उत्तर प्रदेश के खाद्य और रसद मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने पुलिस उपाधीक्षक जिया उल हक की हत्या में नाम आने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि राजा भैया ने हत्या में शामिल होने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि वो पूरी तरह निर्दोष हैं। राजा भैया ने लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस हत्याकांड में राजा भैया का नाम आने के बाद से लगातार उनके इस्तीफे की मांग उठ रही थी।
बलीपुर के ग्राम प्रधान और उसके भाई के अंतिम संस्कार मे शामिल होने आए राजा भैया ने कहा कि मृतकों के परिजनों की तरह वो भी चाहते है कि पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाय ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो सके। उन्होंने कहा कि वो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात कर पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की संस्तुति करने का आग्रह करेंगे। उन्होंने दोहराया कि वो निर्दोष हैं। दोषी पाए जाने पर सजा भुगतने को तैयार है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि विपक्ष उन्हें बेवजह इस मामले में घसीट रहा है जबकि वो कुछ जानते ही नहीं। उनके ऊपर दर्ज रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जांच में सब साफ हो जाएगा। मामले में
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