उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पर एक पुलिस अधिकारी की हत्या के मामले में लगे आरोपों पर आज सपा और बसपा ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप किये, वहीं मायावती ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।
पुलिस उपाधीक्षक जिया उल हक की शनिवार को प्रतापगढ़ में भीड़ के हमले में जान चली गयी। वह एक जमीन विवाद में एक ग्राम प्रधान की गोली मारकर हत्या किये जाने के बाद वहां पहुंचे थे। हक की पत्नी ने राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री राजा भैया पर हमले का आरोप लगाया है।
राजा भैया ने राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। बसपा प्रमुख मायावती ने संसद परिसर में कहा कि उत्तर प्रदेश में जंगलराज और गुंडाराज है। मैंने उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन की भी मांग की है। जब पुलिस अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं तो आम आदमी कैसे सुरक्षित महसूस करेगा। केंद्र सरकार को राष्ट्रपति शासन लगाने की पहल करनी चाहिए। आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा, मायावती का ऐसा कहना अनावश्यक है। उन्होंने बसपा के शासनकाल में पार्टी के सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों का भी जिक्र किया।
प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मायावती की मांग पर सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि वह जो कहना चाहें, कहने के लिए स्वतंत्र हैं। सब जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में उनके शासन में क्या हुआ। मैंने मायावती के किसी आरोप को कभी गंभीरता से नहीं लिया और भविष्य में भी नहीं लूंगा। रामगोपाल ने आरोप लगाया कि मायावती के शासन में एक मंत्री ने एक अधिशासी अभियंता को इसलिए मार दिया, क्योंकि उन्होंने बसपा अध्यक्ष के जन्मदिन पर पैसे नहीं दिये थे। ऐसे अनेक उदाहरण हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या सपा सरकार ने राजा भैया को मंत्री बनाकर गलती की है, तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बेहतर शासन व्यवस्था में आड़े आने वाले सभी तत्वों को हटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
राजा भैया की गिरफ्तारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा। अगर पुलिस को लगता है कि ऐसा जरूरी है तो वे उचित कार्रवाई करेंगे। कुंडा में क्षेत्राधिकारी के तौर पर तैनात हक शनिवार को ग्राम प्रधान की हत्या की जानकारी मिलने के बाद बालीपुर गांव पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक जब वह कुंडा के पास स्थित गांव में पहुंचे तो कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इसमें हक और ग्राम प्रधान के भाई सुरेश को गंभीर चोट लगीं और दोनों की बाद में मौत हो गई।

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