छोड़ी नौकरी मिलता रहा वेतन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 3 मार्च 2013

छोड़ी नौकरी मिलता रहा वेतन


छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है। नौकरी छोड़ चुकी एक महिला को शिक्षा विभाग साल भर से पगार दे रहा है। मजे की बात यह है की इस महिला कर्मी के वेतन वाले खाते में वेलेंटाइन डे को एक ही दिन में तीन अलग अलग बार में 85 हजार रुपये जमा हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, जिले के बेरला ब्लाक में शासकीय मिडिल स्कूल खिसोरा में पदस्थ रही नीता चंद्राकर (शिक्षाकर्मी वर्ग-2) के नौकरी छोड़ देने के बाद उसे लगातार वेतन मिलता रहा है। इस बात की जानकारी देना बैंक के प्रबंधक ने बीईओ एच के गंगबेर को सितंबर-12 में दी। रकम खाता क्रमांक 069110011419 में जमा होती रही है। 

गंगबेर ने जानकारी के बाद खाते को क्लोज करने के लिए कहा लेकिन रकम की वसूली के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। ज्ञात हो कि नीता चंद्राकर पिता सेवकराम चंद्राकर ने 17 जून 2009 को शिक्षाकर्मी वर्ग-2 की नौकरी ज्वाइन की तथा पारिवारिक कारणों से उसने 9 जून 2011 को नौकरी छोड़ दी। उसके बाद से बीईओ आफिस से जून-2012 तक उसके खाते में पैसा जमा होता रहा। आश्चर्यजनक तथ्य है कि सब शिक्षाकर्मी को 10 हजार मिल रहे थे जबकि नीता चंद्राकर के खाते में 35 से 75 हजार रुपये तक जमा हो गए। 

इस खाते में अन्य शिक्षाकर्मियों की तुलना में अधिक राशि जमा हुई तो सितंबर-12 में बैंक प्रबंधन ने बीईओ गंगबेर को इसकी जानकारी दी। अगस्त में प्रभार लेने वाले गंगबेर ने जब आफिस का रिकार्ड देखा तो वे भौंचक्के रह गए। उन्होंने बैंक को खाते को बंद करने का आग्रह किया। बताया गया कि शिक्षाकर्मियों का वेतन व अन्य कार्यो का संपादन शासकीय प्राइमरी स्कूल डंगनिया-2 में पदस्थ शिक्षाकर्मी वर्ग-3 एम सुधाकर राव करता था। सुधाकर राव को तत्कालीन बीईओ जीके मरकाम ने कंप्यूटर ज्ञान होने के कारण आफिस में अटैच किया था। खाते में भारी रकम जमा होने की जानकारी जैसे ही लोगों को लगी वैसे ही सुधाकर राव को आफिस से रिलीव कर मूल स्थान पर भेज दिया गया, तब से सुधाकर राव मेडिकल अवकाश पर है। 

इन सारी बातों का खुलासा आरटीआई के तहत मिले दस्तावेज से हुई। बताया जा रहा है कि करीब 6 लाख रुपये की गड़बड़ी की गई है। आरटीआई के तहत रोहित माहेश्वरी का जब आवेदन आया है तब से रिकार्ड जुटाया जा रहा है। 

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