राजधानी में भारी वर्षा से दो मकान ढहे सात मरे, एक गंभीर घायल
देहरादून 16 अगस्त(निस)। बीती रात भारी वर्षा के चलते राजधानी के राजपुर रोड स्थित काठबंगला के समीप मकान ढहने से सात लोगोें की मृत्यु हो गयी मृतकों के शव पोस्टमार्टम के उपरान्त परिजनों को सौंप दिये गये। शुक्रवार देर रात तेज वर्षा के बाद राजधानी के राजपुर रोड स्थित सांई मंदिर के पीछे स्थित काठबंगला इलाके में दो मकानों के ढहने से उसमें रह रहे सात लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी जिन्हे शनिवार प्रातः आपदा प्रबंधन टीम व पुलिस ने भारी मशक्कत से बाद ढहे घरों से निकाला जिसमें सात लोगों को मृत पाया गया जबकि एक महिला चन्द्रकला पत्नी श्री बातूराम, गम्भीर रूप से घायल है जिन्हे आई सी यू में रखा गया है। मृतकों में लक्वेन्द्र पुत्र श्री बिशम्बर सिंह उम्र 32 वर्ष, सुमन चन्दोला पुत्र श्री वशुराम चन्दोला 17 वर्ष, सोनी पुत्री श्री वशुराम चन्दोला 21 वर्ष, शिल्पा पुत्री श्री वशुराम चन्दोला वर्ष 19 वर्ष, बातूरम पुत्र स्व श्री प्रेमलाल 45 वर्ष, छीमा देवी पत्नी मोहन गुरूंग 55 वर्ष, खुशी गुरूंग पुत्री श्री मोहन गुरूंग उम्र 05 वर्ष, उक्त सभी लोगों की मौके पर मृत्यु हो गयी। वहीं वर्षा ऋतु को देखते हुए जिलाधिकारी चन्द्रेश कुमार ने जिला प्रशासन के सभी लोगों को तथा समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, लेखपालों को निर्देश दिये हैं कि वे नदियों के किनारे निवासरत लोगों को नदियों में जलस्तर बढने पर लोगों को अन्य सुरक्षित स्थान पर पंहुचायें। उन्होने कहा जिला प्रशासन द्वारा शिवाजी धर्मशाला, अग्रवाल धर्मशाला तथा जैन धर्मशाला में निवास तथा मेडिकल की व्यवस्था की गयी है इसके साथ ही मोबाईल स्वास्थ्य टीमों का भी गठन किया गया है जो निरन्तर नदियों के किनारे रह रहे लोगों पर नजर रखे हुए हैं। इसके साथ ही नदी किनारे रह रहे सभी लोगों को कहा गया है अपने घर खाली करने के निर्देश दिये गये हंै। उन्होने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता सर्वप्रथम जानमाल की सुरक्षा करना है उन्होने कहा कि इस हेतु प्रशासन ने कई टीमों का गठन कर नदियों के किनारे रह रहे लोगों पर नजर रखने हेतु निर्देशित किया गया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने की प्रभावित परिवारों से मुलाकात
देहरादूनः 16 अगस्त (निस)। प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने देहरादून के आपदा ग्रस्त क्षेत्र काठ बंगला राजपुर का दौरा कर दैवीय आपदा से पीडित परिवारांे से मुलाकात की। किशोर उपाध्याय ने दैवीय आपदा में मारे गये लोगों के प्रति दुःख प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के भी निर्देश दिये। उन्हांेंने पीडित परिवारों को आश्वस्त किया कि वे पार्टी की ओर से सरकार से शीघ्र और हर संभव सहायता की वार्ता करेंगे। श्री उपाध्याय ने उन स्थानों का भी निरीक्षण किया जो खतरे की जद में हैं तथा उन स्थानों जिनमें भविष्य में किसी भी समय दैवीय आपदा से जानमाल के नुकसान की आशंका है, ऐसे भवनों और उनमे रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करने के लिए चिन्हित करने के भी निर्देश दिये। इस अवसर पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, पूर्व महामंत्री श्री राजेन्द्र शाह, पूर्व विधायक काजी निजामुद्दीन, केदार सिंह रावत, जोत ंिसह घुनसोला, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, अनिल रावत, धर्मसिंह पंवार आदि कंाग्रेस नेतागण उपस्थित थे।
जनहानि पर खंण्डूडी ने जताया दुःख
देहरादूनः 16 अगस्त (निस)। उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल से सांसद मेजर जनरल (से.नि.) भुवन चन्द्र खण्डूड़ी एवीएसएम ने पौड़ी जिले के द्वारीखाल ब्लाक में नौड़ी, फरकुली एवं यमकेश्वर ब्लाक के धमांध गाॅव में बादल फट जाने की घटना से हुई जन हानि पर गहरा दुख प्रकट किया है। पौड़ी सांसद द्वारा कल दिनांक शुक्रवार को जैसे ही घटना के बारे में पता चलते ही पौड़ी के जिलाधिकारी से वार्ता कर स्थिति की जानकारी ली एवं जल्दी राहत पहॅंुचाने हेतु निर्देशित किया। पौड़ी संासद द्वारा इस विषय पर राज्य के मुख्यमंत्री हरीश रावत से भी दूरभाष पर वार्ता कर अपनी चिंता प्रकट की तथा आपदा प्रभावित क्षेत्र में जल्द से जल्द हेलीकाॅप्टर द्वारा राहत पहॅुचाने हेतु अनुरोध किया। पौड़ी संासद द्वारा पौड़ी गढ़वाल के भाजपा के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियो को भी मौके में पहुॅचकर अपने स्तर से आपदाप्रभावित लोगों को राहत पहुॅचाने हेतु निर्देशित किया गया है।
बादल फटने से कई गांव तबाह
देहरादून, 16 अगस्त, (निस) गुरूवार से हो रही भारी वर्षा ने टिहरी जनपद के चंबा प्रखंड केे ग्राम बागी गांव, आमसेरा, नागणी, खाड़ी, जौनपुर प्रखंड के रगड़ गांव, धौलागिरी, लामकांडे, हटवालगांव में भारी तबाही मचाई है। अलग-अलग गांवों में अब तक 20 मकान टूट गए हैं। बादल फटने से उक्त गांवों में भारी नुकसान हुआ है। चंबा की हेंवलघाटी के बागी गांव के ग्वाडम् तोक के ऊपर बादल फटने से 13 घर जमींदोज हो गए हैं। जबकि खेत पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। पानी और बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई है। जल सैलाब आने से ग्वाडम् ताक का पुल बह गया। जान बचाने केे लिए लोग घरों को छोड़कर जंगल की ओर भागे। गदेरे का जल स्तर बढने से 24 घंटे तक 30 लोग जंगल में ही फंसे रहे। हेंवल नदी भी ऊफान पर है। आमसेरा और खाड़ी में छह दुकानों के अंदर पानी घुसकर लाखों का सामान बर्बाद हो गया। खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमसेरा और खाड़ी में छह दुकानों को खाली करवा दिया है। बागी गांव के लोगों को इंटर कॉलेज बागी में रखा गया है। प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्यो में लगी हुई है। शुक्रवार सुबह से तेज बारिश के कारण हेंवलघाटी में जगह-जगह गदेरों में ऊफान आने लगा। सुबह साढ़े दस बजे बागी के ग्वाडम् तोक के ठीक ऊपर बादल फटने से गदेरे में पानी के उफान को देखते हुए सभी ग्रामीण घरों से बाहर निकलकर जंगल की ओर भाग गए थे। देखते ही देखते पूरे ईलाके में जल सैलाब मलबे के साथ आ पहुंचा जिससे तोक में रहने वाले 13 लोगों के मकान मटियामेट हो गए। यह सब इतनी जल्दी हुआ कि लोगों को घर से कीमती सामान तक निकालने का मौका नहीं मिल पाया। दोपहर बाद प्रशासन की टीम राहत दल के साथ मौके पर पहुंची। तब तक सभी लोग डर के मारे अपने घरों से ऊपर जंगल की ओर ही रूके हुए थे। राहत की टीम जैसे ही ग्रामीणों को बाहर निकालने के मौके पर पहुंची तब तक गदेरे के उफान पर आने से पुल भी बह गया। जिस कारण ग्रामीणों के साथ ही राहत टीम भी फंस गई। रात-भर लोगों को गदेरे के उस पास से निकालने के लिए काफी मशक्कत की गई। हेंवलनदी में आमसेरा का पैदल पुल बह गया है। जिस कारण आमसेरा, कुमाली व चैंपा गांव का संपर्क गया है। शनिवार सुबह 9 बजे गदेरे के उस पार फंसे लोगों को रस्सों और पाइपों केे सहारे निकाला गया। थौलधार के रमोलसारी और बनाली गांव में भूस्खलन से पांच घर खतरे की जद में आ गए है। डीएम युगल किशोर पंत ने बताया कि बागी गांव में राहत सामग्री भेज दी गई है। एसडीएम के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन की टीम को वहीं तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रभावितों के लिए जीआईसी में खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। पुलिस कप्तान मुख्तार मोहसिन ने बताया कि बागी गांव में राहत के लिए सहायक रेडियो अधिकारी विपिन कुमार के नेतृत्व में टीम गई। पुलिस ने जान पर खेलकर प्रभावितों को बचाया। वहीं लामकंडे गांव में रेसक्यू में उप निरीक्षक नीरज कुमार घायल हो गए। बागी गांव के 13 लोग जिनके मकान जंमीदोज हो गए थे इनमें आशीष, मनीष कुमार, विशालमणि, ज्योति प्रसाद, सोमवारी लाल, बुद्विराम, गणेश प्रसाद, राकेश प्रसाद, सूरजमणि, सोहन लाल, बटटू राम, सुंदर लाल, महादेव प्रसाद शामिल हैं।
मवेशी चुगाने गये युवक की नदी की तेजधार में बहने से मौत
देहरादून, 16 अगस्त, (निस)। टिहरी जनपद के विकासखंड प्रतापनगर की उपली रमोली पट्टी के गरवांण गांव में बीते गुरूवार को एक युवक जलकूर नदी की तेज में बह गया। नदी में उसका शव बरामद किया गया है। इस घटना से परिजन गहरे सदमें में हैं। जानकारी के अनुसार गरवाणगांव केे बलवीर सिंह का 14 वर्षीय पुत्र अमन गांव के पास जलकूर नदी के कोडगा नामे तोक में पशु चुगाने गया था। पशुओं केे नदी किनारे पानी पीने जाने पर अमन भी नदी किनारे उनको लेने गया। इसी दौरान मूसलाधार बारिश के साथ जलकूर नदी का जल स्तर बढने से अमन नदी की तेज धारा की चपेट में आकर बह गया। रात आठ बजे तक भी जब वह घर नहीं लौटा तो खोजबीन करने पर गांव के लड़कों ने बताया कि वह पशुओं को लेने नदी किनारे गया था। शक होने पर गांव के बलवीर सिंह, सोनपाल सिंह, मुरलीधर सेमवाल, प्रेम सिंह, राजेंद्र सिंह, शूरवीर राणा मसाल लेकर नदी के किनारे खोजबीन करने लगे, रात नौ बजे वहां पशु तो सुरक्षित मिल गए। लेकिन अमन का शव नदी किनारे पत्थरों के बीच में अटका मिला। ग्रामीणों की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे राजस्व उपनिरीक्षक मनोहर अजंवाल और विनोद रतूड़ी ने 15 अगस्त को शव का पंचनामा भरा। इस घटना पर विधायक विक्रम नेगी, प्रमुख रेशमा बगियाल,कनिष्ठ प्रमुख बीएस असवाल, धूम सिंह, सुंदर सिंह ने गहरा शोक जताया है।
छात्रों का रिजल्ट का गिरता स्तर चिंताजनक: मुख्यमंत्री
देहरादून, 16 अगस्त, (निस)। सरकार की प्राथमिकता क्वालिटी एजुकेशन में सुधार लाना भी है। रिजल्ट का गिरता स्तर चिंताजनक है। इसमें सुधार लाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। संबंधित अधिकारियों व शिक्षकों की जवाबदेही तय करने, शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने व प्राक्सी शिक्षकों पर कार्यवाही सहित अनेक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कतिपय लापरवाह शिक्षकों व अधिकारियों के कारण शिक्षा विभाग, समस्त शिक्षकों के साथ ही राज्य सरकार की भी बदनामी होती है। शिक्षक संघों के पदाधिकारियों ने भी एकराय से इसमें सहयोग की बात कही। वहीं राज्य सरकार प्राथमिक शिक्षकों के हितों की रक्षा करने के लिए तत्पर है। उनकी वाजिब मांगों को पूरा करने के लिए प्रत्येक उपाय किया जाएगा। शनिवार को बीजापुर में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्राथमिक शिक्षक संघ व जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के पदाधिकारियों व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर शिक्षकों की मांगों पर विचार विमर्श किया। बैठक में शिक्षा मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों का सम्मान करती है और उनके सम्मान को बनाए रखने के लिए वचनबद्ध है। प्राथमिक शिक्षक संघ व जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के पदाधिकारियों की मांगों पर बिंदुवार विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव एस राजू को प्रमुख मांगों पर अधिकतम रियायतें किस प्रकार दी जा सकती हैं, इसके लिए एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उच्चीकरण से जूनियर हाई स्कूलों के शिक्षकों को होने वाले नुकसान के कारण जूनियर हाई स्कूल व हाई स्कूल के पृथक संचालन संबंधी मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अधिक विŸाीय बोझ नहीं होता है तो प्राथमिक व जूनियर हाई स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण कर उसी परिसर में हाई स्कूल पृथक से संचालित करने की सम्भावना का अध्ययन कर लिया जाए। संघ के पदाधिकारियों द्वारा 10-20-30 वर्ष में एसीपी की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य राज्यों में की गई व्यवस्थाओं व अगले तीन वर्षों में पड़ने वाले विŸाीय भार का अध्ययन कर लिया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय व राज्य पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों को वाजिब सुविधाएं उपलब्ध करवाने के भी शिक्षा विभाग को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत सी मांगंे ऐसी भी होती हैं जिनके कई चेन-इफैक्ट होते हैं। राज्य की वित्तीय स्थिति, नियमावली के प्राविधान, अन्यत्र पड़ने वाले प्रभावों को देखकर निर्णय लिये जाते हैं। दुर्भाग्य की बात है कि पहाड़ में पोस्टिंग या स्थानांतरण होने पर सभी इसे बदलवाने का प्रयास करते हैं। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को स्थानांतरण नियमावली सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षक संघों से भी शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों में सहयोग करने का अनुरोध किया। बैठक में प्रभारी सचिव एमसी जोशी, निदेशक सीएस ग्वाल, प्राथमिक शिक्षा संघ के निर्मला महर, दिग्वीजय सिंह चैहान, प्रेम सिंह गुसाईं, जूनियर हाई स्कूल संघ के सुभाष चैहान, सूरत सिंह तोमर सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
पहली बार मर्तोली से भी निकलेगी नंदाराजजात यात्रा, 22 अगस्त से शुरू, सांस्कृतिक जुलूस निकलेगा।
देहरादून, 16 अगस्त, (निस)। 12 वर्ष बाद होने वाली नंदा राजरात यात्रा में पहली बार मुनस्यारी तहसील के जौहार घाटी में स्थित मर्तोली के नंदा देवी मंदिर से भी यात्रा निकाली जाएगी। 22 अगस्त को मर्तोली से शुरू होने वाली यात्रा 26 अगस्त को नोटी से शुरू हो रही मुख्य नंदा देवी राजजात यात्रा में शामिल हो जाएगी। जौहार के मर्तोली में शैल पुत्री के नाम से नंदा को जाना जाता है। मर्तोलिया समुदाय मुख्यतः इस देवी की पूजा अर्चना करते है। हिमालय मा नंदा देवी मर्तोली धार्मिक ट्रस्ट के सचिव प्रेम सिंह मर्तोलिया तथा प्रबंध नियासी चंद्र सिंह मर्तोलिया के हवाले से उत्त्राखंड जनमोर्चा के संयोजक जगत मर्तोलिया ने आज पत्रकारों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहली बार नंदा राजजात यात्रा में मर्तोली से भी प्रतिभाग किया जा रहा है। इसकी पूरी जिम्मेदारी उक्त ट्रस्ट के द्वारा की जा रही है। ट्रस्ट के सदस्य होने के नाते उन्होंने बताया कि 22 अगस्त को मर्तोली से 17 किमी की दूरी तय कर यात्रा बोगडियार पहुंचेगी। 23 को 12 किमी की यात्रा कर लीलम तथा चैबीस को 12 किमी की यात्रा तय कर धापा पहुंचने पर यात्रा का जोरदार स्वागत किया जाएगा। नंदा देवी राजजात यात्रा में शामिल होने वाली इस यात्रा को जोहार के सभी लोगों से जोड़ा जा रहा है। धापा में प्रातः 10 बजे यात्रा का जोरदार स्वागत होगा और धापा से टकाना, दरकोट तक सांस्कृतिक जुलूस निकाला जाएगा। इस तिथि को यात्रा सुरिंग गाॅव में रात्रि को विश्राम करेगी। 25 अगस्त को सुरिंग गाॅव से मुनस्यारी बाजार तक फिर सांस्कृतिक यात्रा निकाली जाएगी। इसी तिथि को 142 किमी की यात्रा कर यह यात्रा कोटभ्रामरी मंदिर पहुंचेगी। 26 को कोटभ्रामरी से नंद केसरी में मुख्य राजजात यात्रा में शामिल हो जाएगी। उन्होंने बताया कि पहली बार जौहार घाटी में नंदा राजजात यात्रा आयोजित हो रही है। इसे लेकर जौहार घाटी सहित मुनस्यारी में काफी उत्सुकता बनी हुई है। समुद्र की सतह से 1400 फीट की उंचाई पर स्थित नंदा देवी मंदिर की स्थापना मर्तोलिया समुदाय द्वारा की गई। इसी गाॅव के मर्तोली नाम के अनुसार मर्तोलिया कहकर यहंा के निवासियों को संबोधित किया जाता है। 1960 में स्वामी पुण्डारीकाक्ष महाराज उफ्र्र मर्तोली बाबा ने इस मंदिर में भागवत कर बलि प्रथा बंद करवाई थी।
मुनस्यारी और धारचूला में नहीं है कोई आपदा प्रबंधन, मुख्यमंत्री पर उपेक्षा का आरोप, गिरगाॅव के मृतक को श्रृदांजलि
देहरादून, 16 अगस्त, (निस)। उत्तराखण्ड जनमोर्चा ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि उसने धारचूला और मुनस्यारी में आपदा प्रबंधन के कोई उपाय नहीं किए है। सामान्य सी बरसात में धारचूला को जोड़नेे वाली मुख्य सड़क कई स्थानों पर बंद हो गई है। मुनस्यारी की सड़क का भी यही हाल है। मुख्य सड़कों के बंद होने से धारचूला और मुनस्यारी के दूरस्थ गाॅवों में खाद्यान्न संकट पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री की विधानसभा होने के बाद भी इन समस्याओं से निपटने ंके लिए कोई उपाय नहीं किया जा रहा है। जनमोर्चा की जिला मुख्यालय धारचूला में शनिवार को हुई बैठक में षुक्रवार को मुनस्यारी के गिरगाॅव के निकट हुई दुर्घटना में पैर फिसलने से गहरी खाई मे ंगिरने के कारण हुई मौत पर दो मिनट का मौन रखकर मृतक को श्रृदांजलि दी गई। बैठक में कहा गया कि सड़क में अत्यधिक पानी बह रहा था। पैदल आवागमन के लिए पुलिया बनाई गई होती तो यह घटना नहीं घटती इसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया। बैठक में मृतक के परिजनों को सरकार नौकरी, 10 लाख रूपये का मुआवजा देने का मांग पत्र मुख्यमंत्री को भेजने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर घायलों को तत्काल उचित ईलाज की सुविधा दिलाए जाने की मांग भी की गई। बैठक में जनमोर्चा संयोजक जगत मर्तोलिया ने कहा कि राज्य सरकार को केवल उपचुनाव के दौरान इस ईलाके की चिंता थी। मुख्यमंत्री देहरादून में बैठकर सीमांत का विधायक होने की कोरी चिंता मीडिया में जता रहे है। कहा कि धारचूला के विधायक होने के नाते मुख्यमंत्री के द्वारा लगातार हो रही वर्शा से हो रहे नुकसान का जायजा लेनेे के लिए किसी जिला स्तरीय अधिकारी को भी नहीं भेजा जा रहा है। स्थिति यह है कि धारचूला में तवाघाट से आगे तथा मुनस्यारी में गोरीछाल, नामिक, बाॅसबगड़, मल्लाजौहार, होकरा आदि क्षेत्रों में खाद्यान्न तक नहीं पहुंच पा रहा है। जिस कारण जनता भुखमरी की स्थिति में आ गई है। इसके निदान के लिए और बंद सड़कों को खोलने के लिए राज्य सरकार के पास कोई योजना नहीं है।
आतंक का पर्याय बना आदमखोर मारा गया
देहरादून, 16 अगस्त, (निस)। टिहरी जिले के भिलंगना प्रखंड में हिंदाव पट्टी के ग्राम कोट में आतंक का पर्याय बने आदमखोर गुलदार को आखिरकार शूटर जाय हुक्कल ने ढेर कर ही दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस तो ली है। हालांकि शुक्रवार की सांय क्षेत्र के ही चडोली-बडियार में गुलदार ने एक महिला पर हमला कर उसे घायल कर दिया। जिससे क्षेत्र में अब भी गुलदार का खौफ बना हुआ है। प्रखंड के ग्राम पंचायत कोट में गुलदार ने पांच अगस्त को गैणा सिंह पर हमला कर मौत की नींद सुला दिया था। जिससे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ था। वन विभाग ने गुलदार को नरभक्षी घोषित कर उसे मारने के लिए शूटर जाय हुक्कल को तैनात किया था। 10 दिन की मशक्कत के बाद गुलदार को 14 अगस्त की रात को मार दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। बावजूद अभी भी क्षेत्र में गुलदार की मौजूदगी से लोग डरे हुए हैं। शुक्रवार सायं चडोली की रंगीला देवी घर के पास खेत में काम कर रही थी, कि घात लगाए गुलदार ने उनपर हमला कर दिया। परिजनों के शोर मचाने के बाद वह भाग गया। महिला को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दी गई है। रेंज अधिकारी केएस भंडारी ने बताया कि कोट गांव में आदमखोर मादा गुलदार आठ साल की थी। जिसके नाखून और दांत टूटे हुए थे। जिससे संभवतः वह जानवरों का शिकार नहीं कर पा रही थी, इसलिए वह आसान शिकार होने वाले इंसानों पर हमला कर रही थी। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे दफना दिया है। टीम में शूटर जाय हुक्कल, कृष्ण सिंह भंडारी शामिल थे।
विधानसभा में स्पीकर ने फहराया झण्डा
देहरादून, 16 अगस्त,(निस)। विधानसभा में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल जी ने विधानसभा परिसर में ध्वजा रोहण किया तथा राष्ट्रगान का गायन किया इस अवसर पर सशस्त्र पुलिस द्वारा झण्डे को सलामी दी गयी। इस अवसर पर विधानसभा में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों को अध्यक्ष जी द्वारा सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाए दी। उन्होंने कहा कि देश लम्बे समय तक गुलाम रहने के बाद वर्ष 1947 में हमें स्वतंत्रता इसी दिन मिली थी। उस समय की परिस्थिति मंे देश किस स्थान पर था तथा आज हमारा देश कहाॅं खड़ा है। हमें सभी को इस बात की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को यहाॅं तक लाने मे तात्कालिक सरकारों का बहुत अहम भूमिका रही है। आज भारत वर्ष विकासशील देशों में अगली पंक्ति में विराजमान है। हमारा कर्तव्य है कि हम किस क्षेत्र में कार्य करते हैं वहाॅं हमें ईमानदारी एवं सच्ची कत्र्तव्य निष्ठा से कार्य करते हुए प्रदेश एवं देश के सर्वागींण विकास में अपनी अहम भूमिका का निर्वहन करें। इस अवसर पर उन्होंने आजादी का इतिहास तथा आजादी के आन्दोलन का वर्णन किया आजादी दिलाने वाले उन महापुरुषों को स्मरण करते हुए उनके वृतान्तों से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हमारे अन्दर राष्ट्रीय भावना निश्चित रूप से होनी चाएिये हमें कोई भी कृत्य ऐसा नहीं करना चाहिए जिससे समाज और राष्ट्र का नुकसान हो, आने वाले वर्षों में हमारा यह नवगठित राज्य और तरक्की करे। हमारे प्रदेश मे पिछले वर्ष भयंकर प्राकृतिक आपदा आई है जिसकी भरपाई हम कर रहे हैं। प्राकृतिक आपदा से हम उभर सकें इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को तन-मन से कार्य करना होगा इससे देश की अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ा है। हमें ईमानदारी से आज के दिन यह संकल्प लेना है कि हम जिस क्षेत्र मे कार्य कर रहे हैं उसको ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। इस अवसर पर उपाध्यक्ष विधानसभा डाॅ0 अनुसुया प्रसाद मैखुरी, सचिव विधानसभा जगदीश चन्द्रा, अपर सचिव चक्रधर थपलियाल एवं विधानसभा में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे।
वैष्णो देवी व तिरूपति की तर्ज पर होे राज्य के धार्मिक स्थलों का विकासः राज्यपाल
देहरादून, 16 अगस्त,(निस)। उत्तराखंड के राज्यपाल डा0 अज़ीज़ कुरैशी ने आज पुनः राज्य सरकार को निर्देशित किया है कि उनकी विगत सवा दो वर्षों की अपेक्षाओं के अनुरूप चारधाम सहित राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के व्यवस्थित विकास तथा प्रबंधन हेतु श्री वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड तथा तिरूपति की तर्ज पर एक विकास प्राधिकरण/बोर्ड की स्थापना की जाए। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड के सभी धार्मिक स्थल यहाँ के जनमानस की आस्था, विश्वास तथा धार्मिक संस्कृति का अभिन्न अंग है। इनके विकास के लिए शीर्ष प्राथमिकता पर कार्य योजना बनायी जानी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से अपेक्षा की है कि आजादी के 68वें पावन दिवस के अवसर पर संकल्प लेकर इस दिशा में कार्ययोजना बनाकर जनभावनाओं का सम्मान करें। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि चारधाम परिक्षेत्र एवं यात्रा मार्ग के विकास के लिए प्राधिकरण के गठन से राज्य में धार्मिक पर्यटन विकसित होगा। साथ ही सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों को अन्तर्राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान भी मिलेगी जो राज्य की आर्थिकी के विकास में भी निश्चित ही सहायक होगा। उन्होंने यह भी कहा कि 15 मई, 2012 को उत्तराखंड के राज्यपाल पद का दायित्व संभालने के बाद से वे निरन्तर राज्य सरकार से इस संदर्भ में कुछ ठोस व्यवस्था करने के निर्देश देते आ रहे हैं। जिसको अमली जामा पहनाने के लिए राज्य सरकार को संकल्प लेना चाहिए।
अन्य देशों के लिए भी प्रेरणादायक रहा भारत की आजादी का आन्दोलनः रावत
- राज्य के समस्त परिवारों मिलेगा तीस हजार तक की कैशलैश स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ
- आपदा की मार झेल रहे प्रदेश को केन्द्र से हैं बडी अपेक्षायें
देहरादून, 16 अगस्त,(निस)। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने स्वतंत्रता दिवस की 68वीं वर्षगांठ के अवसर पर परेड़ ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में झण्डारोहण कर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा है कि भारत की आजादी का आन्दोलन विश्व के अन्य देशों के लिए भी प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि आज हमारा देश अन्न उत्पादन, औद्योगिक उत्पादन, सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में शामिल है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की 90 करोड़ की जनसंख्या के भाई बहन मध्यम वर्ग से है, जबकि लगभग 25 से 30 करोड़ की जनसंख्या अब भी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रही है। उन्होंने अपील की गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों लोगांे के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में हम सभी को प्रयास करने होंगे। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि किसानों का सम्मान देश की आजादी का सम्मान है। इसी के लिए सरकार द्वारा किसान सम्मान पेंशन योजना प्रारंभ कर रहे है। हमारा लक्ष्य 02 अक्टूबर 2014 से राज्य के समस्त परिवारों को तीस हजार रुपये तक की कैशलैश स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ देना है। राज्य के निराश्रित विधवा एवं निर्बल वर्ग की महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री सत्त आजीविका योजना प्रारंभ की जायेगी। कामकाजी महिलाओं के अपंग होने की स्थिति में उन्हें उम्र और आय को आधार माने बिना विशेष मासिक पेंशन प्रदान की जायेगी। कन्या शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए गौरा देवी कन्याधन राशि को भी बढ़ाकर दुगुना किया गया है। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, मेडिकल शिक्षा व आई.टी.आई. में अस्सी प्रतिशत या अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटाॅप देने का निर्णय लिया गया है। छात्राओं के लिए अंक का मानक कम रखा गया है। वृद्धावस्था, विकलांग और विधवा पेंशन आठ सौ रुपये प्रतिमाह करने तथा पात्रता के दायरे को एक हजार रुपये से बढ़ाकर चार हजार रुपये करने में सरकार सफल हुई है। वह पर्वतीय क्षेत्रों में महिला मंगल दलों व कीर्तन मंडलियों तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को क्लस्टर आधारित कृषि रोजगार की दिशा में जोड़ने के लिए विशेष योजना प्रारंभ कर रहे है। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि पिछले वर्ष हमारे राज्य में भीषण आपदा आयी और हम एक भीषण त्रासदी के दौर से गुजरे। भीषण त्रासदी के बाद अब प्रदेश पुनर्निर्माण व विकास की प्रक्रिया से गुजर रहा है। राज्य के बड़े हिस्से को भीषण त्रासदी से काफी नुकसान उठाना पड़ा, संपर्क व्यवस्थाएं पूर्णतः अस्त-व्यस्त हो गयी थी। बहुत कुछ सुधार किया है, मगर अब भी उन क्षेत्रों में और कार्य करने की आवश्यकता है। हमारे जिन परिवारों ने इस आपदा में अपने कुटुम्बिजन खोये हैं, उन परिवारों का दुःख बांटना तथा उन्हें पांवो पर खड़ा करना सरकार का दायित्व है। आपदा पीडि़तों को विभिन्न मदों से दी जाने वाली राहत राशि में समुचित वृद्धि कर उन्हें फिर से, उनकेे व्यवसाय को खड़ा करने में मदद की है। चारधाम यात्रा मार्गों में होटल एवं परिवहन व्यवस्था को रास्ते पर लाने के लिए सरकार ने कुछ योजनाएं लागू की हैं। मगर अब भी इस क्षेत्र में बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। तीर्थ पुरोहित को विश्वास में लेकर केदारधाम का पुनर्निर्माण कार्य प्रारम्भ कराने जा रहे है। इस वर्ष अभी तक लगभग तीन लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए आये और हम एक सुरक्षित चारधाम यात्रा का संदेश देश-दुनिया को देने में सफल रहे हैं। अगले वर्ष उत्साहपूर्ण और विश्वास भरे वातावरण में चारधाम यात्रा का संचालन करेंगे। कैलाश मानसरोवर और श्री हेमकुण्ड साहिब की पवित्र यात्रा भी व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रही है। टिहरी झील, हरिद्वार और ऋषिकेश को बड़े पर्यटन गंतव्यों के रूप में विकसित करने की योजना पर काम प्रारंभ हो चुका हैं। हमारा हिमालय, हमारे जंगल, हमारी नदियां, पशु-पक्षी और शांत वातावरण लोगों के लिए और अधिक आकर्षक बन सके, इसके लिए योजनागत तरीके से कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक काम करें, इसके लिए हमें दूसरों की तरफ नही देखना है, बल्कि स्वयं उदाहरण बनना है। स्वतंत्रता दिवस के इस पावन मौके पर हम सभी को अपने आपको समावेशी, संतुलित मगर द्रुत विकास के लिए समर्पित करना है। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य की सकल आमदनी के साथ-साथ प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि दर दूसरे राज्य के लोगों के लिए प्रेरणा और उत्सुकता का विषय बनी हुई है, मगर मैं जानता हूं कि आज भी हमारी आबादी का एक बड़ा हिस्सा दो जून का संतुलित भोजन जुटाने में भी असमर्थ है। हम आगे बढे, मगर हमारा लक्ष्य राज्य का गरीब व्यक्ति, विकास वंचित क्षेत्र होना चाहिए। उत्तराखण्ड को केन्द्र सरकार से बहुत अपेक्षा है। आपदा से गंभीर रूप से ग्रस्त राज्य को अपने पुराने स्वरूप में आने के लिए उदार केन्द्रीय सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मैं अपने सभी वीर शहीदों और राज्य के आन्दोलन के शहीदों, दैवीय आपदा के शहीदों को नमन करता हूं। वे सब हमारे तिरंगे की शान के लिए जिये और बलिदान हुए, और आने वाली पीढ़ी के लिए उदाहरण छोड़कर गये हैं। उत्तराखण्ड अपनी राष्ट्र सेवा की, इस पहचान को हमेशा बनाये रखेगा।
नंदा राजजात के लिये की गई समुचित तैयारियांः मुख्यमंत्री
देहरादून, 16 अगस्त,(निस)। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आगामी 20 अगस्त से शुरु होने वाली नन्दादेवी राजजात के बारे में बात करते हुए कहा कि यात्रा मार्ग व्यवस्थित करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी धार्मिक पद यात्रा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा के महत्व को देखते हुए इसके लिये समुचित तैयारियां की गई हैं। बताते चले कि नंदा देवी राजजात वर्ष 2000 में आयोजित की गई थी, 12 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित की जाने वाली यह यात्रा अब 14 वर्षों के पश्चात आयोजित की जा रही है। दुनियां की सबसे लम्बी इस पैदल यात्रा में श्रद्धालू 230 किमी लम्बा सफर पैदल तय करते हैं। यात्रा चमोली के नौटी स्थल से शुरु होकर विभिन्न पडावों से होते हुए नौटी में ही आकर समाप्त होती है।
पारम्परिक सांस्कृतिक, भाषा, वाद्य यंत्र और कलाकारों-शिल्पकारों के संरक्षण को सरकार कटिबद्ध
देहरादून, 16 अगस्त,(निस)। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बताया कि उत्तराखण्ड की पारम्परिक सांस्कृतिक, भाषा, वाद्य यंत्र और कलाकारों सहित शिल्पकारों के संरक्षण के लिए भी सरकार ने कई योजनाएं घोषित कर, कुछ पर काम भी प्रारम्भ कर दिया है। पर्वतीय शिल्प के संवर्धन के लिए एक राष्ट्रीय संस्थान को स्थापित करने के साथ ही राज्य के अति पिछड़े और असंगठित सामाजिक समूहों की हस्तकला व उसके संरक्षण के लिए भी सरकार कार्य कर रही है। अति पिछड़े वर्ग के कल्याण हेतु अति पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद का गठन करने का निर्णय लिया है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए पहले से ही चली आ रही कई योजनाओं के लिए धनराशि और लक्ष्यगत संख्या को लगभग दुगुना कर दिया गया है। मलिन और वाल्मिकी बस्तियों के विकास हेतु पचास करोड़ रुपये का कारपस फण्ड स्थापित किया गया है। राज्य के पास अपना ठोस औद्योगिक विकास का ढांचा है। अब लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों तथा पर्वतीय क्षेत्रों में पूंजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कुछ और उपाय किये जा रहे हैं। इसके लिये सौ नये लघु औद्योगिक क्षेत्रों को चयनित करने का कार्य प्रारभ कर दिया है। सरकार ऐसे स्थानों पर आंतरिक और बाहय पूंजी को आकर्षित करने के लिए बहुत सारी सहूलियतें भी देने जा रही है। पर्वतीय खेती और बागवानी का पुर्नद्धार राज्य निर्माण की अवधारणा की सफलता के लिए अति आवश्यक है। चारा और फल प्रजाति के वृक्षों का सघन रोपण, जीर्ण हो चुके बगीचों का पुनरूत्थान सहित इस क्षेत्र में पिचहत्तर प्रतिशत से लेकर नब्बे प्रतिशत तक अनुदान आधारित योजनाएं सम्मिलित है। सरकार ने गांवों में जंगली जानवरों से खेती की सुरक्षा हेतु सुरक्षा दीवार बनाने के साथ-साथ, चारा प्रजाति और फल आधारित वृक्षों के रोपण के लिए चार वर्षीय बोनस आधारित योजना स्वीकृत कर दी है। गन्ना किसानों के बकाये के भुगतान के लिए सरकार ने कुछ उपाय किये हंै। प्रदेश सरकार को केन्द्र सरकार से भी इस दिशा में मदद की उम्मीद है। गैरसैंण में विधान सभा सत्र का आयोजन राज्य आन्दोलन की भावनाओं का सम्मान है मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिशा में और आगे बढेंगे। इसके लिए सरकार ने गैरसैंण विकास और अवस्थापना परिषद का गठन भी किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मेरी सरकार अब अधिक से अधिक गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों में कार्य करते हुए नजर आयेगी। इसी उद्देश्य को लेकर अल्मोड़ा में कैबिनेट की बैठक की गई। उन्होंने बताया कि अब अन्य जनपदों में भी वह ऐसी बैठक करने जा रहे हैं।
दस नागरिक सेवाओं में होगा जीरों पेंडेंसी कान्सेप्ट लागूः मुख्यमंत्री
देहरादून, 16 अगस्त,(निस)। मुख्यमंत्री ने बताया कि जन शिकायतों के निराकरण के लिए समाधान योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। राज्य सरकार की दस नागरिक सेवाओं में जीरों पेंडेंसी कान्सेप्ट को इस माह के अंत तक लागू किया जा रहा है। इसी दौरान बीस नई तहसीलों तथा दो उप तहसीलों की स्थापना भी की गई है। चिकित्सा सुविधाओं में कुछ व्यापकता लाने के लिए वह अगले पन्द्रह दिनों में कुछ नये निर्णय लेने जा रहे हैं। जिससे वर्ष 2015 तक गर्भवती महिला मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में भारी कमी लायी जा सके। इसके लिये परम्परागत चिकित्सा माध्यमों के साथ-साथ मोबाईल चिकित्सालय, शिविर चिकित्सालय और हैलीकाॅप्टर सेवा योजना का भी सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में सरकार को कई सुधारात्मक कदम उठाते हुए देखा जायेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के स्तर में सुधार लाये बिना, सबका विकास, सबका कल्याण की उत्तराखण्ड की सोच सफल नहीं हो सकती है। न केवल राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों की योजनाओं को व्यावहारिक बना रहे है, बल्कि प्रत्येक विकासखण्ड में अगले वर्ष एक राजीव गांधी अभिनव आवासीय स्कूल भी स्थापित करने जा रहे हंै। लोक भाषा बोलियों में उत्कृष्ट साहित्य सृजन के लिए साहित्यकारों व लेखकों को पुरस्कृत करने की योजना बनायी गई है। लोक गायक और कलाकारों के कल्याण के लिए पांच करोड़ रुपये के कोष का गठन किया गया है। 154 मदरसों को शासन द्वारा मान्यता प्रदान की गई है। उत्तराखण्ड सर्वाधिक वीरता अनुदान देने वाला राज्य है। सरकार प्रत्येक जनपद में न केवल शहीद स्मारक की स्थापना करेगी बल्कि शहीद सैनिकों के बच्चों के लिए राज्य की निजी शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश सुलभ हो सके, इसके लिए कानून भी बनायेंगे। सरकार ने अर्द्ध सैनिक बलों को भी वही सुविधाएं देने का निर्णय लिया है, जो पूर्व सैनिकों के लिए अनुमन्य है।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को किया सम्मानित, पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को भी दिया सम्मान
देहरादून, 16 अगस्त,(निस)। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने परेड मैदान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में उपस्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को शाॅल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपने राज्य के आन्दोलनकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सग्रंाम सेनानी धर्मवीर सिंह, शूरसिंह चैहान, रामप्रताप बहुगुणा, कैलाशानंद, भीमसेन, परिपूर्णानन्द पैन्यूली, डा0 मेजर मुद्देश्वर सिंह, सच्चिदानंद पैन्यूली, साधू सिंह को सम्मानित किया जबकि चन्द्र सिंह नेगी व उदयवीर सिंह के अनुपस्थिति में उनके परिजनों को सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सराहनीय सेवा के लिए (सेवा के आधार पर) पुलिस उपाधीक्षक हरीश कुमार, निरीक्षक नन्दन सिंह बिष्ट व कन्हैया प्रसाद, उपनिरीक्षक कैलाश चन्द्र भट्ट व महेश कुमार जोशी को माननीय मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया। विशिष्ट कार्य के लिए मुख्यमंत्री ने निरीक्षक अभिसूचना कुलवान सिंह रावत, दलनायक(40वीं पीएसी) सुरेन्द्र प्रसाद बलूनी, प्लाटून कमाण्डर नरेन्द्र मेहरा, आर0एस0ओ रूद्रप्रयाग आषाढ़ सिंह, हे0कां0 जगदीश दत्ता व मनोज रावत, कान्सटेबल में अजय मेहरा, कमल शर्मा, मनीष सिंह, राजेन्द्र सिंह भण्डारी, लक्ष्मण सिंह, रमेश चन्द्र गौड़, बृजमोहन राणा, वासुदेव सिंह, विक्रम सिंह, हितेश नबियाल, मनोज चन्द्र, बिजेन्द्र कुडि़याल, सुशील कुमार, राजेश उनियाल, दशरथ सिंह, विकल दुशाद, विद्यासागर उनियाल, सूर्यकान्त उनियाल, बिरेन्द्र काला, मनोज जोशी, रोशन तोमर, बलबीर कठैत, यशवन्त राणा व औसाद खान, फायरमैन में रवि चैहान, कुलदीप, सुधीर ग्वाड़ी व प्रवीण चैहान सहित पी0आर0ड़ी विपीन शर्मा को माननीय मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया।


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