बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बहुप्रतीक्षित सड़क परियोजना का शुभारंभ करते हुए शुक्रवार को गंगा एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि बिहार के आर्थिक विकास में यह परियोजना महत्वपूर्ण बिंदु साबित होगी। राज्य सरकार ने इस परियोजना को 2012 में ही मंजूरी प्रदान की थी। गंगा एक्सप्रेस वे का पहला चरण 21 किलोमीटर का होगा और यह दीघा घाट और दीदारगंज को जोड़ेगा। दूसरे चरण में इसे फतुहा से 18 किलोमीटर आगे तक ले जाया जाएगा।
सड़क निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि बिहार सड़क निर्माण निगम इस परियोजना को लागू और निगरानी करेगी। विशाखापट्टनम की नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी 2,234.46 करोड़ रुपये के अनुमानित लागत पर इसका निर्माण करेगी। इस सड़क पर 2017 से आवागमन शुरू होने की उम्मीद है।
एक अधिकारी ने कहा कि यह निर्माण आधारित (ईपीसी) प्रारूप के तहत निर्मित किया जाएगा। सरकार काम कराने वाली कंपनी को निर्माण के मुताबिक भुगतान करती जाएगी। अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना के लिए आवास एवं शहरी विकास निगम ने बिहार सरकार को 2000 करोड़ रुपये का कर्ज मुहैया कराया है।
अधिकारी ने कहा कि परियोजना के लिए 200 हेक्टेयर भूमि अधिगृहीत किए जाने के बाद इस वर्ष के प्रारंभ में यह फैसला लिया गया था कि परियोजना का काम किसी सरकारी एजेंसी को सौंपा जाए। सड़क निर्माण विभाग के सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा, "यह बिहार के लिए गौरव बनने जा रहा है। हमें खुशी है कि सपना आखिरकार साकार हुआ।"

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