कर्नाटक में सिद्धारमैया का मुख्यमंत्री बनना तय हो गया है। सीक्रेट बैलेट के जरिये हुए चुनाव में 83 से 85 विधायकों ने उनका साथ दिया। संभवत: वह 13 मई को शपथ लेंगे।
इससे पहले, नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए कांग्रेस विधायकों के बीच सीक्रेट बैलेट द्वारा मतदान कराया गया, हालांकि अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान ही करेगा। बैठक में एके एंटनी, अंबिका सोनी और मधुसूदन मिस्त्री मौजूद थे।
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सिद्धारमैया, मल्लिकार्जुन खड़गे, शिवकुमार और वीरप्पा मोइली के नाम अहम हैं। पार्टी सूत्रों ने कहा कि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख जी परमेश्वर की चुनावों में हार के कारण मुख्यमंत्री पद पर उनका दावा कमजोर माना जा रहा है। सिद्धारमैया के बेंगलुरु आवास पर परसों से ही काफी चहल-पहल है। उनके वफादार कई विधायकों ने उनसे मुलाकात की।
सूत्रों के हवाले से खबर है कि सिद्धारमैया और खड़गे पांच साल के कार्यकाल को शेयर करेंगे। कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के बाद गुरुवार को सोनिया गांधी कर्नाटक के नेताओं से मिलीं। कर्नाटक कांग्रेस के नेता उनसे मिलने के लिए 10, जनपथ पहुंचे थे। सिद्धारमैया को भी दिल्ली आना था, लेकिन उनसे बेंगलुरु में ही रुकने को कहा गया।
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