भोपाल में होगी। इन पदों के लिय्ो सभी विभागाध्य्ाक्श, कलेक्टर, संभागाय्ाुक्त, उपाय्ाुक्त, सहाय्ाक आय्ाुक्त और जिला संय्ाोजकों से कहा गय्ाा हैं कि वे इ€छुक विभागीय्ा कर्मचारी, जो इन पदों की पात्र्ाता रखते हैं, उनके आवेदन ५ मार्च तक आय्ाुक्त आदिवासी विकास कायर््ाालय्ा भेजे।
रा€य्ा वित्त आय्ाोग के अध्य्ाक्श डाॅ. बिसेन तीन से छह मार्च तक ग्राम प्रवास पर रहेंगे
सिवनी, म.प्र. रा€य्ा वित्त आय्ाोग के अध्य्ाक्श (केबिनेट मंत्र्ाी दर्जा प्राप्त) डाॅ. ढालसिंह बिसेन ३ से ६ मार्च तक क्रमशः बरघाट, कुरई, छपारा, धनौरा, सिवनी, लखनादौन एवं घंसौर जनपद क्शेत्र्ा के ग्राम प्रवास पर रहेंगे। अधिकृत प्रवास कायर््ाक्रम के मुताबिक वित्त आय्ाोग के अध्य्ाक्श डाॅ. बिसेन ३ मार्च को प्रातः १॰ बजे सिवनी से बरघाट एवं कुरई जनपद के विभिन्न ग्रामों के भ्रमण के लिय्ो प्रस्थान कर प्रातः ११ बजे ग्राम खूंट, दोपहर १२ बजे पौनिय्ाा, दोपहर २ बजे गोंडेगांव, अपरान्ह ३ बजे बेलगांव एवं अपरान्ह ४ बजे छीतापार पहुंचकर ग्रामीणों से भेंट एवं चर्चा उपरान्त सिवनी लौटकर रात्र्ाि विश्राम करेंगे। आप ४ मार्च को प्रातः १॰ बजे सिवनी व छपारा एवं धनौरा जनपद क्शेत्र्ा के विभिन्न ग्रामों के भ्रमण के लिय्ो प्रस्थान कर प्रातः ११ बजे ग्राम छपारा, अपरान्ह ३.३॰ बजे बगहाई एवं शाम ५ बजे बारागोर माल पहुंचकर ग्रामीणों से भेंट एवं चर्चा करने के उपरान्त सिवनी लौटकर रात्र्ाि विश्राम करेंगे। आप ५ मार्च को प्रातः ११ बजे सिवनी जनपद के विभिन्न ग्रामों के भ्रमण के लिय्ो प्रस्थान कर दोपहर १२ बजे करकोटी पहुंचकर ग्रामीणों से चर्चा उपरान्त सिवनी लौट आय्ोंगे। डाॅ. बिसेन ६ मार्च को प्रातः १॰ बजे सिवनी से लखनादौन एवं घंसौर जनपद के विभिन्न ग्रामों के भ्रमण के लिय्ो प्रस्थान कर प्रातः ११ बजे लखनादौन, दोपहर १२ बजे भिलमा, दोपहर एक बजे बघोडी, दोपहर २ बजे धूमा, अपरान्ह ३ बजे थावरी, अपरान्ह ४ बजे गरघटिय्ाा एवं शाम ५ बजे कहानी पहुंचकर ग्रामीणों से भेंट एवं चर्चा उपरान्त देर शाम तक सिवनी लौंटेगे।
नगर पालिका अधिकारियों की लापरवाही से विकशित हो रही अवैधानिक कालौनियाॅ
छतरपुर (संतोष गंगेले)- छतरपुर जिला में जिला कलेक्टर के आदेश के वाद जिला में अवैध काॅलनि निमार्ण का कार्य एक तरह से बंद हो गया है क्योकि छतरपुर जिला कलेक्टर श्री राजेश बहुगुणा ने खेती की भूमि से बिना भूमि परिवर्तन कराये जो आवासीय प्लाट बिक्रय हो रहे थें उनके बिरूध्द अपने आदेश क्रमाॅक /7/कलेक्टर / दिनांक 20 फरवरी 2013 के माध्यम से जिला के समस्त पंजीयन विभाग को आदेशित किया है, बिना भूमि परिवर्तन (डायबर्सन) 0.020 आरे यानी 2200 वर्गफुट से कम भूमि होने पर उसका पंजीयन न किया जावे , इस आदेश का छतरपुर जिला पंजीयक श्रीमती संध्या सिंह ने तत्काल आदेश अपने अधिनस्त उप पंजीयक को देकर पालन कराया, लेकिन इस आदेश से आने बाले समय में पंजीयन विभाग की राजस्व आय आधे से कम होने की पूरी उम्मीद हो गई है । नगर पालिका नगर पंचायत एव उससे लगे बिशिश्ट ग्रामों में होने आली आवासीय प्लाटिंग के कारोवार से ही छतरपुर जिला की राजस्व आय निर्भर करती है । इस आदेश के वाद छतरपुर, लवकुशनगर, राजनगर, नौगाॅव, बिजावर, बक्स्वाहा आदि उप पंजीयकों से सम्पर्क करने पर उनका कहना है कि उनकी आय एवं दस्तावेज कम हो चुके है ।
गणेश शंकर विद्यार्थी प्रेस क्लब अध्यक्श ने छतरपुर जिला कलेक्टर के आदेश के वाद इस बारे में खोजबीन कर पता लगाया तो यह जानकारी सामने आई जो चैकाने बाली है कि मध्य प्रदेश में किसी भी जिला कलेक्टर /डिप्टी कलेक्टर को पंजीयन विभाग में दस्तावेज रोकने के अधिकार मध्य प्रदेश के तत्काली मुख्य सचिव श्री अवनि बैश्य से 2011 में ही छीन कर मध्य ्रपदेश के संमस्त संभागीय आयुक्त/जिला कलेक्टरों को आदेश दिये थें लेकिन इस आदेश का जिला कलेक्टर व्दारा अवलोकन नही किया गया है इस कारण छतरपुर जिला में पंजीयन पर रेाक लगाई गई हे । जबकि यह आदेश मध्य प्रदेश श्शासन के मुख्य सचिव के आदेश क्रमाॅक/110/मु.स./2011 भोपाल दिनांक 2/जून/2011 के माध्यम से मध्य प्रदेश के समस्त संभगायुक्त समस्त जिला कलेक्टर मध्य प्रदेश को पत्र जारी करते हुये लिखा है कि दस्तावेजों के पंजीयन पर अवैघानिक प्रतिबन्ध न लगाये जावे । इस आदेश में लिखा कि पंजीयन अधिनियम 1908 की धरा 34(3) अंतर्गत पंजीयन अधिकारी किसी दस्तावेज के पंजीयन के पूर्व केवल इस बारे में जाॅच कर सकता है कि उक्त दस्तावेज को बास्तव में उन्ही व्यक्तियों व्दारा निश्पादित किया गया है जिनके नाम का उल्लेख दस्तावेज में है और इस बारे में संतुश्टि के पश्चात उक्त दस्तावेज की पंजीकृत करने के अलावा उसके पास कोई विकल्प नही है , पैरा 2 में समय समय पर कतिपय जिला कलेक्टरों /डिप्टी कलेक्टरों व्दारा बिशिश्ट भमिओं के बिक्रय संबधी दस्तावेज के पंजीयन पर रोक लगाई जाती रही है और उच्च न्यायालय में मामला याचिका के माध्यम से उठाये जाने पर न्यायालय के व्दारा इस तरह के प्रतिबंध को अवैघानिक माना गया है । इसके बाजूद अनेक कलेक्टरों व्दारा इस तरह के प्रतिबंधात्मक आदेश अभी भी जारी किय जा रहे है जो पूर्णतः अवैधानिक है । पैरा 3 में लिखा कि पूर्व में भी बाणिज्यक कर विभाग तथा राजस्व विभाग व्दारा सभी कलेक्टरों का पंजीयन प्रक्रिया संधी बैद्यानिक प्रावधान एवं न्यायालय के आदेशों से अवगत कराया गया है परन्तू इसके बाजूद कतिपय अधिकारियों व्दारा दस्तावेजों के पंजीयन पर प्रतिबंध लगाये जान के अवैद्यानिक प्रशासनिक आदेश जारी किये जा रहे है और इन आदेशों की अवहेलना होने पर उप पजीयकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यावाही की जा रही है । पैरा 4 में इस परिप्रपेक्श्य में आपसे यह अपेक्शा है कि आप यह सुनिश्चित करें कि पंजीयन का कार्य पंजीयन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ही सम्पादित हो यदि आपके व्दारा अथवा आपके अधीनस्थ किसी अधिकारी व्दारा दस्तावेजों के पंजीयन पर प्रतिबंध लगाये जाने वावत् कोई प्रशासकीय आदेश जारी किये गये है तो उसे तत्काल निरस्त करे ।
मध्य प्रदेश सरकार व्दारा अवैधानिक कालौनियाॅ विकशित होने के पूर्व उनके बिरूध्द कार्यावाही करने के लिए अनेक नियम बनाये है जिसमें तहसीलदार/नायब तहसीलदारों को अधिकार है कि नगर पालिका, नगर पंचायत सीमा क्शेत्र में यदि किसी भी भू-खंड से एक साल में 3 से अधिक प्लाट बिक्रय होते है तो ऐसे व्यक्तियों के बिरूध्द मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहित की धारा 1959 की धारा 172 के तहत कार्यावाही कर अनुविभागीय अधिकारी के समस्त प्रकरण दर्ज करावें , इसी प्रकार नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 339 की उप धाराओं में नगर पालिका अधिकारी को अधिकार है कि वह अपने क्शेत्र में होने बाली अवैधाकिन कालौनियो के बिरूध्द प्रकरण दर्ज करें तथा उनके बिरूध्द तत्काल दण्डात्मक कार्यावाही हेतू अनुविभागीय अधिकारी के समक्श प्रकरण प्रस्तुत करे । छतरपुर जिला में 15 नगर निककाय है जिसमें छतरपुर, नौगाॅव हरपालपुर, गढीमलहरा, महाराजपुर, लवकुशनगर, चंदला, वारीगढ़, राजनगर, खजुराहो, सटई, बिजावर, बड़ामलहरा, घुवारा बक्स्वाहा लेकिन कितने लोगों ने सरकार के नियमों को पालन किया और कराया है । छतरपुर जिला कलेक्टर का ओदश सरकार की नीतिओं के तहत हो सकता है लेकिन इस आदेश का पालन जिन्हे करना चाहिये उन्होने अपने कर्तव्यों का पालन नही किया , यदि प्रत्येक राजस्व कर्मचारी, अधिकारी एवं नगर पालिका अधिकारी ने अपने आदेश का पालन किया होता तो आज छतरपुर जिला में जिला कलेक्टर को अपने अधिकारों के तहत यह नोटिस जारी नही करना पड़ता ।
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