बिहार : एचआईवी की जांच आसान, अंदर ही अंदर घूटघूट कर जीने वालों को फायदा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 14 नवंबर 2014

बिहार : एचआईवी की जांच आसान, अंदर ही अंदर घूटघूट कर जीने वालों को फायदा

  • वन स्टीप एंटी एचआईवी 1/2 टेस्ट से पलभर रिजल्ट प्राप्त

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पटना। स्वास्थ्य विभाग ने संस्थागत एचआईवी/एड्स जांच केन्द्र स्थापना कर रखी है। यहां पर जांच करवाने जो शख्स आते हैं। उसके बारे में और जांचोपरांत रिपोर्ट को गोपनीय रखी जाती है। जांच के क्रम में पाॅजेटिव पाने वाले शख्स को पर्दा में ही रखा जाता है। ऐसा करने से शख्स के सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल नहीं होता है।और तो और परिवार और समाज में सांमजस्य स्थापित कर जिदंगी काट सके।  

अब आसानी से एचआईवी की जांच की जा सकती है। बायो स्टैंडेड डायग्नोस्टिक प्रा.लि. ने इजाद किया है। जो प्लाट नम्बर 266.आईएमटी मनेसार,गुड़गांव में अवस्थित है। प्रत्येक दिन वन स्टीप एंटी एचआईवी 1/2 टेस्ट नामक स्टीप तैयार की जाती है। जो इंसान के मन में जानलेवा एचआईवी/एड्स को लेकर पनपे भय को क्षणभर में ही दूर कर देता है। 

पटना जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र,धनरूआ के उप स्वास्थ्य केन्द्र, नदवां में शिविर लगाया गया। उप स्वास्थ्य केन्द्र के कार्यक्षेत्र की आंगनबाड़ी सेविका,आशा और एएनएम दीदी ने खबर प्रसार कर दी। 13 नवम्बर,2014 को एचआईवी की जांच के लिए शिविर लगेगा। 200 से अधिक लोगों को समुचित जानकारी दी गयी। एचआईवी/एड्स के खूनी चंगुल के बारे में जागरूकता पैदा की गयी।विशेष तौर पर सुरक्षित संभोग, रक्तदान,इंजेक्सन आदि पर जोर दिया गया।

एचआईवी की जांच के लिए शिविर में 23 लोग आकर जांच किए। सभी को वन स्टीप एंटी एचआईवी 1/2 टेस्ट की गयी। स्टीप में स्लाइड, निड्ल और स्पीरिट का टुकड़ा रहता है। तब स्टीप को खोलकर एएनएम निड्ल निकालती हैं। निड्ल से शख्स की ऊंगली में चुम्बन कराया जाता है। ऊंगली से निकले रक्त के बूंद को स्लाइड पर गिराया जाता है। धीरे-धीरे रक्त नीचे आने लगता है। अगर एक लाइन से रक्त नीचे तक आ जाता है। तब शख्स के शरीर में एचआईवी का प्रवेश नहीं होना माना जाता है। अगर स्लाइट पर गिरा रक्त एक लाइन के बदले दो लाइन बना देता है। तो माना जाता है कि शख्स के शरीर में एचआईवी का संमक्रण है। ऐसे लोगों की समुचित जांच की जाती है। चिकित्सकों से परामर्श लिया जाता है। यह सब गोपनीय ढंग से किया जाता है। ऐसा करने से शख्स के सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल नहीं होता है। 



आलोक कुमार
बिहार 

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