आंध्र प्रदेश में पृथक तेलंगाना राज्य के गठन में हो रही देरी से क्षुब्ध उस्मानिया विश्वविद्यालय के एक छात्र ने शनिवार तड़के अपनी जान दे दी। पुलिस ने बताया कि इंजीनियरिंग के छात्र बंडारू श्रीनिवास का शव विश्वविद्यालय में पुस्तकालय के नजदीक एक पेड़ पर लटका हुआ पाया गया। वह तेलंगाना के महबूबनगर जिले का रहने वाला था। श्रीनिवास के दोस्तों का कहना है कि वह तेलंगाना को राज्य का दर्जा दिए जाने में हो रही देरी से अवसाद में था। पुलिस ने उसका शव गांधी हॉस्पीटल भेज दिया जहां उसका पोस्टमार्टम किया गया है।
इस घटना से विश्वविद्यालय परिसर में तनाव व्याप्त हो गया है। पिछले तीन दिन से विश्वविद्यालय में पुलिस तथा तेलंगाना समर्थकों के बीच झड़प हो रही है। उस्मानिया विश्वविद्यालय के छात्रों की संयुक्त कार्य समिति ने पुलिस से श्रीनिवास का शव सौंपे जाने की मांग की है। उनकी योजना उसका शव विश्वविद्यालय परिसर में लाने की है ताकि सभी छात्र उसे श्रद्धांजलि दे सकें।
तेलंगाना संयुक्त कार्य समिति के अध्यक्ष एम. कोडांदरम, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष जी.किशन रेड्डी और कुछ अन्य नेताओं ने श्रीनिवास के अंतिम दर्शन के लिए अस्पताल का दौरा किया। इस विश्वविद्यालय परिसर में जान देने वाला श्रीनिवास तीसरा छात्र है। तेलंगाना समर्थक संगठनों का कहना है कि तेलंगाना राज्य के गठन में हो रही देरी की वजह से पिछले तीन सालों में 600 लोग आत्महत्या कर चुके हैं जिनमें ज्यादातर युवा शामिल हैं।
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