विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि भारत विकसित और विकासशील विश्व के बीच महत्वपूर्ण और अंतर्भूत संबंध मुहैया कराता है और निजी आधार पर अमेरिका तथा चीन के साथ विशेष संबंध बनाकर रखता है।
नेशनल यूनिवर्सिटी आफ सिंगापुर के थिंक टैंक इंस्टीट्यूट आफ साउथ एशियन स्टडीज के साथ साक्षात्कार में खुर्शीद ने कहा कि मैं समझता हूं कि भारत की उम्मीदें , संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के मुद्दे पर लोगों द्वारा भारत को दिए जाने वाले समर्थन में झलकती हैं, चाहे संयुक्त राष्ट्र में सुधार कभी भी हो।
आज प्रकाशित साक्षात्कार में खुर्शीद ने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि लोग यह सोचते हैं कि हम विकासशील और विकसित विश्व के बीच अंतर्भूत तथा महत्वपूर्ण संबंध उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने समूह 20 तथा ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ भारत के संबंधों को प्रमुखता से पेश किया। उन्होंने कहा कि यह मौजूदा, समकालीन स्थिति है जिसमें भारत से अलग उम्मीदें हैं लेकिन अभी भी नेतृत्व की उम्मीद है। खुर्शीद ने कहा कि और हम इन उम्मीदों को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। चीन के साथ नए सीमा रक्षा सहयोग समझौते के संबंध में उन्होंने कहा कि यह विकासोन्मुखी है।
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