विविधता में एकता भारत का सौदर्य और ताकत: मोदी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 28 जनवरी 2015

विविधता में एकता भारत का सौदर्य और ताकत: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विविधता में एकता को भारत का सौंदर्य और ताकत बताते हुए आज कहा कि इसी से देशवासियों को सदा सर्वदा आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। मोदी ने यहां आर्मी परेड ग्राउंड में देशभर से आए राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके सामने आज लघु भारत है जो भविष्य के भारत का एक लघुरूप है। एनसीसी में अपने अनुभव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि कैडेट के रूप में हम समूह जीवन का अनुभव करते हैं और एकता के सूत्र की अनुभूति करते हैं।         

विविधता में एकता को भारत की सौंदर्य, ताकत और समृद्धि बताते हुए उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद पूरा देश घूमे कयोंकि वह देश को आत्मसात करना चाहते थे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी दक्षिण अफ्रीका से लौटकर यही काम किया और स्वतंत्रता सेनानी अबुल कलाम आजाद ने अपने गांव से दिल्ली तक के पहले सफर में विभिन्न संस्कृतियों से उनके परिचय का उल्लेख किया है। मोदी ने कहा कि आज यहां आकर मेरी बचपन की यादें ताजा हो गयी हैं। मैं भी एनसीसी कैडेट रहा। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, रक्षा राज्य मंत्री राव इंदरजीत सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राज्यसभा सदस्य जया बच्चन, खिलाड़ी अंजलि भागवत और लज्जा गोस्वामी तथा पुलिस अधिकारी रहीं किरण बेदी भी एनसीसी में कैडेट रहीं। मेरे यह लिए सौभाग्य की बात है।         

उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट के रूप में आपका दूसरे प्रांतों और क्षेत्रों के लोगों के साथ परिचय होता है और आपको संपूर्ण भारत का अनुभव होता है। आप परेड में हिस्सा लेते हैं तो केवल कदम ही नहीं मिलते हैं बल्कि मन मिलता है और मन मिल जाए तो आपको आगे बढ़ने की ताकत मिलती है। जब आप एनसीसी की वर्दी पहनते हैं तो आपको सीमा पर तैनात जवान के साथ एकात्मकता का एहसास होता है। देश की युवा शक्ति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश की 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम उम्र की है। जो देश इतना जवान हो, जिस देश के सपने इतने जवान हों, जिस देश की ऊर्जा इतनी जवान हो उस देश के कदम भी उसी जवानी के मुताबिक होते हैं।         

परेड में शामिल बालिका कैडेटों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने कहा गणतंत्र दिवस परेड स्त्री शक्ति को समर्पित थी। हमारे पास हर गांव हर परिवार में रानी लक्ष्मीबाई और जीजा माता पैदा हो रही हैं। देश की नारी शक्ति बहुत बड़ी धरोहर और ताकत है। स्वच्छ भारत अभियान का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कियह कोई कार्यक्रम नहीं है और न ही कोई इवेंट है बल्कि लोगों का स्वभाव बदलने का एक प्रयास है। साफ-सफाई की आदत बचपन से ही हमारे संस्कार में होने चाहिए। उन्होंने कहा कि एनसीसी को भी स्कूल, गांव, परिवार और समाज में स्वच्छता अभियान में भूमिका निभानी चाहिए क्योंकि यह भी मां भारती की सेवा का एक उत्तम जरिया है।         

मोदी ने कहा कि संयुकत राष्ट्र ने 21 जून को योग दिवस घोषित किया है। उन्होंने कहा कि योग आज भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि इसने वैश्विक रूप ले लिया है। देश के 11 लाख से अधिक एनसीसी कैडेटों को योग दिवस में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेकर विश्व रिकॉर्ड बनाना चाहिए। इससे पूरी दुनिया को मजबूत प्रेरक संदेश मिलेगा। उन्होंने ने कहा कि आज सेना का स्रूप बदल रहा है और वह शारीरिक ताकत पर निर्भर नहीं है। युद्ध लड़ने के लिए मानसिक ताकत सबसे बड़ी शक्ति है। आधुनिक तकनीक की महत्ता बढ़ गयी है। एनसीसी कैडेट आगे जाकर तकनीक में महारत हासिल करते हैं तो देश की सैन्य शक्ति में भी गुणात्मक बदलाव आ सकता है।         

इस मौके पर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, रक्षा राज्य मंत्री, रक्षा सचिव, तीनों सेनाओं के प्रमुख और एनसीसी के महानिदेशक मौजूद थे। परेड में देश के विभिन्न प्रदेशों के अलावा रूस, नेपाल, भूटान, श्रीलंका और वियतनाम के कैडेटों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान कैडेटों ने कई साहसिक करतब दिखाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।  

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