बौखलाए चूहों की तरह दौड़ रहे भाजपा नेता : प्रियंका गाँधी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 27 अप्रैल 2014

बौखलाए चूहों की तरह दौड़ रहे भाजपा नेता : प्रियंका गाँधी


priyanka gandhi in lucknow
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की बहन प्रियंका गाँधी ने पति राबर्ट वाड्रा पर जमीन सौदों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ से जारी की गई किताब पर तीखा जवाब देते हुए रविवार को कहा कि भाजपा के नेता बौखलाए चूहों की तरह दौड़ रहे हैं। प्रियंका ने रायबरेली में एक नुक्कड़ सभा के दौरान कहा, "मुझे पता था कि चुनाव के एक-दो दिन पहले झूठी बातें दोहराई जाएंगी। इसमें कुछ नया नहीं है।" उन्होंने कहा, "भाजपा के नेता बौखलाए चूहों की तरह भाग रहे हैं। ये जितना जो करना चाहें, कर लें। मैं नहीं डरती। इनकी विनाशक और नकारात्मक राजनीति के खिलाफ मैं बोलती रहूंगी।"

इससे पहले भाजपा की तरफ से रविवार दोपहर दिल्ली में 'दामादश्री' नामक किताब और वीडियो जारी कर आरोप लगाया गया कि राजस्थान और हरियाणा की कांग्रेस सरकारों की मदद से सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा ने गलत तरीके से जमीन हथियाई। इससे पहले, सुबह में प्रियंका ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि देश चलाने के लिए 56 इंच का सीना नहीं, बल्कि दरियादिल इंसान होना चाहिए। 

प्रियंका ने अपनी मां और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पक्ष में रायबरेली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "देश चलाने के लिए 56 इंच का सीना नहीं, बल्कि दरियादिल इंसान की जरूरत है। हमें क्रूर बल नहीं, नैतिक बल चाहिए।" उन्होंने कहा कि भारत को किसी एक इंसान की उपलब्धियों का दिखावा नहीं चाहिए, उसे हिम्मत चाहिए, दृढ़ संकल्प चाहिए।

प्रियंका ने कहा कि इस बार का लोकसभा चुनाव सिर्फ देश का अगला प्रधानमंत्री चुनने के लिए नहीं है, बल्कि देश के मूल्यों और संस्कृति की रक्षा के लिए है। उन्होंने लोगों से कहा, "आपको केवल अपने क्षेत्र के बारे में नहीं, बल्कि पूरे देश के बारे में सोचना है। यह चुनाव केंद्र में नई सरकार के लिए हो रहा है। आपको उन शक्तियों का साथ देना चाहिए जो एकता के लिए काम करती हैं, उनके लिए नहीं जो विभाजन की राजनीति करते हैं।"

कोई टिप्पणी नहीं: