सुरेन्द्र ने खंडूडी के बयान पर किया पलटवार
देहरादून, 22 अगस्त (निस)। मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेन्द्र कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता भुवन चन्द्र खण्डूड़ी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि खंडूड़ी जी को बताना चाहिए कि 21 अगस्त, 2011 को अपने एक मुख्यमंत्री पर देश का भ्रष्टतम मुख्यमंत्री कहने का आरोप क्या उन्होंने वापस ले लिया है। उन्हें यह भी बताना चाहिए कि मुख्यमंत्री रहते हुए उनके एक कैबिनेट मंत्री पर योग गुरू बाबा रामदेव ने लैंड यूज के नाम पर करोड़ों रुपये लेने का आरोप लगाया था। उस आरोप के बारे में श्री खंडूड़ी जी को क्या कहना है। क्या उन आरोपों की जांच कराने की आवश्यकता लगती है। मीडिया प्रभारी श्री कुमार ने यह भी कहा कि कांग्रेसनीत राज्य सरकार की एक प्रभावी लोकायुक्त संस्था बनाने की मंशा है और ऐसी संस्था बनाने के लिए समय की भी आवश्यकता होती है। पूर्व मुख्यमंत्री खंडूडी के बनाये हुए लोकायुक्त कानून में काफी खामियां थी, जिसमें संविधान के अनुच्छेदों, उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन होता है। हमारी सरकार इन सभी अवरोधो को दूर करके एक प्रभावी लोकायुक्त संस्था का गठन करना चाहती है। श्री कुमार ने यह भी कहा कि आपदा को लेकर भी भाजपा नेता हल्की राजनीति कर रहे है। जिससे चारधाम यात्रा व श्री नंदादेवी राजजात पर आने वाले देश भर के यात्रियों के सामने प्रदेश की छवि खराब हो रही है। भाजपा नेताओं के कारण पूरे देश में यह संदेश जा रहा है कि उत्तराखण्ड में यात्रा सुरक्षित नही है। उन्होंने भाजपा नेताओं को याद दिलाया कि भाजपा नेताओं ने यात्रियों से सिर पर कफन बांध कर उत्तराखण्ड आने की बात कही थी, जो कि शर्मनाक है। श्री कुमार ने आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा कि भाजपा नेता प्रदेश की चारधाम यात्रा और श्री नंदादेवी राजजात यात्रा के महत्व को समझने में असफल रहे है।
सहायता राशि वितरित करने के निर्देश
देहरादून, 22 अगस्त (निस)। सचिव आपदा प्रबन्धन भास्करानंद ने वित्तीय वर्ष 2014-15 में मानसून अवधि के दौरान प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति पर अहेतुक सहायता, गृह अनुदान एवं अनुग्रह अनुदान मदों को पुनरीक्षित दरों के आधार पर वितरित किये जाने के सम्बन्ध में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किये है। सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि विगत वर्षो की भांति इस वित्तीय वर्ष 2014-15 में भी मानसून अवधि के दौरान राज्य में भारी वर्षा, बादल फटने आदि से जानमाल की क्षति हुई है। प्राकृतिक आपदा के कारण जिनके घर बह गये हो अथवा जलभराव से प्रभावित हो, को कपड़ों और बर्तन हेतु अब 4000-4000 रुपये कुल (8000 रूपये) प्रति परिवार राहत राशि दी जायेगी। पूर्व में यह राशि कपड़े व बर्तन हेतु एसडीआरएफ तथा एनडीआरएफ के मानक अनुसार क्रमशः 1300 रुपये व 1400 रुपये (कुल 2700 रुपये) दी जाती थी।
योजनाओं का निरंतर हो स्थलीय व भौतिक सत्यापन: मनीषा
देहरादून, 22 अगस्त (निस)। जिला स्तर पर चल रहे विकास कार्यो की निरन्तर समीक्षा हेतु शासन द्वारा प्रत्येक जनपद हेतु नामित प्रभारी सचिव के रूप में आज प्रमुख सचिव मनीषा पंवार द्वारा कलैक्ट्रेट सभागार देहरादून में जनपद की समीक्षा करते हुए कहा कि विभिन्न विभागीय योजनाओं के अन्तर्गत हो रहे विकास कार्यो का निरन्तर स्थलीय व भौतिक सत्यापन कराया जाये। उन्होने कहा कि अगली बैठक से पूर्व वह स्वयं योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेगीं। उन्होने जिलाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में गठित टास्क फोर्स के माध्यम से विभागों की योजनाओं का निरीक्षण तथा सत्यापन कराये। उन्होने कहा कि अगली बैठक में विभागीय योजना के भौतिक सत्यापन की स्थिति के साथ ही विभागवार जो कार्य हो रहे है उसमें से एक प्रोजेक्ट का प्रत्येक विभाग प्रजेंटेशन भी प्रस्तुत करेगा। प्रमुख सचिव ने समाज कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न पेंशन योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी योजनाओं के अन्तर्गत पात्र लाभार्थियों को पेंशन समय से प्राप्त हो जानी चाहिए। विद्यालयों में विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति की समीक्षा करते हुए उन्होने कहा कि जिलाधिकारी इस बात पर विद्यालयों से पुष्टि कर लें की विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति पात्र छात्र/छात्राओं को समय पर मिल रही है। उन्होने समयबद्धता तथा पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए विद्यालय प्रबन्धन समितियों के साथ समय-2 पर बैठक बुलाकर प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होने अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति वितरण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताते हुए इसका भी समय-2 पर अनुश्रवण करने को कहा। उन्होंने शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत विद्यालयों में हुए दाखिलों के सम्बन्ध में समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान वर्ष के दाखिले के साथ ही गत वर्ष की फीस विद्यालयों को ट्रांसफर हुई या नही इसका भी अनुश्रवण करें। बैठक में प्रमुख सचिव मनीषा पंवार द्वारा सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि उनके विभाग को जिला योजना, राज्य सेक्टर केन्द्र पोषित योजनाओं में जो भी धनराशि प्राप्त हुई है उसका सद्पयोग यथाशीघ्र कर कार्यो में प्रगति लाई जाये। बैठक मे प्रमुख सचिव को अवगत कराते हुए जिलाधिकारी चन्दे्रश कुमार ने बताया कि सभी विभागों को 50 प्रतिशत् धनराशि जिला योजना के अन्र्गत अवमुक्त कर दी गयी है। जिससे चालू योजनाआंे के अन्तर्गत व्यय किया जाना है। उन्होने कहा कि अधिकांश विभागों द्वारा यह धनराशि 30 सितम्बर तक व्यय कर ली जायेगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी प्र0 झरना कमठान, अपर जिलाधिकारी वि/रा प्रताप सिंह शाह, डीएफओ सुशांत पटनायक सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
नोडल अधिकारी किया गया नियुक्त
देहरादून, 22 अगस्त (निस)। उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए प्रदेश की वित्त एवं उच्च शिक्षा मंत्री डा0 श्रीमती इन्दिरा हृदयेश नई कार्ययोजना के साथ कार्य करने के लिए तत्पर है। डा0 हृदयेश के आदेशो के क्रम मंे उच्च शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने निदेशालय मे तैनात सहायक निदेशक डा0 अनुराग अग्रवाल तथा डा0 सतपाल सिह साहनी को विशेष कार्य आबंटित किये है। नये कार्य आबंटन के अनुसार संम्बन्धित अधिकारियो श्री साहनी को कुलपति श्री देवसुमन विश्वविद्यालय से तथा श्री अग्रवाल को कुलपति कुमायू विश्वविद्यालय से समन्वय हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। ये दोनो अधिकारी कुमाऊ और गढवाल के 36 अधिसंख्या वाले राजकीय महाविद्यालयो तथा अशासकीय महाविद्यालयो के सीट वृद्धि सम्बन्धी प्रकरणो की सम्पूर्ण कार्यवाही करेंगे। इसके साथ ही दोनो मंडलो के नवीन स्वीकृत राष्ट्रीय महाविद्यालयो की सम्बद्धता सम्बन्धी सम्पूर्ण कार्यवाही करेगे।
भू-क्षेत्रों के संरक्षण व विकास पर गोष्ठी आयोजित
देहरादून, 22 अगस्त (निस)। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के पर्वतीय प्रभाग एवं गोबप हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान, कोसी-कटारमल (अल्मोड़ा) की संयुक्त पहल से मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, देहरादून के मंथन सभागार में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य उत्तराखण्ड के पवित्र भू-क्षेत्रों के दीर्घकालिक संरक्षण एवं पर्यावरण संगत विकास हेतु प्रदेश सरकार के सम्बन्धित विभागों, शोध व विकास कार्य से जुडे संस्थानों, प्रदेश की अग्रणी गैर सरकारी संस्थाओं एवं हिमालयी क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण एवं विकास में रूचि रखने वाले विद्धानों से व्यापक परामर्श के उपरान्त संरक्षण व विकास की रणनीति निर्धारित करना था। गोष्ठी के मुख्य अतिथि श्री परशुराम ने कहा कि कैलाश परियोजना समपन्न जैव विविधता, विषम भौगोलिक परिस्थितियां एवं आर्थिक-सामाजिक विभिन्नताओं का उत्कृष्ठ उदाहरण है। अतः इस परियोजना की सफलता से निकलने वाले परिणाम देश के अन्य पर्वतीय भागों हेतु भी उपयोगी सिद्ध होंगे। आजीविका वृद्धि के उपाय एवं जैव उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाना इस परियोजना की सफलता में मुख्य भूमिका अदा करेंगे। जिसके लिए स्थानीय स्तर पर संस्थाओं का गठन करना होगा। इससे पूर्व संस्थान के निदेशक डा0 पीताम्बर ध्यानी ने आशा व्यक्त की कि इस महत्वपूर्ण गोष्ठी के निष्कर्ष उक्त दोनों संस्थानों के वैज्ञानिकों के उपरोक्त परियोजनाओं को सफलतापूर्वक संचालित करने की दिशा में अत्यन्त लाभकारी सिद्ध होंगे। इस अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव वृज राठौर ने गोष्ठी के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन एवं प्रकृति में मानव के बढ़ते दखल से उत्पन्न हो रही जैव विविधता संरक्षण एवं संतुलित विकास की चुनौती का समग्र रूप से समाधान हेतु भू-क्षेत्र को इकाई के रूप में नियोजित करने की जरूरत है। इस अवसर पर मनोज चन्द्रन, राजीव भरतरी, डा0 अनुपम जोशी, पर्यावरण संस्थान, अल्मोड़ा के वैज्ञानिक डा0 राकेश मैखुरी व डा0 गिरीश ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में एफआरआई के निदेशक डा0 भोजवैद, वैज्ञानिक डा0 हर्ष, केन्द्रीय मृदा एवं जल संरक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक डा0 मिश्रा, वरिष्ठ वैज्ञानिक डा0 चतुर्वेदी, डा0 तोमर आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।
ऐतिहासिक होगी भाजपा प्रदेश कार्य समिति की बैठकः शुक्ला
देहरादून, 22 अगस्त (निस)। विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि रूद्रपुर में 23 से 25 अगस्त तक आयोजित होने वाली भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक ऐतिहासिक होगी। तैयारियों को लेकर सभी व्यवस्थायें एवं जिम्मेदारियां सौंप दी गयी हैं। करीब 300 प्रतिनिधि इस प्रदेश कार्यसमिति में भाग लेंगे तथा प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेताओं एवं पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ साथ केंद्र से प्रदेश के प्रभारी व भारत सरकार के कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री रामलाल व सहमहामंत्री शिव प्रकाश व सौदान सिंह विशेष रूप से शामिल होंगे। विधायक शुक्ला ने बताया कि इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। 23 अगस्त को सायं प्रदेश पदाध्किारियों की बैठक में कार्यसमिति के सभी पहलुओं पर विचार विमर्श किया जायेगा तथा राजनीतिक प्रस्ताव तैयार होगा। उन्होंने प्रेस के लोगों को समाचार संकलन में असुविधा न हो इसके लिए विशेष प्रयास किये गये हैं। 24 अगस्त को आने वाले सभी प्रतिनिधियों को तिलक लगाकर व उनका पुष्पवर्षा कर स्वागत करने की जिम्मेदारी महिला मोर्चा को सौंपी गयी है। भोजन व्यवस्था के लिए भी अनुभवी एवं जिम्मेदार कार्यकर्ताओं को लगाया गया है। इस प्रदेश कार्यसमिति के सफल आयोजन के लिए प्रभारी मदन कौशिक दो बार जिले में बैठक कर चुके हैं तथा प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत भी बैठक कर निर्देश दे चुके हैं तथा सभी कार्यकर्ता जी-जान से तैयारियों में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी दलों को अपनी बैठक करने व संगठन की रूपरेखा तय करने का अधिकार है तथा राजनीतिक परम्परा के अनुसार कोई भी दल इसका विरोध नहीं करता किन्तु आश्चर्य की बात है कि कांग्रेस के कैबिनेट दर्जा प्राप्त पूर्वमंत्री तिलकराज बेहड़ ने इस प्रदेश कार्यसमिति के विरोध का ऐलान किया है जो हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि यदि इसका विरोध किया गया तो भाजपा इसका जवाब देगी।

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