तानाशाह होते तो बच्चों को महाभारत भगवद गीता पढ़ाते : दवे - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 3 अगस्त 2014

तानाशाह होते तो बच्चों को महाभारत भगवद गीता पढ़ाते : दवे



सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ए.आर. दवे ने एक सेमिनार में कहा कि अगर वो तानाशाह होते तो बच्चों को पहली क्लास से महाभारत और भगवद गीता पढ़ाते। दवे ने कहा कि महाभारत और भगवद गीता से हम जीवन जीने का तरीका सीखते हैं। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी प्राचीन परंपरा और ग्रंथों की ओर लौटना चाहिए। यदि वे भारत के तानाशाह होते तो बच्चों को पहली कक्षा से ही इन्हें लागू करते। दवे ने ये भी कहा कि महाभारत और भगवद्गीता जैसे मूल ग्रंथों से बच्चों को कम उम्र में ही अवगत कराना चाहिए।

न्यायमूर्ति दवे 'समकालीन मुद्दों एवं वैश्वीकरण के युग में मानवाधिकारों की चुनौतियां' विषय पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय विचार गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। न्यायमूर्ति दवे ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा जैसी हमारी प्राचीन प्रथा खत्म हो चुकी है। यदि वो रहती तो देश में हिंसा और आतंकवाद जैसी समस्याएं नहीं रहतीं, लेकिन अब हम कई देशों में आतंकवाद देख रहे हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन गुजरात ला सोसाइटी की ओर से किया गया था।

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