- बाजार में बाइक, कार, ज्वैलरी, जमीन-मकान आदि की होगी जबरदस्त बिकवाली
- वजह: गुरु पुष्य नक्षत्र के चलते बन रहा खरीदी का महामुहूर्त
बाजार में धनतेरस-दीवाली की तैयारी अब तेज हो गयी है। व्यापारी ग्राहकों को लुभाने के लिए न सिर्फ आकर्षक डिजाइन, उम्दा क्वालिटी के सामानों का स्टाॅक बना रहे है, बल्कि तरह-तरह के आॅफरों के साथ गिफट देने की भी योजना है। पिछले तीन सालों के सापेक्ष सोने के दाम में भारी गिरावट के चलते इसके कारोबारी कुछ ज्यादा ही उत्साहित है। उनका मानना है कि इस दीवाली-धनतेरस में लोग सोना निर्मित आभूषणों की खूब खरीददारी करेंगे। वैसे भी इस बार की 5 दिनों वाली दीवाली में खरीदारी का 27 घंटे का महामुहूर्त योग बन रहा है। इस दिन गुरुवार तीन योगों का संयोग होने के कारण यह दिन खरीदी के लिए अक्षय पुण्यकारी है। ज्योतिषियों की मानें तो इस दिन खरीदी गई वस्तु से गुरु समृद्धि बढ़ाता है, जबकि शनि उसमें स्थायित्व प्रदान करता है। इस दिन बाइक, कार, ज्वैलरी के साथ जमीन-मकान भी खरीदे जा सकते हैं। इस महायोग को भुनाने के लिए व्यापारी काफी उतावले दिख रहे है। एक अनुमान के मुताबिक पूर्वांचल सहित पूरे यूपी में धनतेरस-दीवाली पर 1500 करोड़ कारोबार होने के आसार है।
नवरात्रि समाप्त होते ही बाजार में दीवाली-धनतेरस जैसे त्यौहारी रौनक दिखने लगी है। कारोबारियों ने ग्राहकों की मांग के अनुरूप अगल-अलग सामानों की वेरायटी स्टॉक कर ली है। पिछले साल की तुलना में महंगाई दर में कमी से इस बार व्यापारियों का अनुमान है कि अलग-अलग क्षेत्रों में दीवाली तक पूर्वांचल के बाजारों में 1500 करोड़ का कारोबार तो होगा ही। नवरात्रि और दशहरे में ही इलेक्ट्रानिक, सर्राफा और आटोमोबाइल मार्केट ने अच्छी-खासी रकम बटोरी। इस कारण व्यापारियों को उम्मीद है कि इस बार अच्छी फसल का फायदा सीधे बाजार को ही मिलेगा। यही कारण है कि पूरा बाजार ग्राहकों को आकर्षक छूट और गिफ्ट प्लान के साथ अभी से तैयार हो गया है। मुख्य रूप से सराफा के दामों में आयी भारी गिरावट से आभूषणों की जमकर बिक्री की संभावना को लेकर शहर के सराफा व्यापारियों ने आकर्षक डिजाइनों के गहनों का भी स्टॉक कर रखा है। 17 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र और 21 को धनतेरस है। दीपावली 23 अक्टूबर है। इन तीन दिनों में ही कारोबार होने की उम्मीद व्यापारी कर रहे हैं।
ज्वेलरी बाजार
इस साल लोगो में सोने-चांदी के अलावा डायमंड व कुंदन ज्लेवरी की मांग ज्यादा देखी जा रही है। खासकर महिलाओं का रूझान डायमंड की आकर्षक डिजाइनर ज्वेलरी की ओर देखा जा रहा है, जिसके चलते सराफा व्यवसासियों ने पारंपरिक आभूषणों के अलावा डायमंड की बेहतरीन डिजाइनर ज्वेलरी मंगी रखी है। ग्राहकों की मांग को देखते हुए कारोबारियों ने मुंबई व दिल्ली की ज्वेलरी डिजाइन अपने दुकान में उपलब्ध करायी है। वैसे भी सोने की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। आज वायदा बाजार एमसीएक्स में सोना 490 रुपए गिरकर 26,511 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। चांदी में 814 रुपये प्रति किलो की गिरावट आई और वह 37,888 रुपए पर जा पहुंची। यह पीला बहुमूल्य धातु अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 15 महीनों के न्यूनतम पर आ पहुंचा है। ऐसा अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बेहतरी के कारण हुआ। वहां अनुमान से कहीं ज्यादा लोगों रोजगार मिलने से उम्मीदें बढ़ी हैं और डॉलर मजबूत हुआ। सोने की तरह प्लेटिनम और चांदी में भी गिरावट आई है। प्लेटिनम तो 2009 के अपने न्यूनतम स्तर पर जा पहुंचा जबकि चांदी 2010 के स्तर पर जा पहुंची है। नकदी सोना आज हांगकांग के अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 0.27 फीसदी गिरकर 1,187.45 डॉलर प्रति औंस पर जा पहुंचा। कारोबारियों ने बताया कि बाजार में सोने के खरीदार नहीं हैं। अमेरिकी सोना 0.41 फीसदी गिरकर 1,188 डॉलर प्रति औंस पर जा पहुंचा है। तीनसाल बाद सर्राफा मार्केट में फिर से भारी और टिकाऊ ज्वैलरी का चलन लौट आया है। ज्वैलर्स की मानंे तो ग्राहकों के मूड में आए इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह बीते तीन साल में सोना सबसे सस्ता होना है। इस त्योहारी सीजन के शुरुआती दिनों में ग्राहकों की मांग का अंदाजा लगने के बाद ज्यादातर ज्वैलर्स कारीगरों को गहरे ब्लॉक वाली ज्वैलरी बनाने का ऑर्डर दे रहे हैं। सर्राफा विशेषज्ञ कहते हैं कि इस बार प्री दीपावली का बाजार पिछले साल से 50 फीसदी तक ज्यादा है। जो ग्राहक इस दीपावली सीजन में खरीदारी का मन बना चुके हैं, वे इंतजार नहीं कर रहे। जानकारों का भी मानना है कि दीपावली के आसपास सोने के दाम फिर बढेंगे। क्योंकि ‘सोना पिछले साल से 4000 रुपए प्रति दस ग्राम तक सस्ता है। खरीदारी के लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता। हालांकि दीपावली तक सोने में तेजी के आसार हैं। सोना फिर से 28 हजार के पार जा सकता है। इससे जुड़े कारोबारियों का कहना है कि कई सालों बाद इस बार कुंदन, रुबी और माणिक ज्वैलरी की मांग बढ़ी है। विशेष पत्थरों में गढ़कर बनाई जाने वाली ये ज्वैलरी सोने की प्रचलित ज्वैलरी से महंगी होती हैं। इसके ग्राहक भी खास वर्ग के लोग होते हैं। लेकिन सोने के दाम कम होने और तीन सालों में आय में हुई बढ़ोतरी से इस बार मध्यम वर्ग के लोग भी कुंदन ज्वैलरी की पूछ परख कर रहे हैं।
इलेक्ट्रानिक बाजार
आर्थिक सुधारों की कवायद के कारण इस बार एक माह पहले से ही इलेक्ट्रानिक बाजार ने दीपावली के लिए खास तैयारियां की हैं। पिछले साल के सापेक्ष इलेक्ट्रानिक उपकरणों के दाम में आयी कमी ने इलेक्ट्रानिक बाजार की भी रौनक बढ़ा दी है। कारोबारियों का कहना है कि इस साल दिवाली की खरीदी में लोगों की पहली पसंद एलईडी टीवी बन चुकी है। विभिन्न कंपनियों द्वारा दी गई आकर्षक ऑफर के चलते अभी से ही एलईडी की बिक्री ने पिछले 8 साल के रिकार्ड की बराबरी अभी से कर ली है। ऐसे में दीवाली तक इलेक्ट्रानिक्स का कारोबार दोगुना होने की संभावना बनी हुई है। नए फीचर वाले फ्रिज और दूसरे आयटम भी लोगों को खींचेंगे। हर कोई दीवाली पर कुछ नया करना चाहता है। ऐसे में युवा वर्ग ही क्यों पीछे रहे। शायद यही वजह है कि दीवाली को खास बनाने के लिए युवाओं की चाहत को भी दुकानदारों ने बाजारों में उतार दिया है। मोबाइल की दुकानें शानदार स्मार्ट फोन से भर गई हैं। इन्हें इंतजार है तो बस ग्राहकों का। वजह भी साफ है एफबी से लेकर व्हाटस ऐप के बिना सबकुछ अधूरा ही लगता है। इंटरनेट के प्रसार ने लोगों को स्मार्ट बना दिया है। ऐसे में हर कोई एंड्रायड और लंबे बैटरी बैकअप वाला फोन लेना चाहता है। कंपनियों ने पांच हजार की रेंज से ऐसे फोन बाजार में उतार दिए हैं। स्मार्ट फोन के मामले में वैसे सैमसंग का कोई सानी नहीं है। लेकिन उसे बाकी कंपनियों से भी कड़ी टक्कर मिल रही है। नोकिया के ल्यूमिना और एक्स एल ने गैलेक्सी को पिछाड़ने की कोशिश की है। इसकी भी बाजार में जबरदस्त डिमांड है। गूगल के मोबाइल जगत में आने के साथ ही कम बजट वाले भी स्मार्ट फोन रखने का ख्वाब संजो रहे हैं। यह सस्ता होने के साथ ही विश्वसनीय भी नजर आ रहा है। सोनी के ई थ्री व जेड सीरिज की भी काफी डिमांड है। इसके साथ ही स्टूडेंटस टैबलेट की ओर भी आकर्षित हैं। लेकिन टैबलेट से ज्यादा फैबलेट का क्रेज है। दर असल इससे दोनो काम चल रहे हैं। बाजार में इको फ्रेंडली के साथ ऊर्जा का कम उपयोग करने वाले उपकरणों की अधिक मांग की संभावना दुकानदार जता रहे हैं। परंपरागत उत्पाद टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन के अलावा इस बार एलसीडी और एलईडी का स्टाक ज्यादा है। ग्राहकों का मानना है कि इससे बिजली बिल में 25 फीसद की कमी आती है। कारण इस बार दीपावली से पहले ही प्रदेश सरकार ने बिजली की कीमतों में खासा इजाफा किया है। इस वजह से दीपावली पर इलेक्ट्रानिक उपकरण खरीदने वाले ग्राहक बिजली की बचत पर भी खासा ध्यान देंगे। ग्राहकों की इस भावना को दुकानदारों ने भी बखूबी समझा है। यही कारण है कि इस बार बाजार में फ्रिज, वाशिंग मशीन भी फाइव स्टार सीरिज के अधिक हैं। दुकानदारों के मुताबिक विभिन्न कंपनियों ने भी इस बार ग्राहकों का मूड समझ कर उपकरण लांच किए हैं।
ई-शॉपिंग बाजार भी गर्म
शॉपिंग साइट्सों के बीच कड़ी टक्कर होने की वजह से ये जंग और भी तेज हो गई है। फ्लिपकार्ट ने जहां बिग बिलियन डे की शुरुआत की है तो वहीं स्नैपडील ने एक पर एक छूट का विकल्प दिया है। शॉपिंग साइट्स स्नैप डील और एमेजॉन ने फ्लिपकार्ट को टक्कर देते हुए नई स्कीमें शुरू कर दी हैं। इन शॉपिंग साइट्स की टक्कर का असर ट्वीटर और फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी देखे जा सकते हैं। फ्लिपकार्ट ने खरीददारों को लुभाने के लिए एक रुपये से लेकर 50 फीसदी तक छूट की स्कीम चलाई है। वहीं स्नैपडीलश् ने 90 फीसदी से लेकर एक के साथ एक सामान फ्री का ऑफर दे रही है। इन सब के बीच एमेजॉन वेबसाइट ने 10 से 16 अक्टूबर तक दिवाली धमाका वीक का ऐलान कर दिया है। इन शॉपिंग साइटों ने दीवाली के लिए अपनी साइट को खास डिजाइन किया है। ये साइट्स हर सामान पर छूट दे रहे हैं। जिस तरफ से फ्लिपकार्ट पर छूट दी जा रही है, उतनी ही तेजी से सामान आउट ऑफ स्टॉक भी हो रहा है। इन्हें उम्मीद है कि दीवाली में उनका बिजनेस चमक जाएगा। वहीं लोग भी बाजार जाने के बजाए ई-शॉपिंग का ज्यादा तव्वजों दे रहे हैं।
डिजाइनर कपड़ों की डिमांड
दीपावली को देखते हुए कपड़ा बाजार में इन दिनों डिजाइनर कपड़ों की मांग अधिक बनी हुई है। विशेषकर महिलाओं के बीच नई डिजाईनों में पारंपरिक वस्त्रों की मांग बनी हुई है। इस साल आकर्षक डिजाइनों की उपलब्धता सहित कपड़ों के दामों में भी गिरावट दिखी है। जिससे ग्राहकों को किफायती दामों में बेहतर किस्में उपलब्ध हो सकेंगी।
ऑटोमोबाइल बाजार भी उछाल पर
पर्व को देखते हुए प्रमुख रूप से ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी जमकर खरीदारी की उम्मीद की जा रही है। नवरात्र प्रारंभ होते ही दुपहिया वाहनों सहित ट्रैक्टरों की भी खरीदी में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महेन्द्रा कंपनी के संचालक महेन्द्र ने बताया कि नवरात्र के साथ बेहतर ढंग से खुले बाजार से दीवाली तक बेहतर विक्रय की उम्मीद है। कंपनी द्वारा ग्राहकों के लिए खरीदी के साथ बेहतर योजनाएं भी रखी गई है। जिसका ग्राहक जमकर फायदा उठा रहे हैं। इस फेस्टिव सीजन में राजसी लुक वाली कुंदन जूलरी की डिमांड ज्यादा है। इसे देखते हुए कारोबारियों ने कुंदन जूलरी के ऑर्डर भी दे रखे हैं। लाइट वेटेड गोल्ड और डायमंड ज्वैलरी भी ग्राहकों को काफी पसंद आ रही है। सबसे ज्यादा डिमांड युवाओं के बीच है। वे गिफ्ट देने के लिए ऐसी जूलरी ज्यादा खरीद रहे हैं। राजसी लुक के साथ इस बार परंपरागत और मॉर्डन लुक की मिक्स जूलरी भी लोगों के आकर्षण का केन्द्र है। ग्राहक स्टोन लगी जूलरी ज्यादा पसंद कर रहे हैं। राजसी लुक और लाइट वेटेड जूलरी के साथ लोग एंटिक जूलरी भी पसंद कर रहे हैं। ये परंपरागत आभूषणों जैसी होती है और दिखने में भारी होती है। इसी वजह से ग्राहक इस तरह की जूलरी ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बाजार में जूलरी के अलावा गिफ्ट आइटम्स की भी भरमार है। सराफा बाजार में 200 रुपये से 50,000 रुपये और इससे भी ज्यादा के गिफ्ट आइटम्स हैं।
क्या कहते है ज्योतिषि
ज्योतिषि पं रामदुलार उपाध्याय कहते है कि इसबार दीपावली से पहले 27 घंटे खरीदी का महामुहूर्त गुरु पुष्य नक्षत्र योग बन रहा है। लोग दो दिन तक इस शुभ योग में खरीदी कर सकेंगे। 16 अक्टूबर को दोपहर 12.45 बजे गुरु पुष्य नक्षत्र प्रारंभ होगा, जो अगले दिन दोपहर 2.45 बजे तक रहेगा। इसी दिन सूर्योदय से रात 12 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग, जबकि इसी दिन दोपहर 12.47 बजे से दोपहर 2.52 बजे तक अमृत सिद्धि योग भी होगा। इस दिन गुरुवार तीन योगों का संयोग होने के कारण यह दिन खरीदी के लिए अक्षय पुण्यकारी है। उनके मुताबिक 27 नक्षत्रों में पुष्य आठवें क्रम पर है। इसे नक्षत्रों का राजा माना जाता है। बृहस्पति देव (गुरु) की धातु स्वर्ण है और पुष्य का स्वामी शनि है। इस दिन खरीदी गई वस्तु से गुरु समृद्धि बढ़ाता है, जबकि शनि उसमें स्थायित्व प्रदान करता है। गुरु पुष्य स्वर्ण खरीदी के लिए श्रेष्ठ योग माना जाता है। इस दिन भूमि, भवन वाहन भी खरीदे जा सकते हैं।
(सुरेश गांधी)


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