कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में आध्यात्मिक गुरु आसाराम बापू को आश्रम के लिए इंदौर में जमीन देने के अपने फैसले पर अफसोस जताया है। साथ ही राज्य सरकार से आश्रम के लिए दिए गए पट्टे को रद्द करने की मांग की है। मध्य प्रदेश के शाजापुर में रविवार को सिंह ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि आसाराम के आश्रम को जमीन देने का उनका फैसला गलत था, वर्ष 1997-98 में कांग्रेस और भाजपा से जुड़े लोग उनके पास आए थे। उन लेागों के अनुरोध पर ही आसाराम के आश्रम के लिए इंदौर में जमीन दी गई थी।
सिंह ने आगे कहा कि वे नहीं जानते थे कि आसाराम ऐसा व्यक्ति है, जमीन तो संत के नाम पर दी गई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिवराज सिंह चौहान सरकार को तत्काल आश्रम के लिए दी गई जमीन का पट्टा रद्द कर देना चाहिए।

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