मध्य प्रदेश के बुन्देल खंड के संत बाबा के जीवन का चमत्कार - गणेश शंकर विधार्थी प्रेस क्लब अध्यक्ष संतोष गंगेले के पिता जी परम पूज्य पिता जी हरिहर बाबा जी के नाम से अनेक जिलो में पहचान थी वह त्यागी ,तपस्वी संत जिन्हें श्री राम चरित मानस का ज्ञान था .उनके सदविचार ,उनकी वाणी का हर व्यक्ति सम्मान करता था . हम ऐसे संत की संतान है. हमें गर्व है की हमारे पिता जी के पास एक लागोती व जाप करने वाली माला व कला नाग ही उनका आभूषण था . हमारे पिता जी ने हम सम्पत्ति में ज्ञान नियम संयम व दूसरो की मदद करने का मार्ग दिखाया .समाज सेवा व सम्मान देना बताया .अपने अधिकारों के लिए अपनी बात करना चाहिए ,दुसरो के हक़ दिलाने में मदद करना चाहिए आप समाज सेवा करने की लिए अपने में किसी न किसी को अपना गुरु अराध्य तो आपको बनाना ही है तो आप इस महापुरुष को अपना गुरु स्वीकार कर सकते है . मेरे पिता जी ने अपनी म्रत्यु दो दिन पूर्व घोषित कर दी थी .समय बता था . क्या आपके -आस पास एस कोइ महँ ब्यक्ति है जो इच्छा म्रत्यु प्राप्त बर्तमान में कर सका हो ..
शुक्रवार, 26 अप्रैल 2013
हरिहर बाबा के जीवन का चमत्कार
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