हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन खत्म करने का ऐलान किया। बिश्नाई ने भाजपा पर उनके साथ धोखाघड़ी करने का आरोप लगाया।हरियाणा विधानसभा चुनाव अक्टूबर में होने की संभावना है। बिश्नोई ने कहा, "भाजपा ने मुझे लगातार धोखा दिया। हमने गठबंधन बरकरार रखने की कोशिश की, पर विफल रहे। हमें आशा थी कि वे सुधर जाएंगे पर ऐसा नहीं हुआ। हम यह गठबंधन खत्म कर रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "भाजपा दूसरी पार्टियों से खासकर कांग्रेस से भ्रष्ट और गुंडा नेताओं को ले रही है। इन हालातों में हम उनके साथ गठबंधन बरकरार नहीं रख सकते।" बिश्नोई ने संवाददाताओं से कहा, "पूरी पार्टी (भाजपा) धोखेबाज है, मैं किसी एक नेता का नाम नहीं ले सकता।" बिश्नोई ने पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा की नवोदित पार्टी जन चेतना पार्टी के साथ गठबंधन करने का ऐलान किया।
भाजपा ने हजकां के साथ 2011 में गठबंधन किया था और उनके साथ विधनसभा की दूसरी पारी खेलने की तैयारी में थे। यहां तक कि नितिन गडगरी और सुषमा स्वराज जैसे भाजपा नेताओं ने सार्वजनिक रूप से यहां तक कहा था कि राज्य में यदि उनके गठबंधन को जीत मिलती है, तो बिश्नोई मुख्यमंत्री होंगे।
लोकसभा चुनाव 2014 में भी दोनों पार्टियों ने साथ में चुनाव लड़ा था और भाजपा को यहां सात सीटें मिली थीं। लेकिन बाद में भाजपा ने विधानसभा चुनाव में हजकां को ज्यादा सीटे देने से मना कर दिया। भाजपा के राज्य इकाई के अध्यक्ष राम बिलास शर्मा ने कहा कि गठबंधन के टूटने के लिए बिश्नोई जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, "अच्छा ही हुआ कि उन्होंने गठबंधन तोड़ लिया और अपनी औकात दिखा दी।"

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