नेपाल में बागमती जलशुद्धि अभियान, राष्ट्रपति शामिल - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 27 अप्रैल 2014

नेपाल में बागमती जलशुद्धि अभियान, राष्ट्रपति शामिल


bagmati river kathmandu
नेपाल के राष्ट्रपति रामबदन यादव ने राजधानी काठमांडू की जीवनदायिनी नदी बागमती के जलशुद्धि अभियान के 50वें सप्ताह में शिरकत की। इस मौके पर भारत के हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ.प्रणव पण्ड्या भी मौजूद रहे। विश्व प्रसिद्ध गूहेश्वरी मंदिर और पशुपतिनाथ मंदिर सहित अन्य स्थानों पर चले बागमती जलशुद्धि अभियान में नेपाल सेना और पुलिस, स्वयंसेवकों तथा छात्रों सहित 1,000 से ज्यादा लोगों ने भाग लिया।

अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, इस मौके पर यादव ने अन्य लोगों के साथ पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने अभियान में सहयोग करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं, सेना, विश्व गायत्री परिवार की सराहना की। उन्होंने कहा, "इस अभियान ने अपना आधा लक्ष्य पा लिया है, लेकिन आगे की राह और चुनौतीपूर्ण है।"

बयान के मुताबिक, डॉ. पण्ड्या ने बताया कि 'भागीरथी जलाभिषेक अभियान' अंतर्गत भारत की प्रमुख नदियों गंगा, नर्मदा, ताप्ती आदि में जलशुद्धि एवं संरक्षण अभियान चलया जा रहा है। इसके अंतर्गत पवित्र गंगा नदी को गोमुख से गंगासागर तक 2626 किलोमीटर जलुशद्धि अभियान सात चरणों में होना है। अभियान के दो चरण पूर हो चुके हैं।

बागमती स्वच्छता अभियान भी इसी भागीरथी जलाभिषेक अभियान का हिस्सा है। इस अभियान के अंतर्गत अभी तक 900 मीट्रिक टन कचरा निकाला जा चुका है। डा. पण्ड्या ने बताया कि इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए गायत्री परिवार द्वारा 'वृक्षगंगा अभियान' भी चलाया जा रहा है, जिसमें अभी तक 70 लाख से अधिक पेड़ लगाए जा चुके हैं। नेपाल के शिवपुरी पर्वत से निकलने वाली 589 किलोमीटर लंबी बागमती नदी का लगभग 400 किलोमीटर हिस्सा भारत में है, जहां यह बिहार में गंगा से मिलती है।

कोई टिप्पणी नहीं: