भारत ने सतह से हवा में मार करने वाली स्वदेशी मिसाइल आकाश का सोमवार को यहां से करीब 15 किलोमीटर दूर समुद्र स्थित चांदीपुर के समेकित परीक्षण रेंज से परीक्षण किया। मिसाइल ने एक उड़ते लक्ष्य पर निशाना साधा, जिसे पायलट रहित लक्ष्य विमान लक्ष्य ने सहारा दे रखा था। एक रक्षा अधिकारी ने कहा कि आकाश को 11 बजकर 42 मिनट पर प्रक्षेपण परिसर से दागा गया। उससे पहले 11 बजकर 31 मिनट पर लक्ष्य को भेजा गया था। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में और ऐसे ही परीक्षण किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि परीक्षण के दौरान प्रक्षेपण परिसर द्वितीय से दागे गए मिसाइल ने एक उड़ती वस्तु पर निशाना साधा जिसे पायलटरहित लक्ष्य विमान ने समुद्र से एक निश्चित ऊंचाई पर टिका रखा था।
आकाश सतह से हवा में मार करने वाली मध्यम रेंज की मिसाइल है, जिसे रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) ने समेकित निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम के तहत विकसित किया है। इसकी मारक क्षमता 25 किलोमीटर तक और आयुधवाहक क्षमता 60 किलोग्राम है। वह 30 किलोमीटर तक की दूरी तक विमान को निशाना बना सकती है। इसी के साथ वह रास्ते में आने वाले कई लक्ष्यों का पता लगाकर उन्हें भी भेद सकती है। लड़ाकू जेट, क्रूज मिसाइलों और हवा से सतह में मार करने वाली मिसाइलों को निष्प्रभावी बनाने की क्षमता वाली इस मिसाइल की तुलना रक्षा विशेषज्ञों ने सतह से हवा में मार करने वाली अमेरिकी एमआईएम-104 पैट्रिएट मिसाइल से की है। इसका पिछला परीक्षण 22 फरवरी को किया गया था।

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