दिल्ली विधानसभा चुनाव की तरीखों का ऐलान आज संभव है। राज्य चुनाव आयोग की ओर से आज इस विषय पर एक अहम बैठक बुलाई गई है। सूत्रों की मानें तो चुनाव का कार्यक्रम इस तरह से बनाया जाएगा कि इसकी पूरी प्रक्रिया को फरवरी के दूसरे या तीसरे हफ्ते में पूरा कर लिया जाए। आयोग की नीति चुनावों को बच्चों की सालाना परीक्षाओं से पहले पूरी करने की है। सीबीएसई की परीक्षाएं 2 मार्च से शुरू हो रही हैं जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि चुनाव इससे पहले ही करवा लिए जाएंगे।
राज्य आयोग के लिए राहत की एक बात यह भी है कि देश में अभी फिलहाल किसी दूसरे राज्य में चुनाव नहीं है। लिहाजा, वोटिंग के दौरान अर्द्धसैनिक बलों की उपलब्धता को लेकर भी कोई समस्या नहीं है। सुरक्षा जानकारों की मानें तो दिल्ली में चुनाव के लिए सीआरपीएफ की 100 कंपनियां पर्याप्त होंगी। 2013 में दिल्ली में हुए चुनावों में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। लेकिन, कांग्रेस के सहयोग से अरविंद केजरीवाल ने राज्य में सरकार बनाई थी। हालांकि 49 दिन के बाद ही केजरीवाल ने फरवरी 2014 में इस्तीफा दे दिया था।
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