- - सहरसा एसएसए के अंतर्गत सहरसा, सुपौल व मधेपुरा जिले में महज 250 वाईमैक्स उपभोक्ता ही जोड़े जा सके हैंै जबकि लक्ष्य 1600 उपभोक्ताओं को जोड़ने का निर्धारित किया गया है
बीएसएनएल के ढीले रुख की वजह से कोसी क्षेत्र के लोग न्यूनतम समय में बिना किसी वायर के डाटा ट्रांसफर की सबसे गतिमान सेवा का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इस कारण फास्ट ब्राडबैंड सेवा, डाटा कार्ड, थ्री-जी सरीखे संचार निगम व निजी आपरेटर्स के अन्य विकल्प उपभोक्ता के दिमाग में घर कर गए। नतीजतन, वाईमैक्स के लिए कोसी इलाके में करोड़ों खर्चने के बाद 24 वाईमैक्स बीटीएस इंस्टाल तो किए गए, लेकिन लचर कार्यप्रणाली की वजह से पूरा नेटवर्क महज षो-पीस बनकर रह गया है। तीनों जिला मिलाकर करीब 250 कनेक्षन लेने वाले ये उपभोक्ता भी इसका इस्तेमाल नाम मात्र ही कर रहे हैं और संचार निगम अपेक्षित आमद भी नहीं जुटा पा रहा है। जिसके कारण बीटीएस को संचालित करने में आने वाला खर्च भी नहीं निकाल पा रहा है।
कोसी में वाईमैक्स की रफ्तार तेज नहीं हो पायी:
सूत्रों की मानें तो 64 करोड़ खर्च कर सूबे के हरेक जिले में 512 वाईमैक्स बीटीएस इंस्टाल किए जाने की योजना है। वहीं कोसी क्षेत्र में कुल 24 टावर्स के सहारे सहरसा, सुपौल व मधेपुरा में वाईमैक्स की सेवाएं दी जा रही हैं। बता दें कि विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार निगम अधिकारियों की लचर व्यवस्था व कर्मियों के अभाव के कारण तीन वित्तीय वर्श में सहरसा एसएसए के अंतर्गत महज करीब 250 वाईमैक्स उपभोक्ता ही जोड़े जा सके हैंै जबकि लक्ष्य 1600 उपभोक्ताओं को जोड़ने का निर्धारित किया गया है। लापरवाही की वजह से सूबे में वाईमैक्स की रफ्तार तेज नहीं हो पाई है।
वाईमैक्स की खूबियां:
1. इसमें यूजर्स को ब्राडबैंड एक्सेस के लिए 256 केबीपीएस से लेकर 08 एमबीपीएस तक की स्पीड मिलती है.
मसलन अच्छी स्पीड पर ब्राउजिंग का लाभ भी।
2. इसको कहीं भी बिना वायर के इस्तेमाल कर सकते हैं।
3. अपने कस्टमर प्रीमाइज इक्विपमेंट के साथ घर या दफ्तर में कहीं भी घूमते हुए इंटरनेट एक्सेस कर सकते हैंै।
4. अलग से फोन कनेक्षन या लाइन की जरुरत नहीं होती है।
5. वाई-फाई की तुलना में अगली पीढ़ी का वायरलेस ब्राडबैंड होने के कारण वाईमैक्स अधिक तेज स्पीड पर इंटरनेट से जुड़ता है।
6. वाई-फाई से तेज व व्यापक कवरेज उपलब्ध कराता है।
लिहाजा, बाढ़ प्रभावित कोसी क्षेत्र में जहां केबल कट होने के कारण अक्सर जहां ंिलंक फेल होने की समस्या आड़े आती है वहीं वाईमैक्स जैसी वायरलेस सेवाएं बेषक क्षेत्र के लोगों के लिए राहत देने वाली साबित हो सकती हैै।
कहते हैं अधिकारी:
इस बाबत टीडीएम, सहरसा एसएसए कहते हैं कि विभागीय कर्मियों की कमी व उदासीनता के कारण वाइमैक्स जैसी बेहतरीन सुविधाएं लोगों को मयस्सर नहीं है। उन्होंने कहा कि इस वर्श वाइमैक्स सेवाएं बहाल करने की हर कवायद को अंजाम दिया जाएगा। वहीं जेटीओ नीरज कुमार कहते हैं कि होर्डिंग्स व पैंफलेट्स के जरिये आमजनों के बीच वाईमैक्स की खूबियां गिनाई जा रही हैं ताकि लोग इसे बेहतर विकल्प के तौर पर इस्तेमाल में लायें।
कुमार गौरव,
मधेपुरा.

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