औद्योगिक घराने को तुष्ट करने के लिए अध्यादेश राज : नीतीश - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 4 जनवरी 2015

औद्योगिक घराने को तुष्ट करने के लिए अध्यादेश राज : नीतीश

for-business-faimily-land-ordinance-said-nitish
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाईटेड :जदयू: के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार ने आज कहा कि केन्द्र सरकार बड़े बड़े औद्योगिक घराने को तुष्ट करने के लिए ..चोर दरवाजे.. से अध्यादेश राज चलाने में लगी हुई है । श्री कुमार ने यहां पार्टी की सलाहकार समिति की बैठक के बाद संवाददाताों से बातचीत में कहा कि केन्द्र सरकार ने चोर दरवाजे से भूमि अधिग्रहण कानूनश2013 में संशोधन किया है । उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि भूमि अधिग्रहण अध्यादेश लाने के लिए इतनी बेचैनी क्यों थी। उन्होंने कहा कि सही मायने में देश के बड़े बड़े औद्योगिक घराने को तुष्ट करने के लिए जल्दबाजी मेंयह अध्यादेश लाया गया है । 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्यादेश के बहाने केन्द्र की सरकार अधिकारों का अतिक्रमण कर रही है । विधायी शक्तियों का अपमान किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून में जो संशोधन किया गया है वह काफी खतरनाक है । बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए यह चिंता की बात है । श्री कुमार ने कहा कि योजना आयोग में सुधार की आवश्यकता थी लेकिन पंचवर्षीय योजना के मध्य में ही इसे भंग कर दिया गया 1 राज्यों के विकास के लिए धन की व्यवस्था कहा से होगी यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है । 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दल के विलय की सैद्धांतिक सहमति बन गयी है और इसकी प्रक्रिया चल रही है । उन्होंने कहा कि विलय के बाद जो भी दल बनेगा उसका एक मात्र मुद्दा ..सुशासन.. ही रहेगा

कोई टिप्पणी नहीं: