आम लोगों पर अप्रत्याशित आर्थिक बोझ डालने और मूल्य वृद्धि को रोक पाने में अक्षम रहने का केंद्र की संप्रग सरकार पर आरोप लगाते हुए भाजपा ने शनिवार को पेट्रो पदार्थो के दाम में वृद्धि वापस लेने और उर्वरकों की कीमत कम करने के उपाय करने की मांग की। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि यदि उसकी मांगें पूरी नहीं हुई तो वह राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी। यहां चल रही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पेश किए गए आर्थिक प्रस्ताव में पार्टी ने प्रधामंत्री मनमोहन सिंह को निशाने पर लेते हुए कहा है, "एक अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश आर्थिक मंदी के बुरे प्रभाव से आहत अनुभव कर रहा है।"
पार्टी ने कहा है कि मनमोहन सिंह नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के शासनकाल में हर आर्थिक मानदंड में तीव्र गिरावट हुई है। प्रस्ताव में कहा गया है कि संप्रग सरकार को अपनी पूर्ववर्ती राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार से 8.25 प्रतिशत विकास दर विरासत के रूप में मिला था, लेकिन अब यह घट कर करीब 5 प्रतिशत रह गया है।
प्रस्ताव में कहा गया है, "पांच प्रतिशत स्फीति के साथ 10 प्रतिशत विकास दर हासिल करने के लिए काम करने की जगह संप्रग ने अपने नौ साल के कामकाज के दौरान इसके ठीक विपरीत काम किया है- 10 प्रतिशत स्फीति दर और पांच प्रतिशत विकास दर..कांग्रेस नीत संप्रग की आर्थिक नीतियों ने देश को कई दशक पीछे धकेल दिया है।" राजस्व पैदा करने में प्रभाव बढ़ाने की जगह संप्रग पूरी तरह टैक्स और कीमत बढ़ाने में जुटी हुई है जिससे आम आदमी पर बोझ बढ़ रहा है।
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