मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह ने अपने ऊपर टिप्पणी करने पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस के अजय सिंह को कानूनी नोटिस भेजा है। नेता प्रतिपक्ष को बयान वापस लेने के लिए सात दिनों का समय दिया गया है। पिछले दिनों कांग्रेस नेता अजय सिंह ने सागर व खरगोन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री चौहान व उनकी पत्नी साधना सिंह पर टिप्पणी की थी, साथ ही चौहान से कहा था कि वह अपनी असली पहचान बताएं। सिंह ने साधना सिंह को तो रुपये गिनने की मशीन तक कहा था।
सागर में सिंह ने कहा था कि राज्य में गुटखा पाउच बिकने पर पाबंदी है, पहले 10 रुपये में छह गुटखे मिलते थे अब तीन मिल रहे हैं। पाउच की कालाबाजारी से आने वाली रकम मशीन से गिने जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने खरगोन में अवैध खनन के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री की पत्नी को जिम्मेदार माना था। इतना ही नहीं उन्होने मुख्यमंत्री की एक सौगंध का हवाला देते हुए कहा था कि चौहान ने जीवन भर अविवाहित रहने का संकल्प लिया था, मगर इसे जल्दी ही भूल गए।
नेता प्रतिपक्ष की निजी तौर पर की गई टिप्पणी के खिलाफ चौहान व उनकी पत्नी ने अपने अधिवक्ता के जरिए उन्हें कानूनी नोटिस भेजा है। इस नोटिस में कहा गया है कि सात दिनों के भीतर वह अपना सार्वजनिक बयान वापस लें, ऐसा न होने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं अजय सिंह ने कहा, "उन्हें नोटिस नहीं मिला है, आएगा तो उसका जवाब देंगे। नोटिस की जानकारी मुझे मीडिया से मिली है।" सिंह ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर कहा है कि उन्होंने पूर्व में 14 जून, 2013 को दो पत्र लिखकर परिवार के सदस्यों की संपत्ति का ब्यौरा जारी करने का अनुरोध किया था, मगर अब तक न तो ब्यौरा जारी किया गया और न ही पत्र का जवाब दिया गया। नौ मई और चार जून को दिए गए मेरे बयान पर विलम्ब से नोटिस जारी करना इन्हीं पत्रों की प्रतिक्रिया है।

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