भारतीय-अमेरिकी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साथ: ओबामा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 23 जनवरी 2015

भारतीय-अमेरिकी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साथ: ओबामा


भारत आने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफों के पुल बांधे हैं। ओबामा ने मोदी के चायवाले से पीएम बनने तक के सफर का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारतीयों की इच्छाशक्ति को दर्शाता है। ओबामा ने इसके साथ पाकिस्तान को भी चेताया है। ओबामा ने एक इंटरव्यू में कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारतीय-अमेरिकी साथ हैं और पाकिस्तान को आंतकियों की पनाहगाह नहीं बनने देंगे।

मोदी की तारीफ में ओबामा ने कहा, 'भारत को प्रमुख तौर पर क्या हासिल करना है, इसे लेकर मोदी का विजन एकदम साफ है। मैं उनकी ऊर्जा से खास प्रभावित हूं। मैं इस बात से भी प्रभावित हूं कि वह विकास के रास्ते में रोड़े अटकाने वाले मुद्दों को फौरन दूर करने को तैयार हैं।'

ओबामा ने कहा है कि अमेरिका पर हुए 9/11 हमले और भारत पर हुए 26/11 के हमले के बाद दोनों देश अपनी सुरक्षा के मामले पर साथ खड़े रहे। उन्होंने आगे कहा, 'मैंने पाकिस्तान से यह साफ कहा है कि अमेरिका आतंकवाद से निपटने में उसके साथ है पर वहां आतंकवाद को पनाह देना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मुंबई हमले के आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए

भारत के साथ मिलकर काम करने को लेकर ओबामा ने कहा, दोनों देशों के रिश्ते 21वीं सदी के लिए उदाहरण बन सकते हैं। दोनों देश आपस में नैचरल पार्टनर हैं। दोनों के पास लोकतंत्र है, उद्ममी समाज है और विज्ञान और तकनीक की दुनिया में दोनों आगे हैं।
  

अमेरिकी  राष्ट्रपति ने कहा, 'दोनों देश असल मायने में ग्लोबल पार्टनर हैं। शायद यही वजह है कि मैंने भारत के गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनना स्वीकार किया। मुझे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और भारत के लोगों के साथ इस समारोह में शामिल होने का इंतजार है। ओबामा बोले कि उन्होंने जी20 की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया है, जिससे भारत और दूसरी अर्थव्यवस्थाओं को भी प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के नए कलेवर में भारत को स्थाई सदस्य के तौर पर शामिल करने की भी वकालत की. यही नहीं, ओबामा ने कहा है कि उन्हें दो बार भारत दौरा करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बनने पर भी काफी खुशी है। वह 25 जनवरी को अपनी पत्नी मिशेल ओबामा के साथ भारत पहुंचेंगे। 

कोई टिप्पणी नहीं: