जन-जन तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को पहुंचाने की कवायद - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 15 जुलाई 2013

जन-जन तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को पहुंचाने की कवायद

  • रेडियों के माध्यम से हिन्दी, अंगिका और मैथिली जुबान से घरों में करेंगे प्रवेश
  • अधिकारियों से वार्ता करने के लिए जिला स्तर पर समन्वयक नियुक्त


गया। बिहार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए सरकार और गैर सरकारी संस्थाओं के बीच में सहमति बन गयी है। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव व्याज जी ने डीएफआईडी निर्धनतम क्षेत्र नागरिक समाज से जुड़े प्रगति ग्रामीण विकास समिति, इजाद, प्रयास ग्रामीण विकास समिति, यथार्थ,निदान,चाम्स आदि संस्थाओं को सहयोग देने का आदेश निर्गत किया है। 

निर्धनतम क्षेत्र नागरिक समाज के अधिकारियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की संपूर्ण जवाबदेही चाम्स के कंधे पर डाल दिया है। चाम्स के अधिकारी डा.शकील ने 6 जिला समन्वयक नियुक्त किया है। जो इस प्रकार है। सुश्री जोहानी किस्कु को गया,जहानाबाद और बांका, सुनील कुमार पाण्डेय को भोजपुर, मनोज कुमार सिंह को नालंदा, समशुल आलम को अररिया और कटिहार और मनीषा को चम्पारण और सीवान जिले का जिला समन्वयक बनाया गया है। है। 

नालंदा जिले के जिला समन्वयक मनोज कुमार सिंह ने कहा कि स्मार्ट कार्ड बना हुआ है। कार्डधारी की तस्वीर सही है। परन्तु फिंगर प्रिंट नहीं मिल पा रही है। इसके बावजूद भी खुशी हॉस्पिटल ने इलाज करने में कौताही नहीं बरता। गया जिले के जिला समन्वयक सुश्री जोहानी किस्कु ने कहा कि बोधगया,बाराचट्टी और मोहनपुर प्रखंडों में स्मार्ट कार्ड कम बना हुआ है। भोजपुर जिले में कम राशि वाले पैकेज का ऑपरेशन करने के बाद भी राशि वाले पैकेज की राशि हड़प लिया जा रहा है। इस पर यथार्थ नामक संस्था के सचिव भास्कर मिश्रा ने कहा कि अब उनका प्रयास हो रहा है कि सीधे अधिकारियों से संपर्क कर वार्ता करें। इसका सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर आर.टी.आई. का उपयोग किया जाएगा। 

सभी संस्थाओं के द्वारा गांवघरों से 6 हजार कैडर निर्माण किया जाएगा। इनको प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनको प्रशिक्षित करने के लिए 300 प्रशिक्षणकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षित प्रशिक्षकों के द्वारा गांवघर के कैडरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ऐसे लोग गांवघर में जाकर जन-जन को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में समुचित जानकारी देंगे। ऐसा करने से गवई लोग बेहतर ढंग से स्वास्थ्य लाभ ले पाएंगे। घरों में आम लोगों की जुबान बनकर क्षेत्रीय स्तर के रेडियों का प्रवेश होगा। हिन्दी,अंगिका और मैथिली में रेडियों जिंगल बनाया जाएगा। 

इस महत्वपूर्ण बैठक में निर्धनतम क्षेत्र नागरिका समाज के नेशनल प्रोग्राम डायरेक्टर राजपाल, आरती वर्मा, अनिमेष रंजन, प्रदीप प्रियदर्शी, धर्मराज, अख्तरी बेगम, संजय कुमार, अरमान, आदि उपस्थित थे। 



---आलोक कुमार---
पटना 

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