कृषि ऋण माफी में गंभीर चूक : CAG - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 5 मार्च 2013

कृषि ऋण माफी में गंभीर चूक : CAG


नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने कहा है कि सरकार ने वर्ष 2008 में जो 52,000 करोड़ रुपये की कृषि ऋण माफी योजना लागू की थी, उसमें गंभीर चूक और धांधली हुई है। मंगलवार को संसद में कृषि ऋषि माफी एवं कर्ज राहत योजना, 2008 के सांंध में सीएजी की रिपोर्ट सदन पटल पर रखी गई जिसमें कहा गया है कि पांच मामलों में से कम से कम एक में गड़ाड़ियां हुई हैं।


सीएजी का कहना है, ‘‘अंकेक्षण से खुलासा हुआ है कि 90.576 मामलों में से 20.216 या 22.32 फीसदी मामलों की जांच में गड़ाड़ी हुई है जो गंभीर चिंता का विषय है।’’ ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार ने वर्ष 2008 में देशभर में किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी। विश्लेषकों का कहना है कि सरकार की यह पहल उसे वर्ष 2009 के आम चुनाव में जीत दिलाने में मददगार सााित हुई थी। 



यह योजना 3.69 करोड़ सीमांत एवं लघु किसानों तथा 60 लाख अन्य किसानों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से लागू की गई थी। विगत चार वित्तवर्षों में सरकार लगभग 3.45 करोड़ लघु, सीमांत एवं अन्य किसानों के 52,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज माफ कर चुकी है।



सरकार के आधिकारिक अंकेक्षक ने कहा, ‘‘नौ राज्यों में 9,334 खातों की जांच की गई जिनमें से 1,257 खाते या 13.46 फीसदी खाते योजना के तहत 3.58 करोड़ रुपये का लाभ प्राप्त करने योग्य पाए गए लेकिन लाभ पात्रों की सूची ानाते समय कर्ज देने वाले संस्थानों ने इन खातों पर विचार नहीं किया।’’

कोई टिप्पणी नहीं: